यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 06, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Oral health: मेनोपॉज के कारण हो सकती है ओरल हेल्थ की समस्याएं, इन तरीकों से कर सकते हैं बचाव
मेनोपॉज के दौरान महिलओं के शरीर में कई बदलाव होते हैं। इन बदलावों में ओरल हेल्थ में भी कई बदलाव हो सकते हैं जिन पर वक्त पर ध्यान देना बेहद जरूरी है। इ ...और पढ़ें

HighLights
- मेनोपॉज आमतौर पर 45-55 साल की उम्र के बीच होता है।
- इस दौरान ओरल हेल्थ से जुड़े कई लक्षण नजर आ सकते हैं।
- जानें क्या असर हो सकता है मेनोपॉज का ओरल हेल्थ पर।
नई दिल्ली, लाइफस्टाइल डेस्क। Oral Health: मेनोपॉज महिलाओं में होने वाली एक नेचुरल प्रक्रिया हैं, जो महिलाओं में 45-55 साल के बीच होती है। इसमें यूट्रस की लाइनिंग टूटनी बंद हो जाती है, ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस दौरान एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता है। यदि किसी महिला को 1 साल तक पीरियड्स नहीं होते, तो इसे मेनोपॉज माना जाता है।
यह भी पढ़ें: ओरल हेल्थ से जुड़ा है डिमेंशिया का खतरा, जानें कैसे रखें हाइजीन का ख्याल
मेनोपॉज और प्रीमेनोपॉज के दौरान होर्मोनल बदलाव होते हैं। इसके कारण कई शारीरिक और मानसिक बदलाव हो सकते हैं। हॉट फ्लैश, मूड स्विंग, नींद न आना मेनोपॉज के सबसे आम लक्षण हैं। हालांकि इन लक्षणों के अलावा आपके मुंह में भी कुछ बदलाव हो सकते हैं, जिन पर ध्यान देने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं क्या बदलाव हो सकते हैं आपकी ओरल हेल्थ में।
क्या है ओरल हेल्थ और मेनोपॉज का रिश्ता?
मेनोपॉज के दौरान महिलाओं में एस्ट्रोजन का लेवल कम हो जाता है। इन हार्मोनल बदलावों के कारण ऑस्टियोपोरोसिस, टिशूज कमजोर होना, मसूड़े कमजोर होना, पायरिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मेनोपॉज के दौरान दांतों में सड़न, दांतों का टूटना, मसूड़ों में इंफेक्शन, मुंह सूखने जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इस दौरान मुंह के टिशूज पतले होने लगते हैं, जिससे सेंसिटिविटी बढ़ने लगती है। इसके साथ ही सलाइवरी ग्लैंड भी कम लार बनाना शुरू कर सकते हैं। इस कारण से भी मुंह में इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है और मुंह में ड्राइनेस भी महसूस हो सकती है। एस्ट्रोजन के लेवल में कमी होने के कारण जबड़े भी कमजोर हो सकते हैं, क्योंकि इस हार्मोन की कमी के कारण हड्डियां कमजोर होने लगती हैं।

कैसे रख सकते हैं ओरल हाइजिन का ख्याल
- दिन में दो बार ब्रश करें।
- दांतो के साथ ही जीभ को भी साफ रखें।
- हर बार ब्रश करने के साथ-साथ फ्लॉस जरूर करें।
- हाई शुगर वाले फूड आइटम्स का सेवन कम करें।
- हमेशा खाना खाने के बाद कुल्ला करें।
- बैड ब्रेथ से बचने के लिए माउथ वॉश का इस्तेमाल करें।
- हर 6 महीने में डेंटिस्ट से चेकअप कराएं, ताकि कोई समस्या हो तो वक्त रहते उसका पता लगाकर इलाज किया जा सके।
- स्मोकिंग न करें।
- हाई कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन न करें।
यह भी पढ़ें: ओरल हेल्थ का ध्यान न रखने पर झेलनी पड़ सकती हैं ये परेशानियां
खबरें और भी
Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
Picture Courtesy: Freepik