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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 14, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बिस्तर में पड़े-पड़े रातभर स्क्रॉल करते रहते हैं रील्स; तो पढ़ें ताजा स्टडी, तुरंत बदल लेंगे अपनी आदत

    Updated: Tue, 14 Jan 2025 05:00 PM (IST)

    शायद ही कोई ऐसा हो जो आजकल रील्स न देखता है। इन दिनों सोशल मीडिया हमारी रूटीन का हिस्सा बन चुका है। सुबह से लेकर रात तक लोग ज्यादातर समय रील्स स्क्रॉल ...और पढ़ें

    क्या आपकी भी है देर रात रील्स देखने की आदत? (Picture Credit- Freepik)
    क्या आपकी भी है देर रात रील्स देखने की आदत? (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. इन दिनों सोशल मीडिया हमारी लाइफ का अहम हिस्सा बन चुका है।
    2. सुबह से लेकर रात लोग ज्यादातर समय बस रील्स देखते रहते हैं।
    3. हालांकि, रील्स देखने की यह आदत हाई बीपी की वजह बन सकती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया इन दिनों हमारी लाइफस्टाइल का एक अटूट रिश्ता बन चुका है। सुबह उठते लोग आजकल सबसे पहले अपना सोशल मीडिया खंगालते हैं। वहीं, उनकी रात का साथी भी सोशल मीडिया और इस पर आने वाली रील्स ही होती है।

    इन दिनों लोग अपना टाइम पास करने और एंटरटेनमेंट के लिए यूट्यूब, इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिनभर रील्स स्क्रॉल कर रहते हैं। हालांकि, रील्स देखने की यह आदत आपकी सेहत को भारी नुकसान पहुंचाती है। इसकी वजह से आप न सिर्फ मेंटली बीमार पड़ सकते हैं, बल्कि इससे आपका बीपी भी बढ़ सकता है। हाल ही में हुई एक स्टडी में इस बारे में पता चला है।

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    क्या कहती है स्टडी?

    हाल ही में बीएमसी के एक अध्ययन में रात में रील्स देखने और हाइपरटेंशन के बीच एक चौंकाने वाला संबंध है। स्टडी में पता चला कि जो लोग रात में रील्स या शॉर्ट वीडियो देखते हैं, उन लोगों को हाई बीपी होने का खतरा ज्यादा होता है। इस शोध में चीन के 4,318 लोग शामिल थे, जो मुख्य रूप से युवा और वयस्क आयु वर्ग के थे।

    हाई बीपी का कारण बनती है रील्स

    इस अध्ययन का उद्देश्य यह तय करना था कि क्या सोते समय स्क्रीन पर बिताए गए समय और लोगों के ब्लड प्रेशर के लेवल विशेष रूप से हाई बीपी में कोई बदलाव के बीच संबंध है या नहीं। इसी क्रम में स्टडी में सामने आया कि सोने से पहले ज्यादा समय तक शॉर्ट वीडियो कंटेंट देखने से व्यक्ति के हाई बीपी से पीड़ित होने का खतरा ज्यादा था। इतना ही नहीं देर रात तक स्क्रीन का इस्तेमाल दिल से जुड़ी बीमारियों, विशेष रूप से वर्तमान युवा पीढ़ी में हाई ब्लड प्रेशर के लिए एक ट्रिगर की तरह काम कर सकता है।

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    क्या कहते हैं डॉक्टर?

    स्टडी में सामने आए नतीजों पर बेंगलुरु के हार्ट हेल्थ स्पेशेलिस्ट डॉ. दीपक कृष्णमूर्ति ने जो दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि एक डिस्ट्रैक्टशन और समय की बर्बादी के अलावा, रील की लत युवाओं और वयस्कों के लोगों में हाई ब्लड प्रेशर की वजह भी बनती है। ऐसे में उन्होंने इस तरह के शॉर्ट वीडियो को प्रमोट करने वाले एप्स और प्लेटफॉर्म को अनइंस्टॉल करने की भी सलाह दी।

    कैसे रील्स बनती है हाई बीपी की वजह?

    स्टडी में यह भी पता चला कि कैसे रील्स देखने का आदत हाई बीपी का खतरा बढ़ाती है। दरअसल, ट्रेडिशनल स्क्रीन टाइम, जिसमें टेलीविजन देखना, वीडियो गेम खेलना या कंप्यूटर पर काम करना शामिल है, आमतौर पर थोड़ी बहुत फिजिकल एक्टिविटी का कारण बनते हैं, लेकिन इसके विपरीत मोबाइल पर शॉर्ट वीडियो देखने पर किसी तरह की फिजिकल एक्टिविटी नहीं होती है और इसलिए हाइपरटेंशन जैसी समस्याओं के बढ़ने की संभावना होती है।

    कैसे करें अपना बचाव?

    स्टडी में सामने आए नतीजों के बाद शोध करने वाले रिसर्चर्स के मुताबिक युवाओं को सोने जाने से पहले स्क्रीन इस्तेमाल करने के समय के बारे में जागरूक होना चाहिए। इससे न सिर्फ हाई बीपी का खतरा कम होगा, बल्कि यह बेहतर नींद के साथ ही आपके पूरे स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाएगा। इसके साथ ही शोधकर्ताओं ने लोगों को रेगुलर एक्सरसाइज, हेल्दी डाइट और स्ट्रेस मैनेजमेंट जैसी आदतों वाली एक अच्छी लाइफस्टाइल फॉलो करने की भी सलाह दी।

    Source

    बीएमसी का रिसर्च पेपर: https://bmcpublichealth.biomedcentral.com/articles/10.1186/s12889-025-21360-z

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