यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
तेल या घी: लिवर को हेल्दी रखने के लिए क्या है ज्यादा सही? डॉक्टर ने दूर किया कन्फ्यूजन
अक्सर लोग इस बात को लेकर कन्फ्यूजन में रहते हैं कि लिवर को हेल्दी रखने के लिए तेल का इस्तेमाल करें या घी का। कई बार यह डर भी रहता है कि कहीं तेल या घी ...और पढ़ें

HighLights
- कई लोग तेल या घी को सेहत के लिए खराब मानते हैं।
- लिवर की बात आती है, तो कन्फ्यूजन और बढ़ जाती है।
- कुछ बातों का ख्याल रखकर आप लिवर को हेल्दी रख सकते हैं।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आप भी उन लोगों में से हैं जो अक्सर सोचते हैं कि लिवर को हेल्दी रखने के लिए तेल बेहतर है या घी? या फिर इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि कहीं इन्हें डाइट में शामिल करने से फैटी लिवर न हो जाए? अगर हां, तो यह आर्टिकल आपके लिए ही है (Oil vs Ghee For Liver Health)।
डॉ. आशीष कुमार का कहना है कि ये दोनों ही चीजें कोई जहर नहीं है जिसे खाने से आपको डरना पड़े। असलियत तो यह है कि तेल और घी, दोनों ही हमारी सेहत के लिए फायदेमंद हो सकते हैं, बस इन्हें सही तरीके और सही मात्रा में इस्तेमाल करना आना चाहिए।
दुश्मन नहीं हैं तेल और घी
घी और तेल को अक्सर दोषी ठहरा दिया जाता है, जबकि सच यह है कि ये खुद में जहर नहीं हैं। इनका सही मात्रा में सेवन करना पूरी तरह सुरक्षित है, लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब इनका इस्तेमाल सीमा से ज्यादा हो जाता है।
डॉ. आशीष कुमार बताते हैं कि तेल और घी दोनों में कैलोरी की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। ऐसे में, अगर इनका सेवन जरूरत से ज्यादा किया जाए, तो शरीर में एक्स्ट्रा कैलोरी जमा हो जाती है, जिससे वजन बढ़ता है और यही वजन आगे चलकर फैटी लिवर जैसी समस्याओं को जन्म देता है।
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कितनी मात्रा में लें घी और तेल?
अगर आप घी पसंद करते हैं, तो दिनभर में 1-2 चम्मच घी लेना ठीक है। इससे ज्यादा सेवन करने की जरूरत नहीं है। डॉक्टर का कहना है कि तेल और घी को मिलाकर भी आप कुल मिलाकर 3-4 चम्मच तक सीमित रखें।
याद रखें- "जितना जरूरी, उतना ही सही"। यह रूल लिवर हेल्थ के लिए बहुत कारगर है।
तेल का यूज करने के स्मार्ट तरीके
तेल सिर्फ मात्रा में कम हो, यह काफी नहीं है – कैसे और कौन-सा तेल इस्तेमाल किया जा रहा है, यह भी मायने रखता है:
- एक ही तेल बार-बार गर्म न करें, खासकर रिफाइंड तेल। इससे उसमें हानिकारक तत्व बनने लगते हैं।
- तेल को बदल-बदलकर इस्तेमाल करें – जैसे कुछ दिन सरसों का तेल, फिर मूंगफली का तेल, फिर सूरजमुखी या ऑलिव ऑयल। यह विविधता लिवर के लिए बेहतर है।
- डीप फ्राई या ज्यादा तला-भुना खाना अवॉइड करें, क्योंकि इसमें ट्रांस फैट्स बनते हैं जो लिवर को नुकसान पहुंचा सकते हैं।
क्या सभी लोग घी और तेल ले सकते हैं?
डॉक्टर का जवाब है- हां, अगर आप हेल्दी हैं या फैटी लिवर के शुरूआती स्टेज पर हैं, तो घी और तेल सीमित मात्रा में लेना सुरक्षित है, लेकिन अगर लिवर से जुड़ी कोई गंभीर समस्या है, तो डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी हो जाता है।
सही तरीका है बेहद जरूरी
घी और तेल को पूरी तरह से छोड़ देना जरूरी नहीं है। बस यह समझने की जरूरत है कि सेहतमंद लिवर के लिए बैलेंस सबसे जरूरी है। सीमित मात्रा में, सही तेलों का चुनाव करके और तले-भुने भोजन से बचकर आप घी और तेल का स्वाद भी ले सकते हैं और अपने लिवर को भी हेल्दी रख सकते हैं।