रिफाइंड या ऑलिव ऑयल नहीं, ये 'देसी तेल' है सेहत का खजाना! 3 फायदे जानकर दंग रह जाएंगे आप
सरसों का तेल एक ऐसा तेल है, जिसका इस्तेमाल सदियों से भारतीय खानपान में किया जा रहा है। यह खाने के स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि आपकी सेहत को भी दुरुस्त ...और पढ़ें

इस तेल को डाइट में करें शामिल, मिलेंगे गजब के फायदे (Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। रसोई में तड़के की छनछनाहट से लेकर सर्दियों की गुनगुनी धूप तक, सरसों का तेल सदियों से हर भारतीय घर का हिस्सा रहा है। यह सिर्फ एक तेल नहीं, बल्कि स्वाद और सेहत का वो जादुई संगम है, जो बेस्वाद खाने और थके बदन, दोनों में फौरन जान फूंक देता है।
सरसों के इन्हीं फायदों के बारे आज हम आपको अपने इस आर्टिकल में बताने वाले हैं। आइए जानते हैं सरसों का तेल इस्तेमाल करने के कुछ बेमिसाल फायदे-
दिल के लिए फायदेमंद
सरसों का तेल दिल की अच्छी सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है। इसमें भरपूर मात्रा में मोनोअनसैचुरेटेड फैटी एसिड मौजूद होते हैं, जो हार्ट हेल्थ के लिए अच्छे माने जाते हैं। इसे रोजाना डाइट में शामिल करने से ब्लड प्रेशर और ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद मिलती है।
साथ ही, ये शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाते हैं और बुरे कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद करते हैं। इससे दिल की बीमारियों का खतरा कम होता है। हालांकि, दिल की सेहत पर सरसों तेल के प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।
स्किन और बालों के लिए अच्छा
सरसों का तेल स्किन और बालों दोनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इसका इस्तेमाल अक्सर दादी-नानी छोटे बच्चों के शरीर की मालिश के लिए करती हैं। यह स्किन को मॉइस्चराइज करता है और ड्राईनेस को भी कम करता है। साथ ही, यह फटी एड़ियों को भी ठीक करने के लिए भी बेहतरीन तरीका है। सरसों के तेल में थोड़ा मोम मिक्स करके आप रूखी और फटी एड़ियों को हील भी आसानी से कर सकते हैं।
खबरें और भी
इतना ही नहीं, मस्टर्ड ऑयल झुर्रियों, फाइन लाइन्स और बालों की अच्छी ग्रोथ के लिए भी फायदेमंद होता है। इसका कोई साइड इफेक्ट्स न हो इसलिए इसके इस्तेमाल से पहले पैच टेस्ट जरूर कर लें।
कैंसर का खतरा करें कम
क्या आप जानते हैं कि खाने में इस्तेमाल होने वाला सरसों तेल कैंसर के खतरे को भी कम करने में मददगार हो सकता है। कुछ शोध में पाया गया है कि यह कई तरह के कैंसर सेल्स के ग्रोथ को कम करता है। एक अध्ययन के दौरान यह पाया गया कि मक्के के तेल या फिश ऑयल के मुकाबले सरसों का तेल चूहों में कोलोन कैंसर के खतरे को कम करने में ज्यादा प्रभावी साबित हुआ।
वहीं, जानवरों पर किए गए एक और अध्ययन में पता चला है कि इसमें मौजूद एलिल आइसोथियोसाइनेट ब्लैडर कैंसर की ग्रोथ को लगभग 35% तक कम कर सकता है और यह ब्लैडर में कैंसर के इन्फेक्शन को फैलने से रोकने में भी मदद करता है। हालांकि, इंसानों पर इसके प्रभाव को पूरी तरह समझने के लिए अभी और रिसर्च की जरूरत है।
यह भी पढ़ें - क्या वाकई बच्चों के नाक-कान में तेल डालना सही है? हर माता-पिता को सुनना चाहिए डॉक्टर का जवाब
यह भी पढ़ें - सर्दियों में रात को सोने से पहले नाभि में डालें 2 बूंद सरसों का तेल, सेहत में होंगे ये 5 बदलाव
Disclaimer: लेख में उल्लेखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो, तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।