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    पैकेटबंद खाने का 'स्वाद' पड़ सकता है जान पर भारी, प्रिजर्वेटिव्स से बढ़ रहा डायबिटीज और कैंसर का खतरा

    Updated: Fri, 09 Jan 2026 10:45 AM (GMT+05:30)

    क्या आप जानते हैं कि पैकेट बंद खाने को लंबे समय तक खराब होने से बचाने के लिए जो केमिकल्स इस्तेमाल किए जाते हैं, वे आपकी सेहत के लिए भारी पड़ सकते हैं? ...और पढ़ें

    पैकेट बंद खाने में मौजूद 'प्रिजर्वेटिव्स' बन सकते हैं डायबिटीज और कैंसर की वजह (Image Source: AI-Generated)

    पैकेट बंद खाने में मौजूद 'प्रिजर्वेटिव्स' बन सकते हैं डायबिटीज और कैंसर की वजह (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली।मेडिकल जर्नल्स 'नेचर कम्युनिकेशंस' और 'द बीएमजे' में पब्लिश रिजल्ट्स के मुताबिक, प्रिजर्वेटिव्स के ज्यादा सेवन और गंभीर बीमारियों के बीच सीधा संबंध पाया गया है। शोधकर्ताओं ने 2009 से 2023 के बीच 1 लाख से ज्यादा फ्रांस के लोगों के खान-पान और हेल्थ डेटा का विश्लेषण किया। 14 साल तक चले इस 'न्यूट्रीनेट-सैंट' अध्ययन में यह देखा गया कि प्रिजर्वेटिव्स का हमारे शरीर पर क्या असर पड़ता है (Health Risks of Packaged Food)।

    packaged foods

    (Image Source: Freepik)

    डायबिटीज का खतरा

    'नेचर कम्युनिकेशंस' में प्रकाशित अध्ययन टाइप-2 डायबिटीज और प्रिजर्वेटिव्स के बीच संबंध खोजने वाला दुनिया का पहला अध्ययन है। इसके नतीजे बेहद चिंताजनक हैं:

    • शोध में कुल 17 प्रिजर्वेटिव्स की जांच की गई, जिनमें से 12 का ज्यादा सेवन टाइप-2 डायबिटीज के खतरे को बढ़ाने वाला पाया गया।
    • जिन लोगों ने कुल मिलाकर प्रिजर्वेटिव्स का हाई इनटेक किया, उनमें डायबिटीज होने का खतरा 47% तक ज्यादा था।
    • नॉन-एंटीऑक्सीडेंट प्रिजर्वेटिव्स के मामले में यह खतरा 49% और एंटीऑक्सीडेंट एडिटिव्स के मामले में 40% ज्यादा पाया गया।

    स्टडी की कोऑर्डिनेटर मैथिल्ड टौवियर ने कहा कि हालांकि इन नतीजों की पुष्टि के लिए अभी और शोध की जरूरत है, लेकिन यह पहले से मौजूद उन एक्सपेरिमेंट्स से मेल खाते हैं जो बताते हैं कि ये केमिकल्स हानिकारक हो सकते हैं।

    Ultra Processed Foods

    (Image Source: Freepik)

    कैंसर से जुड़ा खतरा

    'द बीएमजे' में प्रकाशित कैंसर से जुड़े अध्ययन में पाया गया कि हालांकि सभी प्रिजर्वेटिव्स कैंसर का कारण नहीं बनते, लेकिन कुछ विशेष रसायनों का ज्यादा सेवन खतरे को बढ़ा सकता है:

    • पोटैशियम सॉर्बेट (Potassium Sorbate): इसका ज्यादा सेवन ओवरऑल कैंसर के खतरे को 14% और ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को 26% तक बढ़ा सकता है।
    • सोडियम नाइट्राइट (Sodium Nitrite): यह प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को 32% तक बढ़ा सकता है।
    • पोटैशियम नाइट्रेट (Potassium Nitrate): इससे ब्रेस्ट कैंसर का खतरा 22% ज्यादा पाया गया।
    • सल्फाइट्स (Sulfites): इनका संबंध ओवरऑल कैंसर के खतरे में 12% की बढ़ोतरी से पाया गया।
    • एसीटेट्स और एसिटिक एसिड: इनका संबंध भी कैंसर के बढ़ते जोखिम से जुड़ा हुआ मिला।

    शोधकर्ताओं का मानना है कि ये केमिकल्स हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम और सूजन संबंधी रास्तों को बदल सकते हैं, जिससे कैंसर पनपने की संभावना बढ़ जाती है।

    क्या रहते हैं एक्सपर्ट्स?

    यूनिवर्सिटी कॉलेज डबलिन के प्रोफेसर विलियम गैलाघर ने कहा कि भले ही कैंसर की दर में यह बढ़ोतरी मामूली लग सकती है, लेकिन जब हम पूरी आबादी के स्तर पर इसे देखते हैं, तो यह एक महत्वपूर्ण और गंभीर मामला है।

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    चूंकि यह एक 'ऑब्जर्वेशनल स्टडी' थी, इसलिए शोधकर्ता सीधे तौर पर कारण और प्रभाव का दावा नहीं कर रहे हैं, लेकिन यह नतीजे काफी महत्वपूर्ण हैं। ऐसे में, उपभोक्ताओं को सलाह दी गई है कि वे पैकेट बंद या अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड के बजाय ताजा और कम से कम प्रोसेस्ड फूड्स को ही डाइट में शामिल करें।

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