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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 08, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    The White Lotus में दिखाया गया 'जहरीला फल' असल दुनिया में भी है मौजूद, एक निवाला भी ले सकता है जान!

    Updated: Tue, 08 Apr 2025 02:12 PM (IST)

    इन दिनों वेब सीरीज The White Lotus Season 3 की वजह से पोंग पोंग का फल काफी सुर्खियों में है। सीरीज में इस रहस्यमयी फल को खतरनाक जहर के रूप में दिखाया ...और पढ़ें

    हकीकत में पाया जाता है The White Lotus में दिखाया गया Poisonous Fruit (Image Source: Instagram)
    हकीकत में पाया जाता है The White Lotus में दिखाया गया Poisonous Fruit (Image Source: Instagram)

    HighLights

    1. ओथालांगा एक ऐसा फ्रूट है जो दिखने में आम लेकिन असर में जानलेवा होता है।
    2. इस फल के बीजों में मौजूद जहर 'सेर्बेरिन' दिल की धड़कन को रोक देता है।
    3. इसे खाने के बाद बिना इलाज के व्यक्ति की एक घंटे में मौत हो सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जरा सोचिए कि आप एक खूबसूरत, हरे-भरे बागीचे में टहल रहे हैं। पेड़ों पर एक चमकदार हरा फल झूल रहा है- देखने में इतना खूबसूरत कि जी करे, तोड़कर खा लें, लेकिन जैसे ही आप पहला निवाला लेते हैं, शरीर सुन्न होने लगता है, दिल की धड़कन धीमी पड़ने लगती है… और कुछ ही पलों में आपकी सांसें हमेशा के लिए थम जाती हैं।

    डरावना लगता है ना? मगर ये कोई फिल्मी सीन नहीं, बल्कि एक सच्चाई है, जो जुड़ी है एक खतरनाक फल से- जिसे लोग Suicide Fruit भी कहते हैं। हाल ही में वेब सीरीज The White Lotus Season 3 में इस रहस्यमय फल को दिखाया गया, और तभी से यह इंटरनेट पर चर्चा का विषय बन गया है। इस जहरीले फल का असली नाम है ओथालांगा (Othalanga), जो कि Cerbera Odollam नामक पेड़ पर उगता है, जिसे स्थानीय भाषा में Pong Pong Tree कहा जाता है। आइए इस आर्टिकल में विस्तार से आपको इसके बारे में बताते हैं।

    कहां पाया जाता है यह 'सुसाइड ट्री'?

    पोंग पोंग ट्री मुख्य रूप से दक्षिण एशिया, दक्षिण-पूर्व एशिया, प्रशांत द्वीप समूह, क्वींसलैंड और ऑस्ट्रेलिया के कुछ इलाकों में पाया जाता है। इस पेड़ के फल इतने जहरीले होते हैं कि सालों से इन्हें सुसाइड और हत्या जैसे मामलों में इस्तेमाल किया गया है। यही कारण है कि इसे "सुसाइड ट्री" यानी आत्महत्या वाला पेड़ भी कहा जाता है।

    दिखने में साधारण, मगर जानलेवा

    ओथालांगा फल देखने में किसी आम फल जैसा लगता है- गोल, हरा और चमकदार। हालांकि, इसके बीजों में छिपा होता है एक जानलेवा जहर, जिसका नाम है सेर्बेरिन (Cerberin)।

    सेर्बेरिन एक ऐसा तत्व है जो सीधे दिल की मांसपेशियों पर असर डालता है और दिल को धड़कना बंद कर देता है। इसे खाने के बाद कुछ ही समय में दिल की धड़कन पहले धीमी होती है और फिर अचानक रुक जाती है।

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    कैसे काम करता है इसका जहर?

    • सेर्बेरिन एक cardiac glycoside है – एक ऐसा केमिकल कंपाउंड जो दिल पर जबरदस्त असर डालता है।
    • यह शरीर में जाकर पोलराइजेशन प्रोसेस (जो दिल की मांसपेशियों को सिकुड़ने और फैलने में मदद करता है) को ब्लॉक कर देता है।
    • इससे दिल की धड़कन अनियमित हो जाती है और व्यक्ति बेहोश होकर मर सकता है।
    • “यह जहर शरीर के उस सिस्टम को जाम कर देता है जिससे दिल की धड़कन चलती है। जब ये सिस्टम बंद होता है, दिल काम करना बंद कर देता है और मौत हो जाती है।”

    कितने गंभीर हैं जहर के लक्षण?

    ओथालांगा के बीज को खाने के बाद कुछ ही घंटों में लक्षण दिखने लगते हैं:

    • जी मचलाना और उल्टी
    • पेट दर्द और दस्त
    • तेज या बहुत धीमी दिल की धड़कन (Bradycardia)
    • हार्ट ब्लॉक (दिल की गति रुक-रुक कर चलना या बंद हो जाना)
    • बेहोशी और अचानक मौत

    A Journal of Emergency Medicine के मुताबिक, ज्यादातर मामलों में उल्टी और हार्ट ब्लॉक सबसे आम लक्षण होते हैं।

    वह फल जिसने हजारों जिंदगियां लीं

    • इतिहास में भी इस जहर का उपयोग रहस्यमयी और खौफनाक तरीकों से हुआ है।
    • केरल (भारत) में एक शोध के अनुसार, 1989 से 1999 के बीच 50% पौधों से हुई मौतों के पीछे यही पेड़ था।
    • हर साल अनुमानित 3,000 मौतें इस फल और इसके रिलेटिव Sea Mango (Cerbera manghas) के कारण होती थीं।
    • मैडागास्कर में 19वीं सदी में जादू टोना साबित करने के लिए लोगों को यह फल खिला कर "सत्य परीक्षण" किया जाता था – अगर व्यक्ति बच गया, तो निर्दोष और अगर मर गया, तो दोषी माना जाता।

    इलाज है या नहीं?

    सबसे डरावनी बात ये है कि इस जहर का कोई सीधा इलाज (antidote) अब तक नहीं मिला है। डॉक्टर सिर्फ लक्षणों को मैनेज करने की कोशिश करते हैं, जैसे:

    • एट्रोपिन इंजेक्शन
    • Cardiac resuscitation (दिल की धड़कन को वापस लाने की प्रक्रिया)
    • अगर समय पर इलाज न हो पाए, तो व्यक्ति की मौत एक घंटे के अंदर भी हो सकती है।

    सावधानी ही सुरक्षा है

    आज जब हम प्राकृतिक चीजों की तरफ लौट रहे हैं, तब यह जरूरी है कि हर नेचुरल चीज सुरक्षित नहीं होती। ओथालांगा जैसा फल, जो दिखने में तो सुंदर है लेकिन अंदर से मौत लेकर आता है, इसका प्रमाण है।

    इसलिए अगर आप कभी दक्षिण या दक्षिण-पूर्व एशिया घूमने जाएं और कोई हरा-भरा फल दिखे- तो उसकी जानकारी लिए बिना खाने की गलती न करें क्योंकि इसका एक निवाला आपकी जिंदगी पर भारी पड़ सकता है।

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