क्यों लंबे समय तक बीमारी छिपाए रखता है लिवर, किन संकेतों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी?
कई मामलों में लिवर डैमेज का पता तब तक नहीं चलता, जब तक लिवर को गंभीर नुकसान न पहुंच चुका हो। ...और पढ़ें

लिवर डैमेज से रहें सावधान (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। खराब लाइफस्टाइल, जंक फूड, शराब और मोटापे की वजह से लिवर पर काफी दबाव पड़ता है और वह धीरे-धीरे खराब होने लगता है। सबसे खतरनाक बात है कि लिवर डैमेज का शुरुआती दिनों में पता ही नहीं चलता है और जब तक पता चलता है, स्थिति गंभीर हो चुकी होती है।
आइए जानें कि लिवर अपनी बीमारी कैसे छुपाए रखता है और इसके शुरुआती लक्षण कैसे होते हैं, जिन्हें नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
लिवर डैमेज का देर से पता चलने का कारण
लिवर की सबसे खास बात यह है कि यह खुद को ठीक करने में माहिर है। अगर लिवर का एक हिस्सा डैमेज हो जाए, तो बचा हुआ हिस्सा शरीर के कामों को जारी रखने के लिए अपनी क्षमता बढ़ा देता है। लिवर तब तक चुपचाप काम करता रहता है जब तक कि वह पूरी तरह से हार न मान ले। जब तक लिवर 70-80% तक खराब नहीं हो जाता, तब तक शरीर में कोई बड़े लक्षण दिखाई नहीं देते।
लिवर के भीतर दर्द महसूस करने वाली नसें नहीं होती हैं। दर्द तब महसूस होता है जब लिवर का आकार बढ़ जाता है और वह अपनी बाहरी परत पर दबाव डालता है। तब तक स्थिति काफी आगे बढ़ चुकी होती है।

इन शुरुआती लक्षणों को कभी न करें नजरअंदाज
लिवर डैमेज धीरे-धीरे बढ़ता है, इसलिए शरीर कुछ छोटे संकेत देता है। अगर आप समय रहते इन्हें पहचान लें, तो लिवर को गंभीर डैमेज से बचाया जा सकता है-
- लगातार थकान- यह लिवर डैमेज का सबसे आम लक्षण है। जब लिवर मेटाबॉलिज्म को ठीक से मैनेज नहीं कर पाता, तो शरीर में एनर्जी की कमी होने लगती है और व्यक्ति हर समय सुस्ती महसूस करता है।
- भूख में कमी और मतली- अगर आपको अचानक खाने की इच्छा कम हो गई है या बार-बार उल्टी जैसा महसूस होता है, तो यह संकेत है कि लिवर बाइल ठीक से रिलीज नहीं कर रहा है।
- पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में तकलीफ- पसली के ठीक नीचे दाहिनी ओर भारीपन या हल्का दर्द लिवर में सूजन का संकेत हो सकता है। इसे अक्सर लोग गैस या अपच समझकर छोड़ देते हैं।
- त्वचा में खुजली- जब लिवर ब्लड से बिलीरुबिन को साफ नहीं कर पाता, तो यह त्वचा के नीचे जमा होने लगता है, जिससे लगातार खुजली की समस्या हो सकती है।
- मल के रंग में बदलाव- सामान्य तौर पर मल का रंग बिलीरुबिन के कारण भूरा होता है। अगर मल का रंग मिट्टी जैसा पीला या बहुत हल्का हो जाए, तो यह लिवर या बाइल डक्ट में रुकावट का संकेत है।
बचाव ही है असली इलाज
लिवर को हेल्दी रखने के लिए सही डाइट, शराब से परहेज, नियमित एक्सरसाइज और बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचना आपके लिवर को लंबी उम्र दे सकता है।