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    आम नहीं है नींद में बड़बड़ाने की आदत, जानें इसकी वजह और कैसे करें इसे मैनेज

    Updated: Wed, 20 Aug 2025 07:30 AM (IST)

    आपको लगता होगा कि सपना देखने के दौरान लोग नींद में बोलते होंगे लेकिन वैज्ञानिक अभी भी इस आदत को सौ फीसदी सपनों से जोड़कर नहीं देखते। नींद में बोलने की ...और पढ़ें

    नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग? जानें कारण और समाधान (Picture Credit- Freepik)
    नींद में क्यों बड़बड़ाते हैं लोग? जानें कारण और समाधान (Picture Credit- Freepik)

    HighLights

    1. नींद में बोलने की समस्या अक्सर कई लोगों को होती है।
    2. इसके पीछे कई सारे कारण हो सकते हैं।
    3. वैसे तो यह गंभीर नहीं है, लेकिन कई बार किसी बीमारियों का संकेत होता है।

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकन एकेडमी ऑफ स्लीप मेडिसिन के अनुसार 50% बच्चों को नींद में बोलने की आदत होती है, वहीं 5% एडल्ट ऐसा करते हैं। वैसे तो यह आदत नुकसानदेह नहीं, लेकिन इससे आपके पार्टनर की नींद पर असर पड़ सकता है और कई बार किसी मानसिक समस्या की ओर भी इशारा करता है। आइए जानते हैं कुछ लोग ऐसा क्यों करते हैं।

    मेंटल हेल्थ से हो सकता है कनेक्शन

    नींद में बड़बड़ाने या बात करने की आदत मेंटल हेल्थ से जुड़ी समस्याओं की वजह से भी हो सकता है,जैसे पोस्ट ट्रॉमेटिक डिस्ऑर्डर (PTSD), डिप्रेशन और एंग्जायटी। इसके अलावा भी कई और कारण हो सकते हैं:-

    • डिप्रेशन के इलाज के लिए ली जाने वाली दवाइयां
    • अन्य मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर
    • हाई ब्लड प्रेशर
    • मिर्गी
    • अस्थमा
    • स्लीप डिसऑर्डर

    अगर आपके पार्टनर को है नींद में बोलने की आदत

    आपको रात में इस वजह से नींद नहीं आ रही कि आपके पार्टनर को नींद में बात करने या बड़बड़ाने की आदत है तो आप ये ट्रिक्स आजमा सकते हैं:

    • ईयरप्लग या आवाज रोकने वाले हेडफोन्स लगाएं
    • अपने पार्टनर से पहले सोने चले जाएं ताकि आपकी नींद खराब ना हो
    • स्लीप टॉक को ट्रिगर करने वाले कारणों का पता लगाएं जैसे कोई स्ट्रेस, अल्कोहल या नींद की कमी
    • नींद में बोलने वालों को करवट लेकर सोने की आदत डालनी चाहिए।

    इससे मिल सकती है मदद

    अगर आपको नींद में बड़बड़ाने की आदत है और उसका कनेक्शन किसी मानसिक बीमारी से नहीं है तो आप इस तरह के उपाय कर सकते हैं:

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    • सोने का एक तय रूटीन बनाएं।
    • हर दिन सात से आठ घंटे की नींद लें।
    • सोने के कम से कम छह घंटे पहले तक कैफीन वाली चीजें ना लें।
    • शराब का सेवन कम कर दें।
    • नियमित रूप से एक्सरसाइज करें।
    • अपने कमरे में रोशनी जलाकर ना रखें और टेम्पचेचर सही रखें।
    • ऐसे में एक्सपर्ट से सलाह लें
    • अगर नींद में बोलने की आदत एकदम से शुरू हुई हो।
    • इसके साथ डर, चिल्लाना या आक्रामक व्यवहार रहता हो।
    • अगर आपको लगता है आपके बच्चे को नींद से जुड़ी कोई समस्या हो रही है।

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