वेट लॉस इंजेक्शन का कड़वा सच! रिसर्च में हुआ खुलासा, दवा छोड़ते ही शरीर में होता है ये बड़ा बदलाव
आजकल हर कोई वजन कम करने के लिए शॉर्टकट अपनाता है। इसके वह इंजेक्शन का सहारा लेते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक साबित होता है। ...और पढ़ें

मोटापा घटाने के लिए इंजेक्शन लेना सही या गलत? रिसर्च में हुआ खुलासा (Image Credit : Canva)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर काफी समय से वजन घटाने वाले इंजेक्शन चर्चा में हैं। कई लोग इनकी मदद से तेजी से वजन कम रहे हैं और अच्छे रिजल्ट भी पा रहे हैं, लेकिन क्या इसका असर हमेशा शरीर पर बना रहता है? हाल ही में ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा की गई एक स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ कि अगर दवा बंद कर दी जाए तो वजन फिर से तेजी से बढ़ सकता है। वजन कम करने के लिए सिर्फ इंजेक्शन लगवाना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ बातों का ध्यान भी रखना बेहद जरूरी है।
द ब्रिटिश मेडिकल जर्नल में पब्लिश स्टडी का कहना है कि वजन घटाने वाली दवाइयां बंद करते ही वजन दोबारा तेजी से बढ़ने लगता है। कई लोगों का तो एक साल के अंदर ही वजन बढ़ने लगता है।
क्या कहती है नई रिसर्च?
इस रिसर्च में 9,000 से ज्यादा एडल्ट्स पर की गई, जिनमें से 37 पर क्लीनिकल ट्रायल्स किया गया। इसके नतीजे काफी हैरान कर देने वाले थे। जिन लोगों पर टेस्ट किया गया, दवा बंद करने के बाद उनका वजन हर महीने लगभग 0.4 किलोग्राम बढ़ गया यानी कई लोगों का वजन लगभग 1.7 सालों में पहले जैसा हो गया।
नई GLP-1 दवाएं जैसे सेमाग्लूटाइड और टिरजेपेटाइड छोड़ने के बाद लोगों का वजन हर महीने लगभग 0.8 किलो तक बढ़ा है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि ये दवाएं भूख को कम करती हैं और शरीर के मेटाबॉलिज्म को बैलेंस रखती हैं। जब इन दवाइयों को खाना बंद कर दिया जाता है, तो शरीर फिर से पहले जैसा हो जाता है।
इसके लिए लंबे समय तक इलाज जरूरी
रिसर्चर्स का कहना है कि मोटापा अब एक क्रॉनिक कंडीशन है, जिसे हाइपरटेंशन या डायबिटीज जैसी कंडीशन की तरह लंबे समय तक इलाज की जरूरत होती है। हालांकि, मरीज इन दवाओं को ज्यादा कीमत और साइड इफेक्ट जैसे कारणों से छोड़ देते हैं। दवा बंद करते ही वजन का वापस बढ़ना साबित करता है कि इसके लिए लगातार देखभाल जरूरी है।
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लाइफस्टाइल में बदलाव जरूरी

(Image Source: AI-Generated)
विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापा एक ऐसी समस्या है, जिसे सिर्फ दवा से नहीं, बल्कि हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज के साथ कंट्रोल किया जा सकता है। डॉक्टर भी सलाह देते हैं कि किसी भी ट्रीटमेंट को शुरू करने से पहले अपनी लाइफस्टाइल और मेंटेनेंस के तरीकों पर चर्चा करना जरूरी है।