मिर्गी का दौरा पड़ने पर जबरदस्ती पकड़ना या पानी पिलाना है खतरनाक, जानें फर्स्ट एड का सही तरीका
अगर किसी व्यक्ति को आपके सामने दौरा पड़े, तो उन्हें सुरक्षित रखने के लिए आपको कुछ बातों का जरूर ध्यान रखना चाहिए। ...और पढ़ें

एपिलेप्टिक सीजर में व्यक्ति की मदद कैसे करें? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। मिर्गी का दौरा यानी एपिलेप्टिक सीजर एक डरावना अनुभव किसी के लिए भी डरावना अनुभव हो सकता है। न केवल उस व्यक्ति के लिए जिसे दौरा पड़ रहा है, बल्कि पास खड़े लोगों के लिए भी।
इसलिए अक्सर घबराहट में लोग कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो मरीज के लिए हानिकारक हो सकती हैं। अगर आप किसी को दौरा पड़ते हुए देखें, तो आपकी प्राथमिकता उसे सुरक्षित रखना होनी चाहिए। आइए जानें एपिलेप्टिक सीजर आने पर मरीज को सुरक्षित रखते हुए, आप कैसे उनकी मदद कर सकते हैं।
दौरा आने पर मरीज को सुरक्षित कैसे रखें?
जब किसी व्यक्ति को दौरा पड़े, तो सबसे पहले खुद को शांत रखें। आपकी शांति मरीज को बेहतर सहायता प्रदान करने में मदद करेगी।
- साथ रहें- व्यक्ति को अकेला न छोड़ें। दौरा खत्म होने तक उनके पास रहें।
- आस-पास की जगह साफ करें- उनके आस-पास से ऐसी हर चीज हटा दें जिससे उन्हें चोट लग सकती है, जैसे- नुकीली चीजें, फर्नीचर या कांच।
- मेडिकल आईडी चेक करें- देखें कि क्या उन्होंने कोई मेडिकल ब्रेसलेट या कार्ड पहना है, जिससे उनकी बीमारी और इमरजेंसी कॉन्टैक्ट की जानकारी मिल सके।
- करवट दिलाएं- अगर व्यक्ति जमीन पर लेटा है, तो उसे धीरे से एक तरफ लिटा दें। इससे उनकी सांस की नली साफ रहेगी और लार या उल्टी के कारण दम घुटने का खतरा कम हो जाता है।
- समय का ध्यान रखें- दौरा शुरू होते ही घड़ी देखें। अगर दौरा 5 मिनट से ज्यादा चलता है, तो तुरंत एम्बुलेंस बुलाएं।
गंभीर दौरे के दौरान खास सावधानी
गंभीर दौरों में व्यक्ति बेहोश हो सकता है, गिर सकता है या उसका शरीर झटके खा सकता है। ऐसी स्थिति में-
- उन्हें धीरे से जमीन पर लेटाएं ताकि वे गिरकर खुद को चोट न पहुंचा लें।
- उनके सिर के नीचे कोई नरम और चपटी चीज रखें।
- अगर उन्होंने चश्मा पहना है, तो उसे उतार दें।
- टाई ढीली कर दें या शर्ट का बटन खोल दें, ताकि सांस लेने में आसानी हो।
क्या न करें?
दौरे के दौरान अक्सर लोग कुछ गलतियां करते हैं जिन्हें करने से बचना चाहिए-
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- पकड़ें नहीं- व्यक्ति को हिलने-डुलने से न रोकें और न ही उन्हें जोर से पकड़ें। इससे उन्हें या आपको चोट लग सकती है।
- मुंह में कुछ न डालें- यह एक बड़ा मिथक है कि मुंह में चम्मच या कपड़ा डालने से जीभ कटने से बचती है। असल में, ऐसा करने से उनके दांत या जबड़े टूट सकते हैं।
- पानी या खाना न दें- जब तक व्यक्ति पूरी तरह होश में न आ जाए और अलर्ट न हो जाए, उसे कुछ भी खिलाने या पिलाने की कोशिश न करें। इससे दम घुटने का खतरा होता है।
- सीपीआर न दें- दौरे के दौरान लोग आमतौर पर अपने आप सांस लेना शुरू कर देते हैं।
डॉक्टर को कब बुलाएं?
- दौरा 5 मिनट से ज्यादा समय तक चले।
- एक के बाद दूसरा दौरा तुरंत आ जाए।
- दौरा पानी के अंदर पड़ा हो।
- व्यक्ति प्रेग्नेंट हो, उसे डायबिटीज हो या वह घायल हो गया हो।
- अगर व्यक्ति को पहली बार दौरा पड़ा हो।
दौरा खत्म होने के बाद जब व्यक्ति होश में आए, तो उन्हें सुरक्षित स्थान पर बिठाएं, प्यार से बात करें और उन्हें समझाएं कि क्या हुआ था। उनके घर वालों को सूचित करने में उनकी मदद करें।