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हर 4 में से 3 भारतीयों के करीबी नेटवर्क में कोई न कोई मोटापे का शिकार, जंक फूड और सुस्ती बनी वजह

Published: Fri, 06 Feb 2026 02:53 PM (IST)

लोकलसर्किल्स के एक सर्वे के अनुसार, 76% भारतीयों के करीबी नेटवर्क में कोई न कोई मोटापे से जूझ रहा है। ...और पढ़ें

सर्वे ने बताया क्यों भारत के लिए खतरे की घंटी है मोटापा (Image Source: AI-Generated)

सर्वे ने बताया क्यों भारत के लिए खतरे की घंटी है मोटापा (Image Source: AI-Generated) 

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संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि आपके आसपास कितने लोग मोटापे से जूझ रहे हैं? एक हालिया सर्वे में बेहद चिंताजनक आंकड़े सामने आए हैं। लोकलसर्किल्स द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, 76% भारतीयों ने माना है कि उनके करीबी नेटवर्क (जैसे परिवार, दोस्त, कलीग और पड़ोसी) में एक या उससे ज्यादा व्यक्ति मोटापे का शिकार हैं। यह सर्वे न सिर्फ मोटापे की भयावह स्थिति को दर्शाता है, बल्कि इससे जुड़ी बीमारियों के बारे में भी आगाह कर रहा है।

Indias Obesity Surge

(Image Source: AI-Generated) 

क्या कहते हैं आंकड़े?

सर्वे में लोगों से पूछा गया कि उनके करीबी नेटवर्क में कितने लोग मोटापे से ग्रस्त हैं। इसके जवाब में जो आंकड़े आए, वे इस प्रकार हैं:

  • 12% लोगों ने कहा कि उनके नेटवर्क में "10 या उससे ज्यादा" लोग मोटापे का शिकार हैं।
  • 10% लोगों के अनुसार यह संख्या "7 से 9" के बीच है।
  • 20% लोगों ने कहा कि वे "4 से 6" ऐसे लोगों को जानते हैं।
  • 34% लोगों ने बताया कि उनके नेटवर्क में "1 से 3" लोग मोटापे से ग्रस्त हैं।
  • केवल 22% लोगों ने कहा कि उनके नेटवर्क में "कोई भी मोटापे का शिकार नहीं है"।

मोटापे और गंभीर बीमारियों का कनेक्शन

यह समस्या केवल वजन बढ़ने तक सीमित नहीं है। सर्वे से पता चला कि 56% लोगों के नेटवर्क में ऐसे मोटे व्यक्ति हैं जो लाइफस्टाइल से जुड़ी अन्य बीमारियों का भी सामना कर रहे हैं। जब लोगों से पूछा गया कि क्या उनके नेटवर्क के मोटे लोग डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हाई कोलेस्ट्रॉल या फैटी लिवर जैसी समस्याओं से भी जूझ रहे हैं, तो जवाब कुछ ऐसे थे:

Junk Food and Inactivity

(Image Source: AI-Generated)

  • 19% ने कहा, "हां, उन सभी को इनमें से एक या उससे ज्यादा हेल्थ इशूज हैं।"
  • 37% ने कहा, "हां, उनमें से ज्यादातर को ये समस्याएं हैं।"
  • 37% का कहना था कि कुछ लोगों को ये बीमारियां नहीं हैं, वे केवल मोटापे से ग्रस्त हैं।

खान-पान और सुस्त लाइफस्टाइल

सर्वे में शामिल लोगों ने मोटापे के लिए कई कारणों को जिम्मेदार ठहराया:

  • अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स: सबसे ज्यादा 68% लोगों ने इसे मुख्य कारण माना
  • सुस्त लाइफस्टाइल: 64% लोगों ने माना कि एक ही जगह बैठे रहने वाला लाइफस्टाइल इसका बड़ा कारण है।
  • एक्सरसाइज की कमी: 64% लोगों ने कसरत न करने को जिम्मेदार ठहराया
  • मेडिकल कंडीशन: 27% लोगों ने इसे अंडरलाइंग मेडिकल कंडीशन से जोड़ा

टियर 1 शहरों से लेकर गांवों तक सर्वे

यह सर्वे लोकलसर्किल्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से किया गया था, जिसमें भारत के 319 जिलों से 50,000 से ज्यादा प्रतिक्रियाएं हासिल हुईं।

  • सर्वे में 61% पुरुष और 39% महिलाएं शामिल थीं।
  • इसमें टियर 1 शहरों से 47%, टियर 2 शहरों से 26%, और टियर 3, 4 व ग्रामीण जिलों से 27% लोग शामिल थे।

यह सर्वे स्पष्ट रूप से दिखाता है कि मोटापा अब केवल एक व्यक्तिगत समस्या नहीं, बल्कि एक सामाजिक चिंता का विषय बन गया है।

Source: LocalCircles

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