क्या आप भी रहते हैं अक्सर बीमार? रिसर्च कहती है- नींद और टेंशन का है इससे गहरा कनेक्शन
आजकल की जिंदगी में चिंता और नींद न आना यानी अनिद्रा एक आम समस्या बन गई है। ...और पढ़ें

कैसे स्ट्रेस और अधूरी नींद बन रहे हैं सेहत के दुश्मन? (Image Source: AI-Generated)
HighLights
चिंता और अनिद्रा इम्यून सिस्टम को कमजोर करती है
तैबाह विश्वविद्यालय ने 60 युवतियों पर शोध किया
'नेचुरल किलर सेल' की कमी से बीमारियां बढ़ती हैं
प्रेट्र, नई दिल्ली। क्या आप जानते हैं कि चिंता और नींद की कमी आपको बार-बार बीमार कर सकती हैं? हाल ही में हुए एक अध्ययन से यह बात सामने आई है कि अनिद्रा और चिंता सीधे तौर पर हमारे इम्यून सिस्टम पर हमला करते हैं और उसे कमजोर बनाकर हमें बीमारियों के प्रति ज्यादा संवेदनशील बना देते हैं।

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तैबाह विश्वविद्यालय का अहम शोध
सऊदी अरब के 'तैबाह विश्वविद्यालय' के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर एक महत्वपूर्ण रिसर्च की है। उन्होंने अपने इस अध्ययन में 60 ऐसी युवतियों को शामिल किया, जो नींद न आने और चिंता जैसी समस्याओं का सामना कर रही थीं। इन युवतियों के खून के नमूनों की गहराई से जांच की गई, जिसके नतीजे काफी हैरान करने वाले थे।
चिंता और नींद की कमी के चौंकाने वाले आंकड़े
शोधकर्ताओं ने अपने निष्कर्ष में बताया कि इस अध्ययन में शामिल 75 प्रतिशत युवतियां किसी न किसी स्तर की चिंता का अनुभव कर रही थीं। वहीं, 50 प्रतिशत से अधिक युवतियों ने रात में नींद न आने या अनिद्रा की शिकायत की। जब इनके ब्लड सैंपल का विश्लेषण किया गया, तो पता चला कि इन समस्याओं से जूझ रही महिलाओं की रोग प्रतिरोधक क्षमता सामान्य लोगों की तुलना में काफी कम हो गई थी।
कम हो जाते हैं 'नेचुरल किलर सेल'
आखिर चिंता और अनिद्रा से शरीर इतना कमजोर क्यों हो जाता है? शोधकर्ताओं ने इसका मुख्य कारण शरीर में 'नेचुरल किलर सेल' की कमी को बताया है। हमारे शरीर में ये कोशिकाएं एक रक्षक या सैनिक की तरह काम करती हैं। इनका मुख्य काम बीमारियों को फैलाने वाले कीटाणुओं और संक्रमित कोशिकाओं को ढूंढकर नष्ट करना होता है।
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क्या है इसका सीधा असर?
अध्ययन के अनुसार, जब कोई व्यक्ति अनिद्रा या चिंता के लक्षणों से गुजरता है, तो उसके शरीर और खून में संचारित होने वाले इन 'नेचुरल किलर सेल्स' की कुल संख्या तेजी से घटने लगती है। इन रक्षक कोशिकाओं के कम होने का सीधा मतलब है कि शरीर का इम्यून सिस्टम कमजोर पड़ जाता है और शरीर बीमारियों का आसानी से शिकार हो सकता है।