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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 09, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    शरीर और दिमाग दोनों का कबाड़ा करते हैं Ultra Processed Foods, अच्छी Mental Health के लिए डाइट से करें बाहर

    Updated: Wed, 09 Oct 2024 05:07 PM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (Ultra Processed Foods) सिर्फ आपके शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग को भी बीमारी का घर बना देते हैं। जी हां 10 अक ...और पढ़ें

    Mental Health को बर्बाद करते हैं अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स, आज ही जान लें नुकसान (Image Source: Freepik)
    Mental Health को बर्बाद करते हैं अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स, आज ही जान लें नुकसान (Image Source: Freepik)

    HighLights

    1. हर साल 10 अक्टूबर के दिन World Mental Health Day मनाया जाता है।
    2. अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स न सिर्फ पाचन बल्कि दिमागी सेहत के लिए भी ठीक नहीं होते हैं।
    3. डाइट में अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स को शामिल करने से खराब मेंटल हेल्थ से जूझना पड़ सकता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। दुनियाभर में हर साल 10 अक्टूबर के दिन वर्ल्ड मेंटल हेल्थ डे (World Mental Health Day 2024) मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों के बारे में जागरूक करना और इसे प्रभावित करने वाले पहलुओं को लेकर सावधान करना है। ऐसे में, आज हम आपको अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स (Ultra Processed Foods) के बारे में बताएंगे जो सिर्फ आपकी फिजिकल ही नहीं, बल्कि मेंटल हेल्थ के लिए भी बेहद नुकसानदायक होते हैं। आइए जानें।

    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड क्या होते हैं?

    खाने-पीने की ऐसी चीजें जिन्हें जिनमें बहुत सारे केमिकल और प्रिजर्वेटिव मिलाए जाते हैं, उन्हें अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स में गिना जाता है। इनमें ब्रेड, बिस्किट, कोल्ड ड्रिंक्स, चिप्स, स्नैक्स, और रेडी-टू-ईट फूड्स शामिल होते हैं। सुपर मार्केट में आसानी से उपलब्ध ये चीजें आजकल भागदौड़ भरे लाइफस्टाइल में कई लोगों का रूटीन बन गई हैं, क्योंकि इन्हें पकाने में ज्यादा समय और मेहनत दोनों ही नहीं लगते हैं।

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    अल्ट्रा-प्रोसेस्ड्स फूड्स का मेंटल हेल्थ पर असर

    कई शोध में इस बात की पुष्टी हो चुकी है कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स के ज्यादा सेवन से उदासी, स्ट्रेस और डिप्रेशन जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं जो कि खराब मेंटल हेल्थ का कारण बनती हैं। चूंकि इस तरह के फूड्स आज बिजी लाइफस्टाइल में कई लोगों के रूटीन का हिस्सा बन चुके हैं, ऐसे में डिमेंशिया और डिप्रेशन जैसी समस्याओं के पीछे इस खानपान का बड़ा रोल होता है।

    डिप्रेशन और चिंता

    कई शोध बताते हैं कि अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स का ज्यादा सेवन डिप्रेशन और चिंता जैसे मेंटल इशूज के खतरे को बढ़ा सकता है। इन फूड आइटम्स में हाई क्वांटिटी में चीनी, नमक और सैचुरेटिड फैट होते हैं, जो ब्रेन के फंक्शन को प्रभावित करते हैं।

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    मूड स्विंग्स

    अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी और सैचुरेटिड फैट मूड स्विंग्स का कारण बन सकते हैं। जब हम इन फूड आइटम्स का सेवन करते हैं तो शुरुआत में हमें एनर्जी का एहसास होता है, लेकिन कुछ समय बाद हम थका हुआ और उदास महसूस करने लगते हैं।

    सूजन

    अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद ऑयल और अन्य तत्व शरीर में सूजन पैदा कर सकते हैं। सूजन दिमागी कामकाज को भी प्रभावित करती है और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं के जोखिम को बढ़ा देती है।

    नींद की समस्याएं

    अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड्स में मौजूद चीनी और कैफीन नींद की क्वालिटी को प्रभावित करते हैं। ऐसे में, नींद की कमी चिंता और डिप्रेशन जैसी समस्याओं को बढ़ा सकती है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।