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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बढ़ती उम्र की वजह से आपको भी आ रही कंसीव करने में परेशानी, तो एक्सपर्ट से जानें 40 के बाद क्यों मुश्किल है प्रेग्नेंसी

    Updated: Tue, 18 Jun 2024 06:04 PM (IST)

    मां बनना लगभग हर महिला का ख्वाब होता है। हालांकि इन दिनों कई वजहों से शादी और फिर फैमिली प्लानिंग में देरी होने लगती है जिससे अक्सर कंसीव करने में परे ...और पढ़ें

    40 साल के बाद क्यों मुश्किल है मां बनना (Picture Credit- Freepik)
    40 साल के बाद क्यों मुश्किल है मां बनना (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. मां बनना सुखद अहसास होने के साथ ही चुनौतीपूर्ण भी होता है।
    2. खासकर अगर आप 40 के बाद बेबी प्लान कर रहे हैं, तो यह काफी मुश्किल होता है।
    3. ऐसे में इस उम्र में कंसीव करने में आने वाली दिक्कतों की सही जानकारी होना जरूरी है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। माता-पिता बनने का सपना लगभग हर कपल का होता है। यह एक सुखद अहसास होता है, जिसे हर कोई महसूस करना चाहता है। खासकर महिलाओं के लिए मां बनना काफी खास अहसास होता है। हालांकि, इन दिनों करियर को लेकर लोगों की बढ़ती महत्वाकांक्षाएं और अन्य कई वजहों से लोग देर से शादी और फिर फैमिली प्लानिंग करते हैं, जिसकी वजह से अक्सर बढ़ती उम्र में कंसीव करने में परेशानी आती है।

    ऐसे में यह जानना जरूरी है कि आखिर 40 की उम्र के बाद प्रेग्नेंट होना इतना मुश्किल क्यों होता है और किन वजहों से महिलाएं इस उम्र में कंसीव नहीं कर पाती है। इस बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने गुड़गांव के मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में वरिष्ठ निदेशक और यूनिट प्रमुख डॉ. पूजा मेहता से बातचीत की। साथ ही उन्होंने फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए कुछ टिप्स भी दिए।

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    फर्टिलिटी में कमी मुख्य वजह

    डॉक्टर बताती हैं कि 40 की उम्र के बाद कंसीव करने में मुश्किल होने का सबसे मुख्य कारण उम्र बढ़ने के साथ प्रजनन क्षमता यानी फर्टिलिटी में कमी आना है। उम्र के साथ ही एक महिला के अंडों की मात्रा और गुणवत्ता कम हो जाती हैं। एक महिला का ओवेरियन रिजर्व या बचे हुए अंडों की मात्रा 40 की उम्र तक आते-आते काफी कम हो जाती है। इसके अलावा जो अंडे जीवित रहते हैं, उनमें क्रोमोसोमल असामान्यताएं होने की भी ज्यादा संभावना होती है, जिससे कंसीव करने में समस्या हो सकती है और गर्भपात यानी मिसकैरिज की संभावना बढ़ सकती है।

    यह भी हो सकती है वजह

    इसके अलावा एक और अन्य महत्वपूर्ण कारक हार्मोनल वेरिएशन हैं, जो ओव्यूलेशन की फ्रीक्वेंसी और क्षमता पर प्रभाव डाल सकता है। डॉक्टर आगे कहती हैं कि जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, उनमें एंडोमेट्रियोसिस, फाइब्रॉएड जैसी पुरानी बीमारियों का खतरा भी बढ़ जाता है, जो फर्टिलिटी को प्रभावित कर सकती हैं। यहां तक कि कई आर्टिफिशियल रिप्रोडक्टिव टेक्नीक, जो कंसीव करने में सहायक होती है, महिला की उम्र बढ़ने के साथ उनकी सफलता दर में गिरावट आती है। इससे 40 के बाद आसान और स्वस्थ गर्भधारण कठिन हो जाता है।

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    फर्टिलिटी बढ़ाने के लिए अपनाएं डॉक्टर के बताए ये टिप्स

    • एंटीऑक्सीडेंट, जिंक और फोलिक एसिड से भरपूर संतुलित डाइट फॉलो करें।
    • लगातार व्यायाम करके स्वस्थ वजन बनाए रखें।
    • गहन गतिविधियों से दूर रहें, जो ओव्यूलेशन में बाधा डाल सकती हैं।
    • योग या ध्यान जैसी तनाव कम करने की तकनीकों का इस्तेमाल करें।
    • धूम्रपान, शराब और कैफीन से दूर रहें, क्योंकि यह प्रजनन क्षमता को खराब कर सकते हैं।
    • कंसीव करने के लिए सर्वोत्तम समय निर्धारित करने के लिए अपने ओव्यूलेशन पर नजर रखें।
    • नियमित स्वास्थ्य जांच कराने से अंतर्निहित समस्या की पहचान कर उसका समाधान करने में मदद मिल सकती है।
    • अगर लगातार समस्याएं बनी रहती हैं, तो रिप्रोडक्टिव प्रोफेशनल से सलाह जरूर लें।

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