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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 12, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

हड्डियां कमजोर कर सकती है प्रेग्नेंसी में कैल्शियम की कमी, हर महिला को पता होना चाहिए ये जरूरी बात

Published: Sat, 12 Jul 2025 05:25 PM (IST)Updated: Sat, 12 Jul 2025 06:34 PM (IST)

कैल्शियम महिलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण पोषक तत्व है खासकर गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान। यह हड्डियों दांतों और हृदय ...और पढ़ें

महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है कैल्शियम (Picture Credit- Freepik)
महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है कैल्शियम (Picture Credit- Freepik)

HighLights

  1. प्रेग्नेंसी एक महिला के लिए बेहद अहम पड़ाव होता है।
  2. इस दौरान शरीर में सभी पोषक तत्वों का होना जरूरी है।
  3. कैल्शियम इन्हीं में से एक हैं, जिसकी कमी गंभीर हो सकती है।

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हमारे शरीर में कई सारे पोषक तत्व मौजूद हैं, जो शरीर को कई तरह के काम करने में मदद करता है। कैल्शियम इन्हीं में से एक है, जो एक जरूरी मिनरल है। यह हड्डियों और दांतों के निमार्ण के लिए जरूरी है और नर्व ट्रांसमिशन, मांसपेशियों के कार्य के साथ-साथ हार्ट हेल्थ में अहम भूमिका निभाता है।

खासकर महिलाओं की सेहत के लिए यह ज्यादा जरूरी है। ऐसे आज इस आर्टिकल में मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल, फरीदाबाद में एसोसिएट क्लिनिकल डायरेक्टर और ओब्सट्रेटिस्क- गाइनेकोलॉजिस्ट की हेड डॉ. श्वेता मेंदीरत्ता से जानते हैं महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है कैल्शियम। साथ ही जानेंगे प्रेग्नेंसी में कितना कैल्शियम जरूरी है और इसकी कमी होने के क्या नुकसान है।

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क्यों जरूरी है कैल्शियम?

डॉक्टर बताती हैं कि महिलाओं के लिए कैल्शियम बहुत ज्यादा जरूरी है, विशेष रूप से किशोरावस्था, गर्भावस्था और मेनोपॉज के दौरान यह ज्यादा जरूरी होता है। दरअसल, इस दौरान हार्मोनल बदलाव, डाइट में अंतराल और पोषण संबंधी आवश्यकताओं के कारण कैल्शियम की कमी होने की संभावना ज्यादा होती है। एस्ट्रोजन, जो कैल्शियम के अब्जॉर्प्शन में मदद करता है, मेनोपॉज के दौरान कम हो जाता है, जिससे हड्डियों के डैमेज और ऑस्टियोपोरोसिस का खतरा बढ़ जाता है।

प्रेग्नेंसी में कितना कैल्शियम जरूरी है?

प्रेग्नेंसी के दौरान, कैल्शियम और भी महत्वपूर्ण हो जाता है क्योंकि यह शिशु की हड्डियों, दांतों, दिल, मांसपेशियों और नर्व्स के विकास में मददगार होता है। अगर गर्भवती महिलाएं पर्याप्त कैल्शियम नहीं लेती है, तो भ्रूण उसकी हड्डियों से कैल्शियम खींचने लगता है, जिससे महिला को भविष्य में हड्डियों की समस्याओं का खतरा हो सकता है। गर्भवती महिलाओं को आमतौर पर उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के आधार पर रोजाना लगभग 1000-1300 मिलीग्राम कैल्शियम की जरूरत होती है।

महिलाओं में कैल्शियम की कमी के नुकसान

कैल्शियम की कमी से कई स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जिनमें कमजोर हड्डियां (ऑस्टियोपीनिया या ऑस्टियोपोरोसिस), दांतों की समस्याएं, मांसपेशियों में ऐंठन, थकान और असामान्य हार्ट रेट शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं में, इससे प्रीक्लेम्पसिया, कम वजन का शिशु और भ्रूण की हड्डियों के खराब विकास का खतरा बढ़ सकता है।

कैसे दूर करें कमी

इस कमी से बचने के लिए, महिलाओं को अपनी डाइट में कैल्शियम रिच फूड आइटम्स जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स, पत्तेदार सब्जियां, टोफू और फोर्टिफाइड अनाज शामिल करने चाहिए। साथ ही अगर पूरक आहार की जरूरत हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।

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