सावधान! खून की कमी समझकर जिसे कर रहे इग्नोर, वो है थैलेसीमिया, डॉक्टर ने बताए 5 बड़े लक्षण
थैलेसीमिया के लक्षण अक्सर आयरन की कमी जैसे दिखते हैं, जिससे सही पहचान मुश्किल हो जाती है। डॉक्टर ने बताए ऐसे लक्षण, जिन्हें लोग अक्सर आयरन की कमी समझ ...और पढ़ें

खून की कमी नहीं थैलेसीमिया हो सकता है (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। थैलेसीमिया एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें व्यक्ति को जीवनभर नियमित रूप से ब्लड ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ती है। यह बीमारी आमतौर पर माता-पिता से बच्चों में आती है और इसलिए समय रहते इसकी पहचान करना जरूरी है। इसके लक्षण काफी आम होते हैं, जिसे लोग कई बार आयरन की कमी समझने की लगती कर लेते हैं।
यही वजह है कि बहुत से लोग लगातार थकान महसूस होने पर आयरन सप्लीमेंट का सहारा लेते हैं। आयरन की कमी से होने वाला एनीमिया आम है, लेकिन इसी तरह के लक्षण थैलेसीमिया के भी संकेत हो सकते हैं, जिसमें शरीर की हेल्दी हीमोग्लोबिन बनाने की क्षमता प्रभावित होती है। इन दोनों स्थितियों के लक्षण अक्सर एक जैसे होते हैं, जिससे लंबे समय तक सही समस्या की पहचान करना मुश्किल हो जाता है।
ऐसे में मेदांता गुरुग्राम में मेडिकल ऑन्कोलॉजी, बोन मैरो ट्रांसप्लांट, कैंसर केयर के सीनियर डायरेक्टर डॉ. सत्य प्रकाश यादव से जानते हैं 5 लक्षणों के बारे में, जिन्हें आमतौर पर आयरन की कमी समझ लिया जाता है, लेकिन असल में ये थैलेसीमिया के संकेत हो सकते हैं।
लगातार थकान
लगातार थकान महसूस होना आयरन की कमी और थैलेसीमिया दोनों का एक आम लक्षण है। हालांकि, अगर आयरन सप्लीमेंट लेने के बाद भी आपकी थकान दूर नहीं होती है, तो इसका कारण थैलेसीमिया हो सकता है। समस्या हीमोग्लोबिन की संरचना से संबंधित है, न कि आयरन लेवल से।
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स्किन में पीलापन
पीलापन आमतौर पर आयरन के कम स्तर से जुड़ा होता है, लेकिन थैलेसीमिया से पीड़ित लोगों में रेड ब्लड सेल्स के तेजी से टूटने के कारण स्किन में साफतौर पर पीलापन हो सकता है। अगर आपकी स्किन सामान्य पीली की बजाय ज्यादा पीली दिखती है, तो यह थैलेसीमिया का संकेत हो सकता है।
सांस फूलना
अगर सीढ़ियां चढ़ने या हल्की-फुल्की एक्टिविटी करने पर सांस फूलने लगे, तो अक्सर इसका पहला कारण आयरन की कमी को माना जाता है। हालांकि, थैलेसीमिया शरीर में ऑक्सीजन की आपूर्ति को भी कम कर सकता है, जिससे रोजमर्रा के कामों में सांस लेने में कठिनाई हो सकती है।
चक्कर आना और बार-बार सिरदर्द होना
कम ऑक्सीजन मिलने की वजह से सिरदर्द, चक्कर आना और ध्यान केंद्रित करने में कठिनाई हो सकती है। ये दोनों स्थितियां इन लक्षणों को साझा करती हैं, इसलिए सटीक निदान के लिए उचित ब्लड टेस्ट कराना बेहद जरूरी है।
ग्रोथ में रुकावट या कमजोर हड्डियां
बच्चों और किशोरों में, ग्रोथ स्लो होना या हड्डियों की कमजोरी को अक्सर पोषण की कमी मान लिया जाता है। लेकिन कुछ मामलों में, थैलेसीमिया बोन मैरो की एक्टिविटी और सामान्य विकास को प्रभावित करता है, जिससे इलाज न होने पर लंबे समय तक चलने वाली समस्याएं हो सकती हैं।
यह भी रखें ध्यान
यह समझना जरूरी है कि आयरन की कमी और थैलेसीमिया कभी-कभी एक साथ हो सकते हैं, जिससे निदान और उपचार मुश्किल हो जाते हैं। चूंकि आयरन सप्लीमेंट थैलेसीमिया का सही इलाज नहीं हो सकते हैं, इसलिए खुद कोई अंदाजा लगाना खतरनाक हो सकता है।
कुछ मामलों में, बहुत ज्यादा आयरन असल में अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। सही मेडिकल हेल्प, जिसमें ब्लड टेस्ट और फैमिली हिस्ट्री की समीक्षा शामिल है, सही कारण का पता लगाने और सही इलाज में मददगार साबित होगी।