क्या होगा अगर दिन भर में शरीर को मिले सिर्फ आधा लीटर पानी? हैरान कर देगा डॉक्टर का जवाब
क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप पूरे दिन में सिर्फ दो गिलास पानी (यानी लगभग आधा लीटर) पिएं, ...और पढ़ें

क्या होता है जब आप दिन भर में सिर्फ आधा लीटर पानी पीते हैं? (Image Source: Freepik)
HighLights
कई लोग शरीर की जरूरत से बहुत कम पानी पीते हैं।
पेशाब के रंग से पानी की कमी का पहला संकेत मिलता है।
पानी की कमी से चिड़चिड़ापन और बेचैनी भी बढ़ सकती है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम रोजाना पानी पीते तो हैं, लेकिन यह कम ही सोचते हैं कि शरीर को वास्तव में कितने पानी की जरूरत पड़ती है। अगर कोई व्यक्ति दिनभर में सिर्फ 500 मि.ली. यानी आधा लीटर पानी पिए (Daily Water Intake), तो शरीर धीरे-धीरे डिहाइड्रेशन की स्थिति में जाना शुरू कर देता है। यह कमी छोटी लग सकती है, लेकिन इसका असर शरीर के लगभग हर सिस्टम पर पड़ता है। आइए, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स के इंटरनल मेडिसिन में सीनियर कंसल्टेंट डॉ. सुरनजीत चटर्जी से समझते हैं इस बारे में।

खून गाढ़ा होने लगता है, दिल पर बढ़ता है बोझ
जब शरीर को पानी कम मिलता है, तो खून का गाढ़ापन बढ़ जाता है। खून को शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने में दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है। इससे दिल की धड़कन तेज लग सकती है या घबराहट महसूस हो सकती है।
सिरदर्द, चक्कर और फोकस में कमी
दिमाग 70% से ज्यादा पानी से बना होता है। पानी की कमी होने पर दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन और पोषक तत्व नहीं मिल पाते। इससे अक्सर ये समस्याएं दिखती हैं:
- लगातार सिरदर्द
- हल्का-हल्का चक्कर
- बहुत जल्दी थकान
- किसी बात पर ध्यान न लग पाना
किडनी पर दबाव और इन्फेक्शन का जोखिम
कम पानी में किडनी शरीर के टॉक्सिन्स को ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती।
इससे दो बड़ी दिक्कतें पैदा होती हैं:
- यूटीआई का खतरा बढ़ना
- किडनी स्टोन बनने की संभावना
- बता दें, किडनी को सही तरह से काम करने के लिए पर्याप्त पानी बेहद जरूरी होता है।

कब्ज और भारीपन महसूस होना
हमारी आंतें तभी सुचारू रूप से काम करती हैं जब शरीर में पर्याप्त पानी हो। आधा लीटर पानी पूरे दिन के पाचन के लिए काफी नहीं होता, जिसके कारण- कब्ज, पेट में भारीपन, खाना पचने में देरी जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं।
इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन और मांसपेशियों में खिंचाव
शरीर में पानी की कमी होने पर सोडियम-पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट असंतुलित हो जाते हैं। नतीजा- मांसपेशियों में खिंचाव, कमजोरी, लो ब्लड प्रेशर और बेहोशी तक आ जाना।
हीट एग्जॉशन का खतरा
शरीर पसीने के जरिए तापमान को नियंत्रित करता है, लेकिन जब पानी कम होगा, तो शरीर पसीना बनने से रोक देता है और इससे गर्मी में हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ जाता है।
कितना पानी पीना जरूरी है?
सामान्य परिस्थितियों में एक हेल्दी एडल्ट को 1.5 से 2 लीटर पानी रोज पीना चाहिए। गर्मियों में, ज्यादा मेहनत वाले काम में या एक्सरसाइज के दौरान यह मात्रा और बढ़ जाती है।
कुल मिलाकर, दिनभर में केवल 500 मि.ली. पानी पीना शरीर को लगातार डिहाइड्रेशन की तरफ ले जाता है। यह दिल, दिमाग, किडनी, पाचन और मांसपेशियों- सब पर असर डालता है। सही पानी की मात्रा सिर्फ प्यास बुझाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर के हर सिस्टम को सुचारू रूप से चलाने के लिए जरूरी है।
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