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    आपके कीबोर्ड और डेस्क से भी फैल सकता है 'पिंक आई'! ऑफिस में कंजंक्टिवाइटिस से रहें सावधान

    Updated: Sat, 08 Aug 2026 11:34 AM (IST)

    बारिश के मौसम में ऑफिस में कंजंक्टिवाइटिस तेजी से फैल सकता है, क्योंकि लोग एक ही जगह और चीजों का इस्तेमाल करते हैं। ...और पढ़ें

    कंजंक्टिवाइटिस से रहें सावधान (Picture Courtesy: Freepik)

    कंजंक्टिवाइटिस से रहें सावधान (Picture Courtesy: Freepik)

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    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश के मौसम में कंजंक्टिवाइटिस या पिंक आई की समस्या काफी बढ़ जाती है, लेकिन ये समस्या ऑफिस में और भी तेजी से फैल सकती है। ऑफिस का माहौल ऐसा होता है कि लोग घंटों एक ही जगह बैठकर साथ में काम करते हैं। एक ही मीटिंग रूम, पैंट्री, प्रिंटर, टेबल आदि का इस्तेमाल करते हैं। दिनभर इन चीजों को कई लोग छूते हैं, जिससे कंजंक्टिवाइटिस फैलने का खतरा काफी बढ़ जाता है। 

    सावधानी और स्वच्छता में लापरवाही की वजह से ये समस्या और तेजी से फैल सकती है। इसलिए आइए जानें इस मौसम में कंजंक्टिवाइटिस की चपेट में आने से बचने के लिए क्या करना चाहिए।

    क्या है कंजंक्टिवाइटिस?

    कंजंक्टिवाइटिस हमारी आंखों के सफेद हिस्से और पलकों के अंदरूनी हिस्से को ढलने वाली पतली झिल्ली में होने वाली सूजन या इन्फेक्शन है। जब इस झिल्ली में सूजन आ जाती है, तो आंख लाल या गुलाबी दिखाई देने लगती है। इसलिए इसे पिंक आई भी कहा जाता है। 

    ये समस्या कई कारणों से हो सकती है, जैसे- वायरल इन्फेक्शन, बैक्टीरियल इन्फेक्शन, एलर्जी, धूल या किसी दूसरे इरिटेन्ट की वजह से। एलर्जी के कारण होने वाला कंजंक्टिवाइटिस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता, लेकिन वायरल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन के कारण होने वाला पिंक आई काफी संक्रामक होता है। 

    कंजंक्टिवाइटिस फैलता कैसे है?

    • ऑफिस की इन्फेक्टेड चीजों को छूना
    • एक ही तौलिया या हैंड टॉवल शेयर करना
    • आई मेकअप प्रोडक्ट्स शेयर करना
    • दूसरे व्यक्ति के कॉन्टैक्ट लेंस या चश्मा इस्तेमाल करना
    • संक्रमित व्यक्ति के साथ बंद जगह में रहने से भी इन्फेक्शन फैल सकता है। 

    कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण कैसे होते हैं?

    इन्फेक्शन के कारण आंखे लाल या गुलाबी हो सकती है, आंखों से लगातार पानी आना, आंखों में जलन या खुजली होना, आंखों में कुछ चुभने जैसा महसूस होना, पलकों में सूजन, आंखों से चिपचिपा डिसचार्ज निकलना या ऐसा लगना जैसे आंखों में कुछ चला गया है। बैक्टीरियल कंजंक्टिवाइटिस में आंखों से डिसचार्ज निकलता है, जिससे सोकर उठने पर पलकें चिपक जाती हैं। ये लक्षण नजर आते ही डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।  

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    ऑफिस में कैसे करें बचाव?

    अपने हाथों को बार-बार धोएं। कम से कम 20 सेकंड तक साबुन और पानी से अपने हाथों को अच्छी तरह धोएं। कीबोर्ड, माउस, टेलीफोन, टेबल आदि की सफाई जरूरी है। अगर कोई कॉमन चीज इस्तेमाल कर रहे हैं, तो उसके बाद तुरंत अपने हाथ सैनिटाइज करें और अपनी आंखों को छूने से बचें। अपने कॉस्मेटिक्स, आई ड्रॉप्स, कॉन्टैक्ट लेंस जैसी चीजें किसी के साथ शेयर न करें। अगर आपको कंजंक्टिवाइटिस हो गया है, तो ठीक होने तक ऑफिस न आएं। 

    डॉक्टर से कब संपर्क करें?

    कंजंक्टिवाइटिस के लक्षण नजर आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है। खुद से आई ड्रॉप न लें। इससे समस्या बढ़ सकती है। हमेशा डॉक्टर से जांच करवाएं, ताकि वो आपको सही दवा दे सकें। इसके साथ ही, साफ-सफाई का ध्यान रखें। 



    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।