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    क्यों दिमाग में बार-बार चलता रहता है एक ही गाना? समझें इस म्यूजिकल गेम का साइंस

    Updated: Wed, 29 Apr 2026 02:03 PM (IST)

    कई बार हमारे दिमाग में किसी गाने की एक ही लाइन बार-बार चलती रहती है। इसे इयरवॉर्म कहते हैं। ...और पढ़ें

    क्यों गाने की एक ही लाइन गुनगुनाते रहते हैं आप? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों गाने की एक ही लाइन गुनगुनाते रहते हैं आप? (Picture Courtesy: Freepik)

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि सुबह-सुबह आपने कोई गाना सुना और अब वह पूरे दिन आपके दिमाग में लूप पर बज रहा है? आप लाख कोशिश कर लें, लेकिन वह धुन दिमाग से निकलने का नाम ही नहीं लेती! अगर हां, तो यकीन मानिए आप अकेले नहीं हैं। 

    विज्ञान की भाषा में इस अजीबोगरीब स्थिति को इयरवॉर्म (Earworm) कहा जाता है। यह जर्मन शब्द Ohrwurm से बना है, जिसका मतलब होता है कान का कीड़ा। हालांकि, आपको घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है, क्योंकि यह कोई असली कीड़ा नहीं, बल्कि एक दिलचस्प मनोवैज्ञानिक अनुभव है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि आखिर ऐसा होता क्यों है? आइए समझें इस म्यूजिकल गेम का साइंस।

    क्या होता है इयरवॉर्म?

    इयरवॉर्म का मतलब किसी गाने के एक खास हिस्से, आमतौर पर 15 से 30 सेकंड का टुकड़े, का दिमाग में बार-बार दोहराया जाना है। अक्सर यह गाने का सबसे कैची हिस्सा या उसका कोरस होता है जिसे हम बिना सोचे भी गुनगुना सकते हैं। 

    दिलचस्प बात यह है कि पूरा गाना कभी दिमाग में नहीं फंसता, केवल उसका एक छोटा सा हिस्सा ही रिपीट मोड पर लगा रहता है।

    Earworm (1)

    (Picture Courtesy: Freepik)

    कौन से गाने बनते हैं इयरवॉर्म?

    हर गाना इयरवॉर्म नहीं बनता। आमतौर पर ऐसे गाने हमारे दिमाग में रह जाते हैं, जो तेज रफ्तार के होते हैं और जिनकी धुन में उतार-चढ़ाव ऐसा होता है कि उन्हें गाना आसान हो। ये गाने आसानी से दिमाग में घर कर लेते हैं। विज्ञापन के जिंगल्स और पॉपुलर पॉप सॉन्ग्स इसी तरह डिजाइन किए जाते हैं, ताकि वे आपके दिमाग में अटक जाएं।

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    दिमाग में गाना फंसने की असली वजह

    हमारा दिमाग एक ऑपरेटिंग सिस्टम की तरह काम करता है। इसमें एक हिस्सा होता है जिसे फोनोलॉजिकल लूप कहते हैं। यह लूप हमारे ऑडिटरी कॉर्टेक्स को उन हिस्सों से जोड़ता है जो यादों और भावनाओं को संभालते हैं।

    कभी-कभी कोई खास शब्द, कोई पुरानी याद या कोई भावना उस गाने को ट्रिगर कर देती है। उदाहरण के लिए, अगर आपने बचपन में किसी खास जगह पर कोई गाना सुना था, तो उस जगह को दोबारा देखने पर वह गाना अपने आप आपके दिमाग में बजने लगेगा।

    किन्हें ज्यादा परेशान करते हैं ये गाने?

    • तनाव और खालीपन- जब हमारा दिमाग बहुत ज्यादा तनाव में होता है या फिर हम एकदम खाली बैठे होते हैं, तब दिमाग किसी भी दोहराव वाली चीज को पकड़ लेता है।
    • संगीत से जुड़ाव- अगर आप म्यूजिशियन हैं या संगीत में बहुत रुचि रखते हैं, तो आपको इयरवॉर्म होने की संभावना दूसरों से कहीं ज्यादा है।
    • OCD- ऑब्सेसिव कम्पल्सिव डिसऑर्डर, न्यूरॉटिक या नई चीजों को आजमाने के शौकीन होते हैं, उनके दिमाग में गाने जल्दी अटक जाते हैं।

    इयरवॉर्म से पीछा कैसे छुड़ाएं?

    • पूरा गाना सुनें- जब आप उस गाने के ब्लॉक करने की कोशिश करते हैं, तब आपका दिमाग और ज्यादा उसे लूप पर प्ले करता है। इसलिए गाने से बचने की कोशिश न करें।
    • च्युइंग गम चबाएं- जब आप गम चबाते हैं, तो आपके जबड़े की हरकत उस फोनोलॉजिकल लूप में बाधा डालती है, जिससे गाना दिमाग से निकल जाता है।


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