कैंसर को शुरुआती स्टेज में कैसे पहचानें? वक्त पर डायग्नोसिस के लिए एक्सपर्ट ने बताए 6 रूटीन चेकअप
कैंसर से लड़ने में शुरुआती पहचान सबसे बड़ा हथियार है। डॉ. कीर्ति चड्डा ने कैंसर का जल्द पता लगाने के लिए 6 रूटीन हेल्थ चेकअप बताए हैं। नियमित समय पर य ...और पढ़ें

हर व्यक्ति को जरूर करवाने चाहिए ये टेस्ट (Picture Courtesy: Freepik)
HighLights
कैंसर का वक्त पर पता लगाना काफी जरूरी है
कुछ रूटीन हेल्थ चेकअप इसका वक्त पर पता लगाने में मदद कर सकते हैं
समय रहते कैंसर की पहचान करने से बेहतर इलाज हो सकता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिससे बचाव हमेशा पूरी तरह मुमकिन नहीं होता, लेकिन इसके खिलाफ लड़ाई में समय पर पहचान सबसे बड़ा हथियार साबित होती है। ज्यादातर मामलों में कैंसर का पता एडवांस स्टेज में चलता है और तब तक वह शरीर में फैल चुका होता है।
ऐसे में डॉ. कीर्ति चड्डा (चीफ साइंटिफिक एंड इनोवेशन ऑफिसर, मेट्रोपोलिस हेल्थकेयर लिमिटेड) 6 रूटीन हेल्थ चेकअप के बारे में बता रही हैं, जो बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाने में मदद कर सकते हैं।
कम्प्लीट ब्लड काउंट
यह एक बहुत ही साधारण और बेसिक ब्लड टेस्ट है, लेकिन यह शरीर के भीतर चल रही कई हलचलों का संकेत दे सकता है। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार इन्फेक्शन हो रहा हो, बिना किसी कारण के एनीमिया हो या ब्लड सेल्स (WBC, RBC, प्लेटलेट्स) की गिनती और आकार में अचानक कोई असामान्य बदलाव दिखे, तो यह ब्लड कैंसर या अन्य गंभीर समस्याओं का शुरुआती संकेत हो सकता है।

पैप स्मीयर और HPV टेस्ट
महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर दुनिया भर में एक बड़ी समस्या है, लेकिन इसे पैप स्मीयर के जरिए बहुत पहले रोका जा सकता है। यह टेस्ट सर्विक्स में होने वाले उन छोटे बदलावों को पकड़ लेता है जो भविष्य में कैंसर बन सकते हैं। HPV की पहचान समय पर होने से कैंसर बनने से पहले ही उसका इलाज संभव हो जाता है।
मैमोग्राफी और ब्रेस्ट इमेजिंग
ब्रेस्ट कैंसर की समय पर पहचान के लिए मैमोग्राफी सबसे भरोसेमंद तरीका है। 40 वर्ष से ज्यादा उम्र की महिलाओं या जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा हो, उन्हें नियमित इंटरवल पर मैमोग्राम करवाना चाहिए। इससे ब्रेस्ट में किसी भी ऐसी गांठ या बदलाव का पता चल जाता है जो हाथों से छूने पर महसूस नहीं होती।
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कोलन कैंसर स्क्रीनिंग
पेट और आंतों का कैंसर अक्सर बहुत देरी से पकड़ में आता है। रूटीन स्टूल टेस्ट या कोलोनोस्कोपी इसमें जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं। इन टेस्ट के जरिए आंतों में बनने वाले छोटे उभारों या पॉलिप्स की पहचान हो जाती है। इन पॉलिप्स को कैंसर बनने से पहले ही हटाकर भविष्य के खतरे को टाला जा सकता है।
सीरम कैंसर मार्कर्स
ब्लड में मौजूद कुछ खास मार्कर्स कैंसर का इशारा देते हैं, जैसे-
- PSA (Prostate-Specific Antigen)- पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर की जांच के लिए यह टेस्ट बेहद जरूरी है।
- CA 15-3- महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर की जांच में सहायक होता है।
खासकर उन लोगों के लिए जिनके परिवार में कैंसर का इतिहास रहा हो, ये मार्कर्स शुरुआती चेतावनी का काम करते हैं।
जेनेटिक टेस्टिंग
अगर आपके परिवार में कैंसर के मामले ज्यादा हैं, तो BRCA या Lynch syndrome जैसे जेनेटिक टेस्ट यह बता सकते हैं कि आप जेनेटिक रूप से कितने जोखिम में हैं। इससे आपको भविष्य में सतर्क रहने और समय पर जांच कराने का प्लान बनाने में मदद मिलती है। उम्र, पारिवारिक इतिहास और डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित स्क्रीनिंग करवाना न केवल बीमारी को पकड़ता है, बल्कि इलाज की प्रक्रिया को भी आसान बनाता है।