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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    देर रात तक जागने वाले हो जाएं सावधान! नींद की कमी दे सकती है इन 5 समस्याओं को दावत

    Updated: Mon, 10 Feb 2025 06:14 PM (IST)

    आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में देर रात तक जागना एक आम बात हो गई है। काम का दबाव एंटरटेनमेंट के तरीके और सोशल एक्टिविटीज के चलते लोग अक्सर अपनी नींद को ...और पढ़ें

    अलर्ट! देर रात तक जागने के हैं ये 5 गंभीर नुकसान (Image Source: Freepik)
    अलर्ट! देर रात तक जागने के हैं ये 5 गंभीर नुकसान (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. देर रात तक जागने से आपका स्लीपिंग शेड्यूल बिगड़ जाता है।
    2. अच्छी सेहत के रास्ते में यह आदत एक बहुत बड़ा रोड़ा होती है।
    3. नींद की कमी से थकान और चिड़चिड़ेपन जैसी कई समस्याएं हो सकती हैं।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। Late Night Sleep: मॉडर्न लाइफस्टाइल में देर रात तक जागना एक आम बात हो गई है। चाहे वह ऑफिस का काम हो, एग्जाम की तैयारी हो या फिर सोशल मीडिया और ऑनलाइन एंटरटेनमेंट के चक्कर में फंसना, लोग अक्सर रात को देर तक जागते हैं।

    हालांकि, यह आदत सेहत के लिए बेहद हानिकारक साबित हो सकती है। नींद की कमी न केवल फिजिकल हेल्थ पर असर डालती है, बल्कि मेंटल और इमोशनल बैलेंस को भी बिगाड़ सकती है। आइए जानते हैं कि नींद की कमी आपको किन 5 गंभीर समस्याओं (Health Risks Of Sleep Deprivation,) का शिकार बना सकती है।

    वजन बढ़ने की समस्या

    नींद की कमी और मोटापे के बीच गहरा संबंध है। जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो शरीर में हार्मोनल असंतुलन हो जाता है। ग्रेलिन (भूख बढ़ाने वाला हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है, जबकि लेप्टिन (भूख कम करने वाला हार्मोन) का स्तर कम हो जाता है। इसके कारण आपको बार-बार भूख लगती है, खासकर मीठा और हाई-कैलोरी वाला खाना खाने की इच्छा होती है।

    इससे वजन बढ़ने और मोटापे का खतरा बढ़ जाता है। साथ ही, नींद की कमी से शरीर की मेटाबॉलिक दर भी प्रभावित होती है, जिससे वजन कम करना मुश्किल हो जाता है।

    मेंटल हेल्थ पर नेगेटिव असर

    नींद की कमी का सीधा असर आपके मेंटल हेल्थ पर पड़ता है। पर्याप्त नींद न लेने से तनाव, चिंता और अवसाद जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। नींद के दौरान हमारा मस्तिष्क दिनभर की गतिविधियों को प्रोसेस करता है और तनाव को कम करता है।

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    जब नींद पूरी नहीं होती, तो मस्तिष्क ठीक से काम नहीं कर पाता, जिससे मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ापन और गुस्सा आने लगता है। लंबे समय तक नींद की कमी से गंभीर मानसिक विकार भी हो सकते हैं।

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    इम्युनिटी कमजोर होना

    नींद हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाती है। जब आप पर्याप्त नींद नहीं लेते हैं, तो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली कमजोर हो जाती है।

    इससे आप बार-बार बीमार पड़ सकते हैं, जैसे सर्दी-जुकाम, फ्लू और अन्य संक्रमण। नींद की कमी से शरीर में सूजन बढ़ सकती है, जो कई गंभीर बीमारियों जैसे हार्ट डिजीज, डायबिटीज और कैंसर का कारण बन सकती है।

    दिल की बीमारियों का खतरा

    नींद की कमी से हार्ट से जुड़ी समस्याएं भी हो सकती हैं। नींद के दौरान हमारा शरीर खुद को रिपेयर करता है और रक्तचाप को नियंत्रित करता है। जब नींद पूरी नहीं होती, तो ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है और हार्ट पर एक्स्ट्रा दबाव पड़ता है।

    इससे हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। लंबे समय तक नींद की कमी से कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बिगड़ सकता है, जो हृदय रोगों को और बढ़ावा देता है।

    याददाश्त और फोकस में कमी

    नींद हमारे मस्तिष्क के लिए बेहद जरूरी है। यह हमारी याददाश्त, सीखने की क्षमता और एकाग्रता को बनाए रखने में मदद करती है। नींद की कमी से मस्तिष्क की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है, जिससे याददाश्त कमजोर हो सकती है और नई चीजें सीखने में दिक्कत हो सकती है।

    इसके अलावा, नींद की कमी से एकाग्रता और निर्णय लेने की क्षमता भी प्रभावित होती है, जिससे दिनभर की गतिविधियों में गलतियां होने की संभावना बढ़ जाती है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।