यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 13, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
World Kidney Day 2024: डायलिसिस या किडनी ट्रांसप्लांट, एक्सपर्ट से जानें बीमारी में क्या है ज्यादा फायदेमंद
किडनी हमारे शरीर का एक अहम अंग है जो हमें सेहतमंद बनाने के लिए कई कार्य करता है। खून साफ करने से लेकर शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने तक किडनी हमारे शर ...और पढ़ें

HighLights
- किडनी हमारे शरीर में बेहद अहम अंगों में से एक है।
- हालांकि, कई वजहों से यह खराब होने लगती है, जो हानिकारक होता है।
- ऐसे में डायलिसिस और किडनी ट्रांसप्लांट की मदद से इसका इलाज किया जाता है।
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। World Kidney Day 2024: किडनी हमारे शरीर के अहम अंगों में से एक है। हमें सेहतमंद बनाने के लिए यह शरीर में कई कार्य करती है। किडनी हमारे खून को साफ करने के साथ ही शरीर से टॉक्सिन्स निकालने में भी मदद करती है। यही वजह है कि हेल्दी रहने के लिए हमारी किडनी का स्वस्थ रहना भी जरूरी है। हालांकि, इन दिनों बदलती जीवनशैली और खानपान की गलत आदतों की वजह से हमारी किडनी बीमारी होने लगती है। ऐसे में इसकी सेहत के प्रति जागरूकता फैलाने के मकसद से हर साल 14 मार्च को वर्ल्ड किडनी डे मनाया जाता है।
इन दिनों किडनी से जुड़ी समस्याएं काफी आम हो चुकी हैं। खासकर क्रोनिक किडनी डिजीज (सीकेडी) के मामले भारत में तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बीमारी का निदान आमतौर पर स्टेज 4 या 5 में होता है। स्टेज 5 के मरीजों को इलाज करने के दो ही तरीके होते हैं, पहला डायलिसिस और दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट।
यह भी पढ़ें- आदतें जिन्हें अपनाकर बचे रह सकते हैं किडनी की गंभीर बीमारियों से
किडनी ट्रांसप्लांट
डायलिसिस की तुलना में किडनी ट्रांसप्लांट बेहतर गुणवत्ता वाले जीवन के साथ-साथ लंबा जीवन जीने में मदद करता है। किडनी ट्रांसप्लांट का मरीज लगभग सामान्य जीवन जी सकता है और एक अच्छी नौकरी कर अपना और अपने परिवार का भरण-पोषण भी कर सकता है। हालांकि, ऐसे व्यक्तियों को पूरे जीवन दवाओं की जरूरत होती है और समय-समय पर ब्लड टेस्ट और अपने नेफ्रोलॉजिस्ट से संपर्क करना पड़ता है।
डायलिसिस
वहीं, इसके विपरीत, डायलिसिस के मरीज को हफ्ते में 3 बार अस्पताल आना और कम से कम 4 घंटे अस्पताल में बिताना पड़ता है। एक शोध में यह भी पता चला है कि किडनी ट्रांसप्लांट के मरीजों की तुलना में डायलिसिस वाले लोगों में दिल से जुड़ी समस्याएं ज्यादा होती हैं। साथ ही डायलिसिस मरीजों में जीवन की गुणवत्ता भी खराब हो जाती है। ऐसे में किडनी ट्रांसप्लांट के बारे में विस्तार से जानने के लिए हमने गुरुग्राम के मैरिंगो एशिया हॉस्पिटल में नेफ्रोलॉजी चैयरमैन डॉ. संजय अग्रवाल अध्यक्ष से बातचीत की-
खबरें और भी
क्यों बेहतर है किडनी ट्रांसप्लांट?
डॉक्टर बताते हैं कि जब किडनी डिजीज के लास्ट स्टेज के इलाज की बात आती है, तो किडनी ट्रांसप्लांट सबसे अच्छा विकल्प है। बशर्ते मरीज इस प्रक्रिया के लिए मेडिकली फिट हो और उपयुक्त किडनी (जीवित या मृत डोनर से) उपलब्ध हो। यह समझना जरूरी है कि लास्ट स्टेज किडनी डिजीज वाले सभी मरीज किडनी ट्रांसप्लांट के लिए अच्छा उम्मीदवार नहीं है, क्योंकि कुछ लोग अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण सर्जरी नहीं करा पाते हैं।
किडनी ट्रांसप्लांट के फायदे
डायलिसिस जैसे विकल्पों की तुलना में किडनी ट्रांसप्लांट के कई जरूरी लाभ हैं। सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण बात, किडनी ट्रांसप्लांट किडनी के फंक्शन को पूरी तरह से रिस्टोर करता है, जिससे मरीज के जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार होता है। डायलिसिस के विपरीत ट्रांसप्लांट किडनी के नेचुरल, फिजिओलॉजिकल फंक्शन को सपोर्ट करता है, जो किडनी के फंक्शन के लिए एक मैकेनिकल सब्सिटिट्यूट के रूप में कामकरता है। इससे मरीज को बेहतर और ज्यादा आसानी से जीवन जीने में मदद मिलती है।
इसके अलावा, किडनी ट्रांसप्लांट वाले मरीज आम तौर पर उन लोगों की तुलना में अधिक समय तक जीवित रहते हैं, जो सिर्फ डायलिसिस का उपयोग करते हैं। इतना ही नहीं डायलिसिस की तुलना में किडनी ट्रांसप्लांट न सिर्फ किडनी को फिर सही तरीके से कार्य करने में मदद करता है, बल्कि एंड स्टेज किडनी डिजीज (ईएसकेडी) के जोखिम को भी कम करता है। साथ ही इससे अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के विकास की संभावना भी कम हो जाती है।
यह भी पढ़ें- बहुत ज्यादा दवाओं का सेवन पहुंचाता है किडनी को नुकसान, वैसे ये चीज़ें भी हैं खतरनाक
Picture Courtesy: Freepik