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    क्या बढ़ती गर्मी का नवजात के दिमाग पर पड़ रहा है बुरा असर? रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली बात

    Updated: Wed, 15 Jul 2026 08:21 AM (IST)

    एक नए अध्ययन के अनुसार, गर्भावस्था या शुरुआती जीवन में उच्च तापमान के संपर्क में आने से बच्चों के दिमाग का विकास धीमा हो सकता है, खासकर 'थैलेमस' का। ...और पढ़ें

    नवजात को बढ़ते तापमान से बचाना क्यों है जरूरी? (Image Source: AI-Generated)

    नवजात को बढ़ते तापमान से बचाना क्यों है जरूरी? (Image Source: AI-Generated) 

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    प्रेट्र, नई दिल्ली। मौसम में लगातार हो रहा बदलाव और बढ़ती गर्मी हम सभी को परेशान कर रही है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह बढ़ता तापमान छोटे बच्चों की सेहत के लिए कितना खतरनाक है? हाल ही में हुए एक नए अध्ययन में एक बेहद चौंकाने वाली बात सामने आई है जो हर माता-पिता को जाननी चाहिए।

    दिमाग के विकास पर पड़ता है सीधा असर

    रिसर्च के मुताबिक, अगर कोई बच्चा गर्भावस्था या अपने जीवन के शुरुआती दिनों में उच्च तापमान के संपर्क में आता है, तो इससे उसके दिमाग का विकास धीमा हो सकता है।

    यह सीधा असर दिमाग के उस हिस्से पर पड़ता है जिसे 'थैलेमस' कहते हैं। थैलेमस हमारे दिमाग का मुख्य सूचना संसाधन केंद्र होता है, और अत्यधिक गर्मी के कारण इसकी ग्रोथ धीमी हो सकती है।

    किशोरावस्था में व्यवहार पर दिखता है प्रभाव

    जर्नल 'एनवायरनमेंट इंटरनेशनल' में प्रकाशित इस स्टडी में यह भी बताया गया है कि जिन बच्चों में थैलेमस का विकास धीमा होता है, किशोरावस्था में उनके व्यवहार में कई लक्षण देखने को मिलते हैं।

    • ऐसे बच्चों में आक्रामकता ज्यादा हो सकती है।
    • उनमें नियमों को तोड़ने की प्रवृत्ति भी देखी जा सकती है।

    हालांकि, एक राहत की बात यह है कि इस रिसर्च में बच्चों के सीखने या समझने की क्षमता (संज्ञानात्मक प्रदर्शन) और गर्मी के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया है।

    क्या कहते हैं शोधकर्ता?

    इस महत्वपूर्ण रिसर्च का नेतृत्व स्पेन के 'बार्सिलोना इंस्टीट्यूट फॉर ग्लोबल हेल्थ' के शोधकर्ताओं ने किया है। संस्था की शोध प्रोफेसर और इस रिसर्च की समन्वयक मोनिका गुक्सेंस ने इस विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

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    उन्होंने बताया कि पहले भी हुए अध्ययनों में गर्मी को मानसिक स्वास्थ्य और संज्ञान में बदलाव से जोड़ा गया था, लेकिन दिमाग की बनावट पर इसके प्रभाव की जानकारी बहुत कम थी। उनके अनुसार, जीवन के बिल्कुल शुरुआती चरणों में गर्मी के संपर्क में आने से बच्चों के दिमाग के विकास पर हमेशा के लिए एक स्थायी प्रभाव पड़ सकता है।

    कैसे करें बच्चों का बचाव?

    दुनियाभर में ग्लोबल वार्मिंग के कारण तापमान लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में प्रोफेसर मोनिका गुक्सेंस ने बचाव पर जोर दिया है। उनका कहना है कि गर्भावस्था और शिशु के जन्म के शुरुआती समय में उन्हें ज्यादा गर्मी से बचाना बहुत जरूरी है। गर्मी के संपर्क को कम करने के लिए उठाए गए छोटे-छोटे कदम भी बच्चों के दिमाग के स्वस्थ विकास की रक्षा करने में एक अहम भूमिका निभा सकते हैं।

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