पेट की चर्बी और दिमाग का बोझ: दोनों एक साथ कैसे घटाती है हाइकिंग? समझें इसके पीछे का साइंस
हाइकिंग सिर्फ पहाड़ों पर चढ़ने का नाम नहीं है, यह एक एक्सरसाइज भी है जो हेल्दी रखने में मदद करती है। ...और पढ़ें

हाइकिंग से सेहत को होने वाले फायदे (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। डिजिटल दुनिया में हमारा सारा दिन स्क्रीन के सामने ही बीत जाता है, जिसकी वजह से एक जगह बैठे रहना न सिर्फ वजन बढ़ाता है, बल्कि इसके चलते कोर्टिसोल लेवल भी हाई रहता है। फिर इन दिनों लाइफस्टाइल से जुड़ी इन्हीं दिक्कतों से छुटकारा पाने के लिए एक्सरसाइज ज्यादा से ज्यादा करने की सलाह दी जाती है। लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि कच्चे रास्तों पर चलना यानी हाइकिंग भी इसमें हमारी मदद कर सकती है।
हाइकिंग से सेहत को होने वाले फायदे
हाइकिंग रोजाना की वॉक या जॉगिंग से अलग है, पथरीले, ऊबड़-खाबड़ और चढ़ाई वाले रास्तों पर चलना हाइकिंग कहलाता है। यह भले ही लोगों के घूमने-फिरने का एक तरीका हो लेकिन यही हाइकिंग तेजी से कैलोरी बर्न करती है। इस तरह यह एक्सरसाइज का भी हिस्सा है जो पेट और पैर की मांसपेशियों को मजबूत रखती है।
कई शोध बताते हैं कि अगर कोई व्यक्ति प्रकृति के बीच 90 मिनट बिताता है तो इससे डिप्रेशन और ओवरथिंकिंग भी बहुत हद तक कम हो जाती है। साल 2019 इंटरनेशनल जर्नल ऑफ बायोमेटियोरोलॉजी की स्टडी कहती है कि हाइकिंग रेगुलर करने से कोर्टिसोल लेवल कम होता है। यूरोपीय जर्नल ऑफ एप्लाइड फिजियोलॉजी की साल 2011 की स्टडी के मुताबिक, हाइकिंग से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर लेवल को भी कम किया जा सकता है।
हाइकिंग को एक्सरसाइज का हिस्सा कैसे बनाएं?
हाइकिंग को एक्सरसाइज का हिस्सा बनाकर इससे ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाया जा सकता है, इसके लिए बातें फॉलो करें:
घर के आसपास पहाड़ी इलाके में हाइकिंग करने की सोचें।
लिफ्ट की जगह सीढ़ियां चढ़ें, इससे शरीर एक्टिव रहेगा।
लंजेस और ऊठक-बैठक जैसी एक्सरसाइज को फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाएं।
अगर कहीं पहाड़ी इलाकों में जाने की सोच रहे हैं तो ऐसी जगह चुनें जहां कम चढ़ाई हो। यह बॉडी को आदत डालने में मदद करेगा।
वहीं, चलने के लिए अच्छी क्वालिटी वाले जूते भी जरूरी हैं जो हल्के हो, ग्रिप अच्छी हो और आरामदायक भी।
हाइकिंग के लिए जाएं तो मौसम का हाल जान लें और धूप, बारिश देखकर तैयारी करें। अपने साथ पानी की बोतल रखना न भूलें।
हाइकिंग करने दूर पहाड़ी इलाकों में जाते समय अपनी सुरक्षा का भी ध्यान रखें। दोस्तों और बड़े ग्रुप्स के साथ जाने की अलावा अपने रूट की पूरी जानकारी परिवार वालों को भी जरूर बताएं।
यह भी पढ़ें- देर रात तक जागने और खाने की आदत बिगाड़ती है आपका मेटाबॉलिज्म, शरीर में होने लगते हैं गंभीर बदलाव
यह भी पढ़ें- हवा-पानी ही नहीं, दिल की धमनियों तक पहुंच रहा माइक्रोप्लास्टिक; सिगरेट पीने वालों को 6 गुना ज्यादा खतरा
Source: Harvard Health