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    30 के बाद हर महिला के लिए क्यों जरूरी है स्ट्रेंथ ट्रेनिंग? जानें 5 बड़े फायदे

    Updated: Sun, 22 Mar 2026 10:14 AM (IST)

    30 की उम्र के बाद मसल और बोन डेंसिटी बनाए रखने के लिए हर महिला को स्ट्रेंथ ट्रेनिंग पर ध्यान देना चाहिए। ...और पढ़ें

    30 के बाद कम होने लगती है महिलाओं की बोन और मसल डेंसिटी (Picture Courtesy: Freepik)

    30 के बाद कम होने लगती है महिलाओं की बोन और मसल डेंसिटी (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर बात एक्सरसाइज की हो, तो महिलाएं कार्डियो पर तो ध्यान देती हैं, लेकिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग को अक्सर नजरअंदाज कर देती हैं। इससे जुड़ी एक गलतफहमी काफी प्रचलित है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग से शरीर बल्की हो जाता है।

    इसलिए कई महिलाएं इसे अपने एक्सरसाइज रूटीन का हिस्सा नहीं बनातीं, लेकिन सच्चाई यह है कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग महिलाओं के लिए भी काफी जरूरी है, खासकर 30 के बाद। आइए जानें क्यों 30 की उम्र के बाद हर महिला को सट्रेंथ ट्रेनिंग जरूर करनी चाहिए।

    मांसपेशियों के नुकसान को रोकना

    30 की उम्र के बाद, महिलाएं स्वाभाविक रूप से हर दशक में अपनी मांसपेशियों का 3% से 5% हिस्सा खोने लगती हैं। इसे सार्कोपेनिया कहा जाता है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इस प्रक्रिया को न केवल धीमा करती है, बल्कि नई मांसपेशियों के निर्माण में भी मदद करती है, जिससे आप लंबे समय तक शरीर मजबूत रहता है और आप एक्टिव लाइफ जी सकती हैं।

    हड्डियों की मजबूती और ऑस्टियोपोरोसिस से बचाव

    30 की उम्र के बाद महिलाओं की बोन डेंसिटी कम होने लगती है। मेनोपॉज के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने के कारण यह प्रक्रिया और ज्यादा तेज होने लगती है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग इस प्रक्रिया को धीमा करने में मदद करता है, जिससे फ्रैक्चर का जोखिम कम होता है।

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    Strength Training Tips

    (AI Generated Image)

    मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करना

    क्या आपको महसूस होता है कि अब वजन घटाना पहले से मुश्किल हो गया है? इसका कारण धीमा मेटाबॉलिज्म है। मांसपेशियां, फैट की तुलना में ज्यादा कैलोरी बर्न करती हैं। आपके शरीर में जितनी ज्यादा लीन मसल होगी, आपका शरीर आराम करते समय भी उतनी ही ज्यादा कैलोरी जलाएगा, जिससे सही वजन बनाए रखना आसान हो जाता है।

    हार्मोनल बैलेंस और मेंटल हेल्थ

    स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज करती है, जो स्ट्रेस, एंग्जायटी और डिप्रेशन को कम करने में मददगार है। साथ ही, यह इंसुलिन सेंसिटिविटी में सुधार करती है, जिससे पीसीओडी और टाइप-2 डायबिटीज जैसी समस्याओं का खतरा कम होता है।

    बेहतर पोस्चर

    ऑफिस में घंटों बैठने या घर के काम करने से कमर और गर्दन में दर्द होना आम है। स्ट्रेंथ ट्रेनिंग आपकी कोर मसल्स को मजबूत बनाती है, जिससे आपका पोस्चर सुधरता है और पुराने दर्द से राहत मिलती है। इसके अलावा, बेहतर बॉडी पोस्चर के कारण आपका आत्मविश्वास भी बढ़ता है। 

    शुरुआत कैसे करें?

    स्ट्रेंथ ट्रेनिंग शुरू करने के पहले दिन ही भारी डंबल उठाने की जरूरत नहीं है, बल्कि इस तरह शुरुआत कर सकते हैं-

    • बॉडीवेट एक्सरसाइज- पुश-अप्स, स्क्वाट्स और प्लैंक।
    • रेसिस्टेंस बैंड- यह जोड़ों पर आसान होते हैं और मांसपेशियों को टोन करते हैं।
    • हल्के वजन- 1-2 किलो के डंबल से शुरू करें।
    • हफ्ते में कम से कम 2 से 3 दिन स्ट्रेंथ ट्रेनिंग करना काफी है और एक्सरसाइज के बाद शरीर को रिकवरी के लिए समय देना भी उतना ही जरूरी है।

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    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।