हद से ज्यादा पानी पीना है लिवर के लिए धीमा जहर, पढ़ें क्या होता है Water Intoxication
डॉक्टर से लेकर घर के बड़े-बुजुर्ग तक, हर कोई भरपूर पानी पीने की सलाह देता है, लेकिन क्या आपने कभी ...और पढ़ें

जरूरत से ज्यादा पानी पीने से हो सकती है वॉटर इंटॉक्सिकेशन की परेशानी (Image Source: Freepik)
HighLights
जरूरत से ज्यादा पानी पीने से वॉटर इंटॉक्सिकेशन हो सकता है।
बहुत कम समय में बहुत ज्यादा पानी पीने से यह समस्या होती है।
किडनी और लिवर पर वॉटर इंटॉक्सिकेशन का बुरा असर पड़ सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हम सभी को बचपन से सिखाया जाता है कि पानी खूब पीना चाहिए। पानी शरीर को हाइड्रेट रखता है, थकान दूर करता है और शरीर को नेचुरली डिटॉक्स करने में मदद करता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बहुत ज्यादा पानी पीना भी नुकसानदायक हो सकता है? जी हां, ओवरहाइड्रेशन या पानी का अत्यधिक सेवन आपके शरीर के लिए उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना पानी की कमी। यह खतरा खासकर उन लोगों के लिए और भी बढ़ जाता है जिनके शरीर में पहले से ही लिवर से जुड़ी दिक्कतें मौजूद हैं। आइए, विस्तार से जानते हैं इसके बारे में।

क्या होता है ओवरहाइड्रेशन?
जब कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा पानी पीता है या शरीर पानी को जरूरत से ज्यादा रोक लेता है, तो यह स्थिति ओवरहाइड्रेशन कहलाती है। इसके गंभीर रूप वॉटर इंटॉक्सिकेशन या वॉटर पॉइजनिंग के रूप में दिखाई दे सकते हैं, जिसमें शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स तेजी से इंबैलेंस हो जाते हैं।
इसके कारण:
- खून में सोडियम का स्तर बहुत कम हो जाता है
- कोशिकाओं में पानी भरने लगता है
- कोशिकाएं सूजने लगती हैं
- गंभीर स्थिति में दिमाग की सूजन का खतरा
यह स्थिति जानलेवा भी हो सकती है, इसलिए पानी पीना जितना जरूरी है, उतना ही जरूरी है इसे संतुलित मात्रा में पीना।

क्या लिवर को नुकसान पहुंचता है ज्यादा पानी?
सामान्य और स्वस्थ व्यक्तियों में ज्यादा पानी सीधे-सीधे लीवर को नुकसान नहीं पहुंचाता, क्योंकि पानी फिल्टर करने का मुख्य काम किडनी करती है, लेकिन अगर किसी व्यक्ति को पहले से लीवर की बीमारी, सिरोसिस या एडवांस लिवर डिजीज है, तो पानी का अत्यधिक सेवन उसके शरीर में और ज्यादा फ्लूड जमा कर सकता है, जिससे कॉम्प्लिकेशन बढ़ जाते हैं।
- लिवर डैमेज के कारण प्रोटीन कम बनता है
- शरीर के भीतर पानी जमा होने लगता है
- सोडियम का स्तर गिर जाता है
- पेट और शरीर में सूजन बढ़ जाती है
ऐसे लोगों में, डॉक्टर अक्सर पानी का सेवन कम करने की सलाह देते हैं, न कि बढ़ाने की।

दूषित पानी भी बढ़ा सकता है खतरा
हमारे आसपास मिलने वाला पीने का पानी कई बार भारी धातुओं और प्रदूषकों से दूषित होता है। अगर पानी की टंकियां या फिल्टर नियमित रूप से साफ न किए जाएं, तो यह गंदगी सीधे शरीर में जा सकती है। यह स्थिति लिवर के लिए हानिकारक साबित हो सकती है, क्योंकि टॉक्सिन्स शरीर में जमा होते रहते हैं और लिवर पर तनाव बढ़ाते हैं।
अगर आप पानी जरूरत से ज्यादा पी रहे हैं, तो आपका शरीर कुछ खास संकेत देता है:
- बार-बार पेशाब आना
- बिल्कुल साफ (कलरलेस) पेशाब
- सिरदर्द और जी मचलाना
- हाथों-पैरों में सूजन
- थकान और मांसपेशियों में ऐंठन
ये संकेत बताते हैं कि पानी की मात्रा शरीर के इलेक्ट्रोलाइट्स को प्रभावित कर रही है और आपको सेवन तुरंत नियंत्रित करना चाहिए।

कितना पानी है आपकी बॉडी के लिए सही?
यह सोचना गलत है कि हर किसी को रोज 8 गिलास पानी पीना चाहिए। शरीर की पानी की जरूरत उम्र, मौसम, कामकाज और सेहत के अनुसार बदलती रहती है। आपके लिए सही मात्रा जानने का सबसे आसान तरीका है- पेशाब का रंग। हल्का पीला रंग हाइड्रेशन का सही संकेत है।
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Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।
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