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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 22, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    महिलाओं को ज्यादा प्रभावित करती है Thyroid की समस्या, इन लक्षणों से करें इसकी पहचान

    Updated: Wed, 22 May 2024 10:20 PM (IST)

    थायरॉइड (Thyroid) एक गंभीर समस्या है जो इन दिनों कई लोगों को अपनी चपेट में ले रही है। खासकर महिलाएं इसका ज्यादा शिकार हो रही हैं। थायरॉइड असल में शरीर ...और पढ़ें

    क्या है थायरॉइड की समस्या (Picture Credit- Freepik)
    क्या है थायरॉइड की समस्या (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. थायराइड ग्लैंड हमारे शरीर में अहम भूमिका निभाता है।
    2. यह ग्लैंड थायराइड हार्मोन रिलीज करता है, जो शरीर में कई जरूरी कार्य करता है।
    3. हालांकि, इस हार्मोन में होने वाली गड़बड़ी की वजह से थायरॉइड की समस्या हो जाती है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। स्वास्थ्य ही असली धन है और हमारा शरीर कई तरीके से स्वास्थ्य के ऊपर नीचे होने पर संकेत देता है, जिसे अगर समय रहते पहचान लिया जाए, तो कई बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। इन्हीं संकेतों में से एक थायरॉइड (Thyroid) लेवल का बढ़ना और घटना है। सामान्य से दिखने वाले ये लक्षण जब लगातार बने रहते हैं, तो इन्हें सामान्य नहीं समझना चाहिए।

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    क्या है थायरॉइड?

    थायरॉइड हमारे शरीर की बहुत ही अहम और जटिल ग्लैंड है, जो शरीर की कई सारी प्रक्रियाओं के लिए जिम्मेदार है- जैसे एनर्जी लेवल बना कर रखना, गट और मेटाबोलिज्म संतुलित रूप से संचालित करना और संपूर्ण सेहत का ख्याल रखना। महिलाओं में थायरॉइड की समस्या ज्यादा होती है।

    शरीर में ये दो तरीके से असंतुलित हो सकते हैं-

    • हाइपर थायरॉइडिज्म- जब थायरॉइड ग्लैंड ज्यादा थायरॉइड हार्मोन बनाने लगे, तो यह समस्या होती है। यह एनर्जी के लेवल को बढ़ा देता है, पाचन क्रिया को असंतुलित कर देता है, जिससे डायरिया की समस्या उत्पन्न हो सकती है। इसमें वजन कम होने लगता है।
    • हाइपो थायरॉइडिज्म- जब थायरॉइड ग्लैंड पर्याप्त मात्रा में थायरॉइड हार्मोन न बना पाए, तो इसे हाइपो थायरॉइडिज्म कहते हैं। इससे एनर्जी लो हो जाती है, पाचन क्रिया प्रभावित होती है, कब्ज की समस्या बढ़ जाती है। इसमें वजन बढ़ने लगता है।

    थायरॉइड की कमी से हो सकती हैं ये समस्याएं-

    • ब्रेन फॉग- वैस्कुलर डिमेंशिया होने के कारण सोचने, समझने, निर्णय लेने या फोकस करने की क्षमता कम हो जाती है और छोटी-छोटी बातें भूलने लगत हैं, जिसे ब्रेन फॉग कहते हैं।
    • चेहरे में सूजन- हाइपोथायरॉइडिज्म से स्किन में शुगर के मॉलिक्यूल एकत्रित हो जाते हैं, जो पानी को अपनी ओर खींचते हैं। समय के साथ अधिक पानी एकत्रित होने के कारण चेहरे पर सूजन दिखने लगती है।
    • पलकों का झड़ना- इसे मेडेरोसिस भी कहते हैं। हाइपर हो या हाइपो–थाइरॉयडिज्म, दोनों ही केस में पलकें और सिर के बाल झड़ने लगते हैं।
    • वजन बढ़ना- एक्स्ट्रा नमक और पानी के एकत्रित होने से शरीर में सूजन सी आ जाती है, जिससे वजन बढ़ जाता है।

    अन्य समस्याएं

    • एंग्जायटी
    • थकान
    • ब्लोटिंग
    • बदन दर्द
    • हाथ पैर ठंडे होना
    • मैग्नीशियम की कमी
    • विटामिन बी1 की कमी
    • बढ़ा हुआ कोलेस्ट्रॉल

    अगर इनमें से किसी भी प्रकार के लक्षण का अनुभव आपको नियमित रूप से हो रहा है, तो तत्काल ब्लड टेस्ट कराएं और थायरॉइड की जांच कराएं। डॉक्टर के निर्देश पर दवा लेना शुरू करें और डाइट में जरूरी बदलाव लाएं। लाइफस्टाइल में कुछ मामूली बदलाव और नियमित दवा ले सेवन से थायरॉइड की समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है।

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