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    डिमेंशिया को न्योता देती हैं ये 3 आदतें, एम्स न्यूरोलॉजिस्ट की सलाह- आज ही इनसे बना लें दूरी

    Updated: Wed, 21 Jan 2026 10:51 AM (IST)

    क्या आप जानते हैं आपकी ही कुछ आदतें आपके दिमाग को उम्र से पहले बूढ़ा बना रही हैं? जी हां, हमारी मॉडर्न लाइफस्टाइल में हम अनजाने में ही ऐसी कई आदतें अप ...और पढ़ें

    डिमेंशिया का खतरा बढ़ाती हैं ये आदतें (Picture Courtesy: Freepik)

    डिमेंशिया का खतरा बढ़ाती हैं ये आदतें (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। यह सच है कि उम्र बढ़ने के साथ याददाश्त का कम होना या शरीर में कंपन महसूस होना सामान्य माना जाता था। लेकिन एक सच यह भी है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में डिमेंशिया और पार्किंसंस जैसी बीमारियां समय से पहले दस्तक दे रही हैं। 

    ये दोनों ही बीमारियां हमारे दिमाग की काम करने की क्षमता को प्रभावित करती हैं। इसके पीछे डॉक्टरों का मानना है कि जेनेटिक्स के अलावा हमारी लाइफस्टाइल भी इन बीमारियों को न्योता देने में बड़ी भूमिका निभाती है। इसलिए अगर आप अपने दिमाग को बुढ़ापे तक स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका सहरावत बताती हैं कि तीन आदतों को आज ही छोड़ना जरूरी है। ये तीन आदतें कौन-सी हैं आइए जानें।  

    7-8 घंटे से कम की नींद लेना

    नींद केवल शरीर की थकान मिटाने के लिए नहीं, बल्कि दिमाग की सफाई के लिए भी जरूरी है। जब हम सोते हैं, तो हमारा दिमाग 'ग्लाइम्फैटिक सिस्टम' के जरिए टॉक्सिन्स को बाहर निकालता है। इनमें एमिलॉयड-बीटा प्रोटीन भी शामिल है, जिसका सीधा संबंध अल्जाइमर और डिमेंशिया से है।

    इसलिए जो लोग नियमित रूप से 6 घंटे से कम सोते हैं, उनके दिमाग में हानिकारक प्रोटीन जमा होने लगते हैं, जो ब्रेन सेल्स को नष्ट कर देते हैं। पूरी नींद के लिए रात को एक ही समय पर सोने की आदत डालें और सोने से 1-2 घंटा पहले मोबाइल का इस्तेमाल बंद कर दें।

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    ब्रेकफास्ट स्किप करना

    सुबह का नाश्ता हमारे दिमाग के लिए फ्यूल की तरह काम करता है। रात भर की फास्टिंग के बाद, दिमाग को ग्लूकोज की जरूरत होती है ताकि वह अपना काम सही से कर सके। इसलिए लोग नाश्ता नहीं करते, उनमें पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिससे 'ब्रेन एट्रोफी' यानी दिमाग के सिकुड़ने का खतरा बढ़ जाता है। यह डिमेंशिया की शुरुआत हो सकती है।

    ऐसे में जरूरी है कि आप अपने नाश्ते में ओमेगा-3 फैटी एसिड, नट्स और ताजे फल शामिल करें। ये दिमाग के सेल्स की मरम्मत में मदद करते हैं।

    एक्सरसाइज न करना

    शरीर की सुस्ती दिमाग की सुस्ती का कारण बनती है। एक्सरसाइज करने से शरीर में ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे दिमाग को भरपूर ऑक्सीजन और पोषक तत्व मिलते हैं। लेकिन एक्सरसाइज की कमी से मोटापे और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है, जो पार्किंसंस और डिमेंशिया के दो बड़े रिस्क फैक्टर्स हैं। शारीरिक रूप से एक्टिव न रहने पर दिमाग में डोपामाइन का स्तर गिर सकता है, जो पार्किंसंस की मुख्य वजह है। इसलिए रोजाना कम से कम 30 मिनट की ब्रिस्क वॉकिंग, योग या कोई भी एक्सरसाइज जरूर करें।