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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बोतलबंद पानी को सुरक्षित समझकर पी रहे हैं? नुकसान जान लेंगे तो चकरा जाएगा आपका द‍िमाग

    Updated: Tue, 25 Mar 2025 09:34 AM (IST)

    अगर आप भी बोतलबंद पानी को सुरक्षित मान कर पी रहे हैं तो जरा संभल जाइए। इससे सेहत को कई नुकसान हो सकते हैं। FSSAI ने इसे हाई र‍िस्‍की माना है। अब आप सभ ...और पढ़ें

    सेहत के ल‍िए नुकसानदायक हो सकता है बोतलबंद पानी। (Image Credit- Freepik)
    सेहत के ल‍िए नुकसानदायक हो सकता है बोतलबंद पानी। (Image Credit- Freepik)

    HighLights

    1. बोतलबंद पानी पीने से कैंसर हो सकता है।
    2. हमेशा सुरक्षित व‍िकल्‍प को ही प्राथम‍िकता दें।
    3. प्‍लास्‍ट‍िक की बोतल का पानी नुकसान कर सकता है।

    लाइफस्‍टाइल डेस्‍क, नई द‍िल्‍ली। गर्मियों में पानी की ड‍िमांड काफी बढ़ जाती है। ऐसे में ज‍िन्‍हें ज्‍यादा देर तक बाहर रहना होता है, वे अक्‍सर बाहर से पानी खरीदकर पीते हैं। इसे ज्‍यादातर लोग सुरक्ष‍ित और प्‍योर वॉटर मानते हैं। लेक‍िन क्‍या ये वाकई सेहत के लि‍ए फायदेमंद है? भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बोतलबंद पानी को "हाई-रिस्क फूड" की कैटेगरी में डाल दिया है। यह कदम ग्राहकों के लिए इन पैकेज्‍ड बोतलों की क्‍वॉल‍िटी और सुरक्षा मानकों को सुधारने के इरादे से उठाया गया है। इसका मतलब है कि अब इस पर अधिक निगरानी और सख्त नियमों का पालन जरूरी होगा।

    क्यों बोतलबंद पानी को माना गया हाई-रिस्की?

    FSSAI के मुताब‍िक, कई बार बोतलबंद पानी की क्वालिटी जांचे बिना ही बाजार में बेच दी जाती है। इसके अलावा, इनकी पैकेज‍िंग के दौरान भी साफ-सफाई का व‍िशेष ध्‍यान नहीं रखा जाता है। ऐसे में इसमें हानिकारक बैक्टीरिया और केमिकल्स मिलने की आशंका रहती है। कई कंपनियां तय मानकों के अनुसार शुद्धिकरण प्रक्रिया का पालन नहीं करतीं हैं जिससे यह पानी सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

    सेहत को नुकसान पहुंचाते हैं ये कण

    आपको बता दें क‍ि बाहर म‍िलने वाले पानी की बोतलों में सिर्फ बैक्टीरिया ही नहीं, बल्कि प्लास्टिक के नैनोप्लास्टिक (ए‍क तरीह से सूक्ष्‍म कण) भी पाए जाते हैं। एक र‍िसर्च में ये पता चला है क‍ि एक लीटर पैकेज्ड पानी में लगभग 2,40,000 प्लास्टिक के कण हो सकते हैं। ये कण इतने छोटे होते हैं कि शरीर में आसानी से घुस जाते हैं। ये धीरे-धीर हमारे सेहत को गंभीर नुकसान पहुंचाते हैं।

    इन बीमार‍ियों का बढ़ जाता है खतरा

    नैनोप्लास्टिक शरीर में जाने के बाद हार्मोनल ड‍िस्‍बैलेंस, किडनी और लिवर से जुड़ी समस्याएं, पेट में समस्‍या और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसका मतलब है कि जो पानी हम ताजगी और स्वच्छता के नाम पर पी रहे हैं, वह हमारी सेहत को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचा रहा है।

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    कैसे पिएं शुद्ध पानी?

    • फिल्टर किया हुआ पानी पिएं। अगर नल का पानी सुरक्षित है तो उसे फ‍िल्‍टर कर लें।
    • स्टील या कांच की बोतल का ही इस्‍तेमाल करें।
    • अगर आप बाहर से बोतलबंद पानी खरीद रहे हैं तो उसकी क्‍वाल‍िटी पर जरूर ध्‍यान दें। ब्रांड पर भी ध्यान दें।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।