देर रात जागने से बिगड़ता है शरीर का सर्केडियन रिदम, डॉक्टर ने बताया 12 बजे से पहले सोना क्यों है जरूरी
यह आज की तेज रफ्तार जिंदगी की सबसे बड़ी समस्याओं में से एक है- देर रात तक जागना। चाहे वह काम का तनाव हो, सोशल मीडिया हो या रात में फिल्में देखना, हम अ ...और पढ़ें

दिल की दुश्मन है देर रात तक जागने की आदत (Image Source: Freepik)
HighLights
आधी रात तक जागना आजकल एक आम आदत बन चुकी है।
रात का समय हमारे हार्ट के लिए एक रेस्ट मोड की तरह होता है।
रोज देर रात तक जागने से हार्ट का नेचुरल रिदम बिगड़ सकता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको भी देर रात जागने की आदत है? लगता है कि रात के 1–2 बज रहे हैं, कोई बात नहीं… लेकिन सच यह है कि आधी रात के बाद लगातार जागना आपके दिल की सबसे जरूरी लय को चुपचाप बिगाड़ देता है। जी हां, इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल्स में कार्डियोथोरेसिक और वैस्कुलर सर्जरी के सीनियर कंसलटेंट, डॉ. वरुण बंसल बताते हैं कि हमारा हार्ट एक सर्केडियन रिदम के अनुसार काम करता है, यानी दिन-रात के हिसाब से बदलती बायोलॉजिकल क्लॉक।

रात में दिल को क्यों चाहिए आराम?
दिनभर धड़कते रहने के बाद रात को दिल की रफ्तार थोड़ी धीमी हो जाती है। ब्लड प्रेशर कम होता है, नसों पर दबाव घटता है और शरीर खुद को रिपेयर करने लगता है। यह वह समय होता है जब दिल सच में आराम करता है, लेकिन जब हम नींद देर से लेते हैं, तो यह पूरी नेचरल प्रक्रिया गड़बड़ा जाती है।
देर तक जागने से क्या होता है?
जब आप आधी रात के बाद तक जागते रहते हैं, शरीर आराम मोड में जाने की बजाय अलर्ट मोड में बना रहता है।
- स्ट्रेस हार्मोन बढ़ जाते हैं: कॉर्टिसोल और एड्रेनालिन जैसे हार्मोन ज्यादा बनने लगते हैं।
- दिल की धड़कन तेज रहती है: आराम के समय भी हार्ट रेट सामान्य रूप से कम नहीं हो पाता।
- ब्लड प्रेशर हाई होने लगता है: शरीर को लगता है कि अभी भी दिन चल रहा है, इसलिए ब्लड प्रेशर कम नहीं होता।
- नसों पर दबाव बढ़ता है: वेस्कुलर टोन नॉर्मल नहीं हो पाता, जिससे नसें तनाव में रहती हैं।
इन बदलावों को हम महसूस शायद न करें, लेकिन अंदर ही अंदर यह दिल को थकाने लगता है।
कुछ ही रातें भी कर सकती हैं नुकसान
अगर आप सोचते हैं कि “कभी-कभी जागने से क्या फर्क पड़ेगा?”, तो यह गलतफहमी है। रिसर्च बताती है कि कुछ रातों की कम या देर से नींद भी:
- दिल की धड़कन अनियमित कर सकती है।
- धड़कन तेज होने जैसे एपिसोड ट्रिगर कर सकती है।
- कार्डियोवैस्कुलर सिस्टम पर अनावश्यक भार डाल सकती है।
- धीरे-धीरे यह आदत दिल की सेहत को कमजोर करने लगती है।
रात 12 बजे से पहले सोना क्यों जरूरी?
दिनभर की भागदौड़, तनाव और शरीर की थकान को सबसे प्रभावी तरीके से सिर्फ अच्छी नींद ही ठीक कर सकती है। खासकर मिडनाइट से पहले ली गई नींद, क्योंकि यही समय है जब शरीर और दिल सबसे बेहतर तरीके से रिपेयर होते हैं। अगर आप अपने हार्ट को लंबे समय तक स्वस्थ और मजबूत रखना चाहते हैं, तो सबसे आसान और असरदार कदम है- समय पर नींद लेना।
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हर रात देर तक जागना एक छोटी-सी आदत लग सकती है, लेकिन यह धीरे-धीरे दिल की प्राकृतिक लय को बिगाड़ देती है। समय पर सोना सिर्फ थकान मिटाने का तरीका नहीं, बल्कि आपके दिल की सुरक्षा कवच है। इसलिए, कोशिश करें कि आप अपनी नींद को 12 बजे से पहले प्राथमिकता दें और दिल को वह आराम दें जिसकी उसे सच में जरूरत है।