Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 07, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    World Health Day 2025: महिलाओं को बेहद आसानी से हो जाती हैं ये 5 बीमारियां, ऐसे लगाएं इनका पता

    Updated: Mon, 07 Apr 2025 01:51 PM (IST)

    महिलाएं घर के हर सदस्य का ख्याल रखती हैं सिवाय खुद के। इसलिए हार्मोनल बदलाव पीरियड्स प्रेग्नेंसी और मेनोपॉज जैसे कारणों से उनकी सेहत पर पड़ने वाले असर ...और पढ़ें

    World Health Day 2025: महिलाओं पर आसानी से अटैक करती हैं ये बीमारियां (Picture Courtesy: Canva)
    World Health Day 2025: महिलाओं पर आसानी से अटैक करती हैं ये बीमारियां (Picture Courtesy: Canva)

    HighLights

    1. World Health Day लोगों को सेहत के प्रति जागरूक करने के लिए मनाया जाता है
    2. महिलाओं में होने वाले हार्मोनल बदलाव, प्रेग्नेंसी, मेनोपॉज आदि का असर उनकी सेहत पर होता है
    3. कुछ बीमारियां महिलाओं को आसानी से अपना शिकार बना लेती हैं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, मेनोपॉज और लाइफस्टाइल का असर महिलाओं के जीवन पर काफी गहरा होता है। इनकी वजह से महिलाएं जीवनभर कई शारीरिक और मानसिक चुनौतियों का सामना करती हैं। कुछ स्वास्थ्य समस्याएं (common health problems in women) ऐसी हैं, जो महिलाओं में ज्यादा आम होती हैं। आइए इस वर्ल्ड हेल्थ डे (World Health Day 2025) पर जानते हैं महिलाओं में होने वाले 5 सबसे कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम्स के बारे में।

    महिलाओं में होने वाली 5 सबसे कॉमन हेल्थ प्रॉब्लम (How to identify women’s health problems?)

    एनीमिया (खून की कमी)

    एनीमिया महिलाओं में सबसे आम समस्याओं में से एक है, खासकर भारत जैसे देशों में। इसकी वजह है आयरन की कमी, जो हीमोग्लोबिन बनाने के लिए बेहद जरूरी होता है।

    एनीमिया के कारण

    • पीरियड्स के दौरान ज्यादा ब्लीडिंग
    • प्रेग्नेंसी में आयरन की ज्यादा जरूरत
    • पोषण की कमी (हरी सब्जियां, दालें, मीट न खाना)

    लक्षण

    बचाव

    • आयरन से भरपूर डाइट (पालक, चुकंदर, अंडे)
    • विटामिन-सी के साथ आयरन सप्लीमेंट्स
    • नियमित हीमोग्लोबिन टेस्ट

    यह भी पढ़ें: भारतीयों में बेहद कॉमन हैं 5 पोषक तत्वों की कमी, इन लक्षणों से करें पहचान

    पीसीओएस (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम)

    पीसीओएस हार्मोनल इंबैलेंस से जुड़ी एक गंभीर समस्या है, जो रिप्रोडक्टिव एज की महिलाओं को प्रभावित करती है।

    कारण

    • इंसुलिन रेजिस्टेंस
    • अनहेल्दी डाइट और मोटापा
    • जेनेटिक फैक्टर्स

    लक्षण

    बचाव

    • वजन कंट्रोल और एक्सरसाइज
    • लो-ग्लाइसेमिक डाइट (दालें, साबुत अनाज)
    • डॉक्टर की सलाह से मेडिकेशन

    यूरिनरी ट्रैक्ट इन्फेक्शन (यूटीआई)

    महिलाओं में यूटीआई की समस्या बहुत कॉमन है, क्योंकि उनका यूरिनरी ट्रैक्ट पुरुषों की तुलना में छोटा होता है, जिससे बैक्टीरिया आसानी से ब्लैडर तक पहुंच जाते हैं।

    खबरें और भी

    कारण

    • कम पानी पीना
    • पेशाब को रोककर रखना
    • सेक्सुअल एक्टिविटी के बाद सफाई न करना

    लक्षण

    • पेशाब करते समय जलन
    • बार-बार टॉयलेट जाने की इच्छा
    • पेट के निचले हिस्से में दर्द

    बचाव

    • भरपूर पानी पिएं
    • क्रैनबेरी जूस पिएं
    • पर्सनल हाइजीन का ध्यान रखें

    थायराइड डिसऑर्डर

    थायराइड ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को कंट्रोल करती है। महिलाओं में हाइपोथायरायडिज्म (थायराइड की कमी) और हाइपरथायरायडिज्म (थायराइड का ज्यादा एक्टिव होना) दोनों ही समस्याएं आम हैं।

    कारण

    • आयोडीन की कमी
    • ऑटोइम्यून डिसीज (जैसे हाशिमोटो)
    • स्ट्रेस और हार्मोनल बदलाव

    लक्षण

    • वजन बढ़ना या घटना
    • बाल झड़ना
    • थकान और डिप्रेशन

    बचाव

    • थायराइड टेस्ट करवाएं
    • बैलेंस्ड डाइट लें
    • डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें

    ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर

    महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और सर्वाइकल कैंसर दो सबसे खतरनाक बीमारियां हैं। समय पर जांच न होने पर ये जानलेवा हो सकते हैं।

    कारण

    • जेनेटिक्स (BRCA जीन म्यूटेशन)
    • HPV इन्फेक्शन (सर्वाइकल कैंसर के लिए)
    • अनहेल्दी लाइफस्टाइल (धूम्रपान, अल्कोहल)

    लक्षण

    • ब्रेस्ट में गांठ
    • पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग
    • वजन कम होना

    बचाव

    • नियमित मैमोग्राम और पैप स्मीयर टेस्ट
    • HPV वैक्सीन लगवाएं
    • हेल्दी डाइट और एक्सरसाइज

    यह भी पढ़ें: वजाइना को नुकसान पहुंचाती हैं ये 5 आदतें, महिलाएं कर लें नोट

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।