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    वीकेंड पर देर तक सोना पड़ सकता है भारी, जानें हर दिन एक ही समय पर उठना सेहत के लिए क्यों है जरूरी?

    Updated: Thu, 05 Mar 2026 03:54 PM (IST)

    वीकेंड पर देर तक सोना काफी अच्छा लग सकता है, लेकिन रोज एक ही फिक्स समय पर जागना आपकी सेहत के लिए वरदान साबित हो सकता है। ...और पढ़ें

    क्यों रोज फिक्स समय पर जगना जरूरी है? (Picture Courtesy: Freepik)

    क्यों रोज फिक्स समय पर जगना जरूरी है? (Picture Courtesy: Freepik)

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    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। नींद की कमी और थकान आज के दौर की एक बड़ी समस्या बन चुकी है। हम अक्सर बेहतर नींद के लिए महंगे गद्दे, अंधेरा कमरा या सुकून देने वाले संगीत का सहारा लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक बहुत ही साधारण और मुफ्त बदलाव आपकी नींद की गुणवत्ता को पूरी तरह बदल सकता है? 

    यह बदलाव है हर दिन एक ही समय पर जागना। भले ही यह सुनने में थोड़ा मुश्किल या वीकेंड्स पर देर तक सोना काफी अच्छा लगता है, लेकिन सप्ताह के सातों दिन जागने का एक ही समय तय करना आपकी सेहत के लिए काफी बेहतरीन फैसला साबित हो सकता है।

    क्यों है जरूरी एक ही समय पर जगना?

    हमारे शरीर के भीतर एक घड़ी काम करती है जिसे सर्केडियन रिदम कहा जाता है। यह 24 घंटे के साइकिल पर चलती है। इस घड़ी के लिए सुबह की रोशनी एक बहुत ही अहम संकेत है। जैसे ही हम सुबह अपनी आंखें खोलते हैं और रोशनी के संपर्क में आते हैं, हमारा दिमाग उस रोशनी का इस्तेमाल शरीर को सेट करने के लिए करता है।

    इसमें हार्मोन सीक्रेशन, शरीर का तापमान और आपकी अलर्टनेस शामिल हैं। जब आप रोज एक ही समय पर उठते हैं, तो आपकी यह घड़ी सही ढंग से काम करने लगती है।

    Sleep tips

    (AI Generated Image)

    नींद के शेड्यूल को कैसे बदलें?

    अपने उठने के समय को बदलने के लिए आपको रातों-रात बड़े बदलाव करने की जरूरत नहीं है। आप इन आसान टिप्स को अपना सकते हैं-

    • धीरे-धीरे शुरुआत करें- अगर आप सुबह जल्दी उठना चाहते हैं, तो हर दिन केवल आधा घंटा पहले उठने का लक्ष्य रखें। जब तक आप अपने फिक्स समय तक न पहुंच जाएं, तब तक इसे धीरे-धीरे शिफ्ट करें।
    • धैर्य रखें- किसी भी नए रूटीन में ढलने के लिए शरीर को समय चाहिए होता है। ज्यादातर लोगों को नई रिदम पकड़ने में कम से कम तीन दिन लगते हैं। एक हफ्ते के बाद, आप फोकस करने की क्षमता और मूड में पॉजिटिव बदलाव महसूस करने लगेंगे।
    • अलार्म का इस्तेमाल करें- अपने नए समय को पक्का करने के लिए अलार्म क्लॉक की मदद लें। यह आपको एक फिक्स समय पर उठने में मदद करेगा।
    • सुबह की रोशनी को प्राथमिकता दें- जागने के बाद अंधेरे कमरे में लेटे रहने के बजाय, जितनी जल्दी हो सके नेचुरल लाइट में आएं। यह आपके दिमाग को संकेत देता है कि दिन शुरू हो गया है।

    क्या वीकेंड पर भी जल्दी उठना जरूरी है?

    अक्सर शनिवार या रविवार को देर तक बिस्तर में पड़े रहने का मन करता है। अगर आप खुद को रोक नहीं पा रहे हैं, तो कोशिश करें कि यह देरी बहुत ज्यादा न हो। फ्री-फॉर-ऑल यानी घंटों देर तक सोने के बजाय बैलेंस बनाए रखें, ताकि आपकी पूरी हफ्ते की मेहनत खराब न हो।

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    नींद केवल शरीर को आराम देने के लिए नहीं है, बल्कि यह आपके पूरे स्वास्थ्य की नींव है। रोज एक ही समय पर जागना आपके शरीर को एक लय देता है, जिससे न केवल आपको रात में बेहतर नींद आती है, बल्कि आप दिन भर ज्यादा एनर्जेटिक महसूस करते हैं।