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    क्या बढ़ती उम्र ही 'ब्रेस्ट कैंसर' का ट्रिगर पॉइंट है? नई रिसर्च में सामने आई चौंकाने वाली सच्चाई

    Updated: Thu, 02 Apr 2026 08:08 AM (IST)

    कैंब्रिज के वैज्ञानिकों ने 500 महिलाओं के डेटा से वो सच खोज निकाला है, जो लाखों जानें बचा सकता है। ...और पढ़ें

    टिश्यू मैपिंग से पता चला स्तन कैंसर का खतरा बढ़ने का कारण (Image Source: AI-Generated)

    टिश्यू मैपिंग से पता चला स्तन कैंसर का खतरा बढ़ने का कारण (Image Source: AI-Generated) 

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    प्रेट्र, नई दिल्ली। दुनिया भर में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी एक बड़ी चिंता ब्रेस्ट कैंसर है। हाल ही में वैज्ञानिकों ने ब्रेस्ट टिश्यू की एक नई 'मैपिंग' विकसित कर इस बीमारी को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है।

    इस तकनीक की मदद से यह समझने में आसानी हुई है कि आखिर क्यों बढ़ती उम्र के साथ महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर का खतरा बढ़ जाता है। यह महत्वपूर्ण शोध विज्ञान पत्रिका 'नेचर एजिंग' में प्रकाशित किया गया है।

    Breast tissue mapping

    (Image Source: AI-Generated) 

    कोशिकाओं का घटना और कैंसर का पनपना

    शोधकर्ताओं द्वारा तैयार की गई इस मैपिंग से पता चलता है कि जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, उनके टिश्यू में कोशिकाओं की संख्या घटने लगती है और वे कम हो जाती हैं। कोशिकाओं के इस तरह घटने से शरीर के अंदर एक ऐसा माहौल बन जाता है, जिसमें कैंसर की कोशिकाएं आसानी से पनप सकती हैं। यह अध्ययन विशेष रूप से यह समझने में बहुत मददगार है कि उम्र बढ़ने के साथ कैंसर का खतरा क्यों बढ़ता है और युवा महिलाओं के ट्यूमर की जैविक विशेषताओं में क्या अंतर होता है।

    ब्रेस्ट कैंसर का असली 'ट्रिगर' क्या है?

    कैंब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ता पुलकित गुप्ता ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि दुनिया भर में 20 लाख से भी ज्यादा महिलाएं स्तन कैंसर से प्रभावित हैं, लेकिन हमें इसके सही कारणों और इसके होने के समय के बारे में बहुत कम जानकारी है।

    उन्होंने समझाया कि जब शरीर में कोशिकाएं विभाजित होती हैं और अपनी नकल बनाती हैं, तो उनमें कुछ बदलाव (उत्परिवर्तन या म्यूटेशन) जमा होने लगते हैं, जो कैंसर को बढ़ावा दे सकते हैं। युवावस्था में तो शरीर इन खराब कोशिकाओं से आसानी से छुटकारा पा लेता है, लेकिन उम्र ढलने के बाद शरीर को ऐसा करने में काफी संघर्ष करना पड़ता है।

    Breast tissue mapping study

    (Image Source: AI-Generated) 

    ब्रेस्ट टिश्यू में उम्र के साथ कैसे आते हैं बदलाव

    इस अहम नतीजे तक पहुंचने के लिए वैज्ञानिकों ने एक बड़ा और व्यापक अध्ययन किया। उन्होंने खास इमेजिंग तकनीकों का इस्तेमाल करके 15 से 86 वर्ष की उम्र के बीच की 500 से अधिक महिलाओं के स्तन टिश्यू का विश्लेषण किया। इस जांच में उन महिलाओं के बायोप्सी के नमूने भी शामिल किए गए थे, जिन्हें कैंसर से जुड़ी कोई समस्या नहीं थी, बल्कि वे गैर-कैंसर संबंधी कारणों से लिए गए थे।

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    अपने शोध को पूरी तरह समझने के लिए, शोधकर्ताओं ने इन इमेज को हार्मोन रिसेप्टर्स, शरीर की रक्षा करने वाली प्रतिरक्षा कोशिकाओं और टिश्यू की संरचना के साथ मिलाकर देखा। इस प्रक्रिया से वे यह पता लगाने में पूरी तरह सक्षम हो गए कि समय बीतने के साथ महिलाओं के स्तन टिश्यू में किस तरह के प्राकृतिक बदलाव आते हैं।

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