पीरियड्स शुरू होते ही क्यों होती है चॉकलेट की तलब? समझें हार्मोन्स का वो खेल जो बढ़ा देता है आपकी क्रेविंग
कभी सोचा है पीरियड्स में मीठा खासकर चॉकलेट खाने का इतना मन क्यों करता है?

ज्यादातर महिलाओं और लड़कियों को पीरियड्स में मीठे की क्रेविंग होती है (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। पीरियड्स के दिनों में चॉकलेट या कोई मीठी चीज खाना आम बात है पर ज्यादातर लड़कियां और महिलाएं इसका कारण नहीं जानतीं। वो बस जानती है तो बस उस क्रेविंग को, जिसे कुछ मीठा खाकर ही शांत किया जा सकता है।
चलिए पीरियड्स और महिलाओं की क्रेविंग से जुड़े इस साइंस के बारे में जानते हैं।
पीरियड्स में क्यों होती है मीठे की क्रेविंग?
कुछ न कुछ खाने की तीव्र इच्छा जिसे हम आम बोलचाल में क्रेविंग कहते हैं, का सीधा संबंध शरीर में होने वाले हार्मोनल बदलावों से है। खासतौर से तब जब पीरियड्स शुरू हुए हों तो यह इच्छा ज्यादा बढ़ जाती है। इसके पीछे कई कारण जिम्मेदार है:
हार्मोनल बदलाव
सेक्स हार्मोन जैसे प्रोजेस्टेरोन और एस्ट्राडिओल में तेजी से उतार-चढ़ाव, ब्लड शुगर की स्टेबिलिटी कम हो जाना, सेराटोनिन एक्टिविटी का कम होना, घ्रेलिन और लेप्टिन जैसे भूख से जुड़े हार्मोन में बदलाव होना इसके लिए जिम्मेदार हैं।
शरीर में होने वाले ये सभी बदलाव किसी खास तरह के फूड के लिए हमारी क्रेविंग बढ़ा देते हैं, जिसकी वजह से हमें चॉकलेट और चीजकेक जैसी मीठी चीजों की क्रेविंग ज्यादा होती है।
शरीर की बुनियादी जरूरत का बढ़ना
पीरियड्स के दौरान शरीर की रेस्टिंग एनर्जी नीड्स यानी बुनियादी आवश्यकताएं बढ़ जाती है। ऐसे में शरीर को काम करने के लिए कैलोरी की खास जरूरत होती है। फिर अपने पसंदीदा फूड्स के बारे में ज्यादा सोचना हमें उन्हें खाने के लिए मजबूर कर देता है।
क्यों होती है चॉकलेट की सबसे ज्यादा क्रेविंग?
वैसे तो चॉकलेट ऐसी चीज है जिसे कोई भी मना नहीं कर पाता लेकिन पीरियड्स में इसकी क्रेविंग बहुत ज्यादा होती है। इसके पीछे दो खास वजहें हैं:
चॉकलेट के पोषक तत्व
चॉकलेट में शुगर, कार्ब्स, कैफीन के साथ मैग्नीशियम, ट्रिप्टोफैन, थियोब्रोमाइन और फेनिलएथिलामाइन जैसे पोषक तत्व होते हैं। पीरियड्स में इन सभी पोषक तत्वों की शरीर में खास कमी महसूस होती है।
हैप्पी हॉर्मोन की कमी
सेरोटोनिन एक फील गुड हार्मोन है, जिसे हम हैप्पी हार्मोन के नाम से भी जानते हैं। पीरियड्स के ल्यूटियल फेज यानी शुरू होने से 5-10 दिन पहले यह हार्मोन कम होने लगता है। ऐसे में मीठी चीजें इंस्टेंट मूड बूस्टर का काम करती हैं, फिर चाहे हम खमियाजा हमें आलस और सुस्ती के रूप में ही क्यों न भुगतना पड़े।
