Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 27, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    ऑफिस में घंटों बैठकर करते हैं काम? तो बिगड़ सकता है पोश्चर और नर्व डैमेज का भी है रिस्क

    Updated: Thu, 27 Feb 2025 07:24 AM (GMT+05:30)

    आजकल लोगों के काम करने का तरीका काफी बदल चुका है। लोग घंटों-घंटों बैठकर (Prolonged Sitting Side Effects) काम करते हैं जिसकी वजह से सेहत को काफी नुकसान ...और पढ़ें

    हानिकारक हो सकता है घंटों बैठकर काम करना (Picture Credit- Freepik)
    हानिकारक हो सकता है घंटों बैठकर काम करना (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. इन दिनों लोग घंटों-घंटों बैठकर काम करते रहते हैं।
    2. इसकी वजह से कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं।
    3. ऐसे में काम के साथ अपनी सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। इन दिनों लोगों की लाइफस्टाइल में तेजी से बदलाव होने लगा है। खानपान के साथ ही लोगों का रहन-सहन भी काफी बदल चुका है। साथ ही आजकल हमारे काम करने का तरीका भी काफी हद तक बदल चुका है। इन दिनों कई लोग घंटों-घंटों अपनी ऑफिस चेयर पर बैठे लैपटॉप या सिस्टम चलात रहते हैं, लेकिन ज्यादा देर लगातार बैठना आपकी स्पाइन यानी रीढ़ की हड्डी के लिए हानिकारक हो सकता है।

    ज्यादा देर बैठे रहने के नुकसान

    इस बारे में मैरिंगो एशिया अस्पताल, फरीदाबाद में न्यूरोलॉजी के डायरेक्टर डॉ कुणाल बहरानी बताते हैं कि सीटिंग जॉब आपकी रीढ़ की हड्डी पर असर डाल सकती है, जिससे खराब पोश्चर, पीठ दर्द और यहां तक ​​कि नर्व संबंधी समस्याएं भी हो सकती हैं। चूंकि रीढ़ की हड्डी तंत्रिका तंत्र का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होती है, कोई भी गलत अलाइनमेंट या तनाव नर्व फंक्शन को प्रभावित कर सकता है, जिससे सुन्नता, कमजोरी या लंबे समय तक दर्द जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

    यह भी पढ़ें- इस रंग के फल में छुपा है सेहत का राज, रोजाना खाने से दूर होगा Depression

    रीढ़ की हड्डी नर्वस सिस्टम को कैसे प्रभावित करती है?

    हमारी रीढ़ की हड्डी स्पाइनल कॉर्ड की रक्षा करती है, जो ब्रेन और शरीर के बाकी हिस्सों के बीच संकेत पहुंचाने का काम करती है। ऐसे में कोई भी गलत अलाइनमेंट, जैसे कि खराब पोश्चर या लंबे समय तक बैठे रहना, नर्व कंप्रेशन का कारण बन सकता है, जिससे sciatica, माइग्रेन या यहां तक ​​​​कि ऑर्गन डिस्फंक्शन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में अपनी रीढ़ की हड्डी को हेल्दी रखने के लिए इन बातों का खास ध्यान रखें-

    • सही पोश्चर बनाए रखें- सीधी पीठ, कंधे रिलैक्स और पैर जमीन पर सपाट करके बैठें। साथ ही एर्गोनोमिक कुर्सियों का इस्तेमाल करें, जो पीठ के निचले हिस्से को सहारा दें।
    • बीच-बीच में ब्रेक लें- रीढ़ की हड्डी पर दबाव कम करने के लिए हर 30-45 मिनट में खड़े हों, स्ट्रेचिंग करें या चलें।
    • सही डेस्क सेटअप का इस्तेमाल करें- झुकने से बचने के लिए अपनी स्क्रीन को आंखों के लेवल पर और कलाइयों को अलाइन्ड रखें।
    • कोर की मांसपेशियों को मजबूत करें- एक मजबूत कोर रीढ़ को सहारा देती है, जिससे तनाव कम होता है। इसके लिए प्लैंक जैसे व्यायाम मददगार होते हैं।
    • हाइड्रेटेड रहें और अच्छा खाएं- सही हाइड्रेशन और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट स्पाइनल डिस्क को हेल्दी रखता है।
    • स्पाइनल स्ट्रेच की प्रैक्टिस करें- कैट-काउ या सीटेड ट्विस्ट जैसे सिंपल स्ट्रेच लचीलेपन को बनाए रखने में मदद करते हैं।

    यह भी पढ़ें-  मॉर्निंग या ईवनिंग वॉक: तेजी से Weight Loss के लिए दोनों में से क्या है ज्यादा फायदेमंद?

    खबरें और भी