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    महिलाओं से 10 साल पहले ही पुरुषों को घेरने लगती है दिल की बीमारी, नई रिसर्च में खुलासा

    Updated: Sat, 31 Jan 2026 08:25 AM (IST)

    दिल की सेहत को लेकर हाल ही में हुआ एक अध्ययन पुरुषों के लिए एक बड़ी चेतावनी लेकर आया है। इस शोध में पाया गया है कि पुरुषों में महिलाओं की तुलना में को ...और पढ़ें

    महिलाओं की तुलना में पुरुषों में पहले विकसित होता है हृदय रोग (Image Source: Freepik)

    महिलाओं की तुलना में पुरुषों में पहले विकसित होता है हृदय रोग (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. पुरुषों में दिल की बीमारी महिलाओं से पहले शुरू होती है

    2. 30 साल की उम्र से ही पुरुषों में दिखता है अंतर

    3. पुरुषों को 7-10 साल पहले होता है हार्ट डिजीज का जोखिम

    प्रेट्र, नई दिल्ली। क्या आप मानते हैं कि दिल की बीमारियां केवल बढ़ती उम्र की समस्या हैं? अगर आप एक पुरुष हैं, तो आपको अभी से सतर्क हो जाने की जरूरत है। एक नए और चौंकाने वाले अध्ययन ने खुलासा किया है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में कोरोनरी हार्ट डिजीज विकसित होने की प्रक्रिया कई साल पहले ही शुरू हो जाती है। जी हां, यह खबर युवाओं के लिए खतरे की घंटी से कम नहीं है। आइए, विस्तार से जानते हैं इस बारे में।

    Men heart disease risk age

    (Image Source: Freepik)

    30 साल की उम्र से ही दिखने लगता है फर्क

    अध्ययन के अनुसार, 30 वर्ष की आयु तक आते-आते दिल की बीमारियों को लेकर पुरुषों और महिलाओं के बीच का अंतर साफ दिखाई देने लगता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि यह समय पुरुषों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। अगर पुरुष युवावस्था में ही अपनी सेहत को लेकर जरूरी कदम उठा लें और सावधानी बरतें, तो आगे चलकर दिल के दौरे या अन्य जोखिमों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    एक जैसा लाइफस्टाइल, फिर भी खतरा क्यों अलग?

    नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता एलेक्सा फ्रीडमैन ने इस विषय पर एक बहुत ही महत्वपूर्ण बात कही है। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दशकों में धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसे खतरे अब महिलाओं और पुरुषों दोनों में समान रूप से देखे जा रहे हैं। इसके बावजूद, दिल की बीमारी होने का 'समय' अभी भी अलग है। यानी जोखिम कारक समान होने पर भी यह अंतर कम नहीं हुआ है।

    कैसे किया गया यह अध्ययन?

    यह अध्ययन 'अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन' के जर्नल में प्रकाशित किया गया है। इसमें शोधकर्ताओं ने केवल कोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर जैसे सामान्य मानकों पर ध्यान नहीं दिया, बल्कि जैविक और सामाजिक कारणों की भी गहराई से जांच की।

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    इस रिसर्च के लिए 18 से 30 वर्ष की आयु के 5,100 से अधिक वयस्कों को शामिल किया गया था। इसे "कोरोनरी आर्टरी रिस्क डेवलपमेंट इन यंग एडल्ट्स" नाम दिया गया और लोगों की सेहत पर लंबे समय तक नजर रखी गई।

    आंकड़े क्या कहते हैं?

    शोध के नतीजे बताते हैं कि पुरुषों को दिल की सेहत को लेकर ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है:

    7 साल पहले: पुरुषों में हृदय रोग का जोखिम 5 प्रतिशत तक पहुंचने में महिलाओं के मुकाबले लगभग सात साल कम समय लगता है। इसमें सबसे बड़ा हाथ कोरोनरी हार्ट डिजीज का होता है।

    10 साल का अंतर: अगर विशेष रूप से कोरोनरी हार्ट डिजीज की बात करें, तो पुरुषों में इसका जोखिम 2 प्रतिशत तक पहुंचने में महिलाओं की तुलना में एक दशक (10 साल) से भी अधिक पहले का समय लगता है।

    हालांकि, एक राहत की बात यह रही कि स्ट्रोक की दर दोनों ही लिंगों (स्त्री और पुरुष) में लगभग समान पाई गई।

    इस अध्ययन से स्पष्ट होता है कि पुरुषों को 30 की उम्र का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि युवावस्था से ही अपने दिल का ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए।

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