सिरदर्द होते ही तुरंत खा लेते हैं पेनकिलर? डॉक्टर की चेतावनी- किडनी को हो सकता है गंभीर नुकसान
मामूली सिरदर्द या शरीर दर्द होने पर अगर आप भी खुद ही पेनकिलर दवाएं ले लेते हैं, तो इससे किडनी को नुकसान हो सकता है। ...और पढ़ें

क्या आप भी डॉक्टर से पूछे बिना लेते हैं पेनकिलर दवाएं? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल लोग डॉक्टर से पूछे बिना ही पेनकिलर दवाएं ले लेते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं पेनकिलर का ज्यादा इस्तेमाल आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है? जी हां, आइए इस बारे में डॉ. विजय कुमार सिन्हा (सीनियर डायरेक्टर, नेफ्रोलॉजी एंड किडनी ट्रांसप्लांट, मैक्स सुपर स्पेशेलिटी हॉस्पिटल, नोएडा) से जानते हैं।
कैसे काम करती हैं ये दवाएं?
डॉ. सिन्हा बताते हैं कि पेनकिलर दुनिया में सबसे ज्यादा इस्तेमाल की जाने वाली दवाओं में से एक है। भले ही पेनकिलर सिरदर्द या बॉडी पेन से राहत दिलाने में मददगार है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल आपकी किडनी को नुकसान पहुंचा सकता है। उसमें भी नॉन-स्टेरॉइडल एंटी-इंफ्लेमेटरी ड्रग्स (NSAIDs) से किडनी डैमेज का खतरा ज्यादा रहता है।
दरअसल, किडनी का काम शरीर से गंदगी को छानना और इलेक्ट्रोलाइट्स का बैलेंस बनाए रखना है। इसके लिए किडनी में सही ब्लड फ्लो होना जरूरी है। पेन किलर दवाएं शरीर में उन एंजाइमों को रोकती हैं जो प्रोस्टाग्लैंडिंस बनाते हैं।
ये प्रोस्टाग्लैंडिंस न केवल दर्द का संकेत देते हैं, बल्कि किडनी तक खून पहुंचाने में भी मदद करते हैं। जब हम भारी मात्रा में पेनकिलर्स लेते हैं, तो किडनी में ब्लड फ्लो कम होने लगता है, जिससे किडनी की काम करने की क्षमता प्रभावित होती है और धीरे-धीरे किडनी डैमेज का खतरा बढ़ जाता है।
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नेफ्रोपैथी का खतरा
पेनकिलर्स के ज्यादा इस्तेमाल से होने वाला सबसे बड़ा खतरा एनाल्जेसिक नेफ्रोपैथी है। इसमें लंबे समय तक पेनकिलर दवाएं लेने के कारण किडनी डैमेज हो जाती है। जो लोग माइग्रेन, गठिया या पीठ दर्द के लिए नियमित दवाएं लेते हैं, वे अनजाने में अपनी किडनी पर भारी दबाव डालते हैं। इसके शुरुआती स्टेज में कोई लक्षण नहीं दिखते, जिससे बीमारी तब तक चुपचाप बढ़ती रहती है जब तक कि किडनी काफी हद तक खराब न हो जाए।
किन लोगों को है ज्यादा खतरा?
पेनकिलर से होने वाली किडनी की बीमारी का खतरा कुछ लोगों में ज्यादा होता है, जैसे-
- बुजुर्ग व्यक्ति
- हाई ब्लड प्रेशर या डायबिटीज के मरीज
- ऐसे लोग जिनके शरीर में पानी की कमी रहती है
- वे मरीज जिनकी किडनी पहले से ही कमजोर है
- जो लोग बिना डॉक्टरी सलाह के कई तरह की पेनकिलर्स एक साथ लेते हैं
बचाव के आसान तरीके
किडनी को दवाओं के दुष्प्रभाव से बचाने के लिए सावधानी जरूरी है। पेनकिलर हमेशा कम से कम मात्रा में इस्तेमाल करें और बहुत लंबे समय के लिए न करें। अगर दर्द बार-बार हो रहा है, तो खुद दवा लेने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।