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    30 से 50% तक बढ़ जाएगा विटामिन-डी का अब्जॉर्प्शन, सप्लीमेंट खाते समय बस इन बातों का रखें ध्यान

    Updated: Mon, 13 Apr 2026 12:54 PM (IST)

    विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए अगर आप सप्लीमेंट्स ले रहे हैं, तो साथ में कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। ...और पढ़ें

    विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेते समय रखें इन बातों का ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)

    विटामिन-डी सप्लीमेंट्स लेते समय रखें इन बातों का ध्यान (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। विटामिन-डी हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी पोषक तत्व है, जिसे शरीर धूप की मदद से बनाता है। लेकिन फिर भी ज्यादातर भारतीयों में इसकी कमी देखने को मिलती है। विटामिन-डी की कमी हड्डियों की कमजोरी के साथ-साथ कमजोर इम्युनिटी और डिप्रेशन जैसी समस्याओं की भी वजह बन सकता है। 

    विटामिन-डी की कमी दूर करने के लिए बाजार में कई सप्लीमेंट्स उपलब्ध हैं, लेकिन इसके बेहतर अब्जॉर्प्शन और पूरा फायदा हासिल करने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है। इस बारे में डॉ. सुधीर कुमार (MD, MS) बता रहे हैं। आइए जानें विटामिन-डी के बेहतर अब्जॉर्प्शन के लिए किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है। 

    फैट है सबसे जरूरी 

    विटामिन-डी एक फैट-सॉल्यूबल विटामिन है। इसका मतलब यह है कि यह पानी में नहीं घुलता; इसे आंतों की दीवार को पार कर ब्लड में मिलने के लिए फैट्स की जरूरत होती है। शोध बताते हैं कि अगर विटामिन-डी को दिन के सबसे हैवी मील, जिसमें हेल्दी फैट्स हो, के साथ लिया जाए, तो इसका अब्जॉर्प्शन 30% से 50% तक बढ़ सकता है।

    इसे खाली पेट लेने की गलती न करें। विटामिन-डी के सप्लीमेंट को अंडे, एवोकैडो, नट्स या फुल-फैट दही के साथ लें। आसान भाषा में कहें तो नो फैट, नो एब्जॉर्प्शन।

    Vitamin D Deficiency symptoms

    (AI Generated Image)

    विटामिन K2 को न करें अनदेखा

    विटामिन-डी कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन के लिए जरूरी है और विटामिन-K2 बताता है कि यह कैल्शियम कहां जाएगा। बिना K2 के विटामिन-डी लेना जोखिम भरा हो सकता है।

    जब शरीर में विटामिन-डी ज्यादा होता है और K2 की कमी होती है, तो कैल्शियम हड्डियों में जाने के बजाय आर्टरीज या किडनी में जमा होने लगता है। इसके कारण आर्टरीज सख्त हो जाती है और हार्ट डिजीज व किडनी स्टोन्स हो सकते हैं। विटामिन-K2 हड्डियों को कैल्शियम से बांधता है, जो कैल्शियम को सॉफ्ट टिश्यू और आर्टरीज से बाहर रखता है। 

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    मेंटल हेल्थ के लिए भी जरूरी

    न्यूरोलॉजिस्ट्स का मानना है कि विटामिन-डी केवल हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि दिमाग की सुरक्षा के लिए भी जरूरी है। इसकी कमी याददाश्त कमजोर होना और शरीर में सूजन से सीधे तौर पर जुड़ी है। यह मेटाबॉलिक हेल्थ और मूड को बेहतर बनाने में भी बड़ी भूमिका निभाता है।

    कैसे लें विटामिन-डी सप्लीमेंट?

    • D3 + K2 की जोड़ी- दिल की सुरक्षा और मजबूत हड्डियों के लिए।
    • फैट्स से भरपूर खाना- अब्जॉर्प्शन बढ़ाने के लिए फैट्स के साथ विटामिन-डी लें।
    • नियमितता- विटामिन-डी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए समय और खुराक पर ध्यान दें।
    • सबसे जरूरी बात- सप्लीमेंट शुरू करने से पहले एक बार अपना ब्लड टेस्ट जरूर करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें। बिना डॉक्टर से पूछे कोई भी सप्लीमेंट्स न लें।  

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