क्या शराब न पीने वाले भी हो सकते हैं लिवर सिरोसिस का शिकार? डॉक्टर ने बताई डराने वाली सच्चाई
आज 19 अप्रैल का दिन दुनियाभर में World Liver Day के तौर पर मनाया जा रहा है। ...और पढ़ें

Non-Alcoholic Liver Cirrhosis: क्या बिना शराब के भी लिवर खराब हो सकता है? (Image Source: AI-Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल दुनिया भर में लिवर सिरोसिस के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं। हम में से ज्यादातर लोग यही मानते हैं कि लिवर की बीमारियां सिर्फ ज्यादा शराब पीने वालों को ही होती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह पूरी सच्चाई नहीं है?
मेडिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब बिना शराब पीने वाले लोग भी तेजी से इस गंभीर बीमारी का शिकार हो रहे हैं (Liver Cirrhosis in Non-Drinkers)। आइए जानते हैं इसके पीछे की असली वजह क्या है।

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आखिर क्या है लिवर सिरोसिस?
आसान शब्दों में समझें तो, जब हमारे लिवर को लंबे समय तक लगातार नुकसान पहुंचता रहता है, तो उसमें स्कार टिशू बनने लगते हैं। इस स्थिति को ही लिवर सिरोसिस कहा जाता है। इसकी वजह से लिवर का आकार और उसके काम करने की क्षमता बुरी तरह प्रभावित होती है। अगर समय पर ध्यान न दिया जाए, तो यह बीमारी धीरे-धीरे गंभीर होकर लिवर फेलियर जैसी जानलेवा स्थिति तक पहुंच सकती है।
क्या वाकई सिर्फ शराब है असली गुनहगार?
यह सच है कि शराब लिवर खराब होने का एक बहुत बड़ा कारण है, लेकिन अब यह इकलौता कारण नहीं रह गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आजकल ऐसे लोगों में भी सिरोसिस के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, जिन्होंने कभी शराब को हाथ तक नहीं लगाया। इसके पीछे मुख्य रूप से ये कारण जिम्मेदार हैं:
- फैटी लिवर
- डायबिटीज
- मोटापा
- वायरल हेपेटाइटिस (B और C)
- खराब लाइफस्टाइल

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क्या है डॉक्टर की राय?
एशियन हॉस्पिटल के गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विभाग के डायरेक्टर और एचओडी, डॉक्टर अमित मिगलानी इस बारे में एक चौंकाने वाली सच्चाई बताते हैं। उनका कहना है कि पहले इस बीमारी को सिर्फ शराब से जोड़कर देखा जाता था, लेकिन अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज बड़ी संख्या में ऐसे मरीज आ रहे हैं जिन्हें शराब की कोई लत नहीं है, फिर भी उनका लिवर खराब हो रहा है।
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डॉ. मिगलानी के अनुसार, "इसकी सबसे बड़ी वजह फैटी लिवर और मेटाबॉलिक सिंड्रोम है। अगर फैटी लिवर को शुरुआती स्टेज में कंट्रोल नहीं किया गया, तो यह NASH, फिर फाइब्रोसिस और आखिर में सिरोसिस का रूप ले लेता है।" इसके अलावा, हेपेटाइटिस B और C जैसे वायरल इंफेक्शन भी लिवर को धीरे-धीरे खोखला करके सिरोसिस पैदा करते हैं।
क्यों लगातार बढ़ रहे हैं इसके मामले?
विशेषज्ञ मानते हैं कि आज के दौर की भागदौड़ भरी और अनियमित लाइफस्टाइल हमारे लिवर के लिए सबसे बड़ा दुश्मन बन गई है। कुछ प्रमुख आदतें जो लिवर पर भारी दबाव डालती हैं:
- जरूरत से ज्यादा जंक फूड और हाई शुगर डाइट लेना।
- शारीरिक मेहनत या व्यायाम की कमी।
- बढ़ता मोटापा और अनियंत्रित डायबिटीज।
- रात में देर तक जागना और खराब नींद।
- बिना डॉक्टर की सलाह के, अनियंत्रित तरीके से दवाइयों का सेवन करना।

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शरीर के इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
शुरुआत में लिवर सिरोसिस के लक्षण अक्सर बहुत हल्के होते हैं, लेकिन बीमारी बढ़ने पर शरीर कुछ खास संकेत देने लगता है:
- हमेशा थकान और बहुत ज्यादा कमजोरी महसूस होना।
- पेट में भारीपन या सूजन आना।
- पैरों में सूजन दिखाई देना।
- त्वचा और आंखों का रंग पीला पड़ना।
- भूख लगना कम हो जाना।
- शरीर से खून बहने की प्रवृत्ति का बढ़ जाना।
कैसे करें अपना बचाव?
लिवर सिरोसिस एक बहुत गंभीर बीमारी है जिसका इलाज एडवांस स्टेज में काफी मुश्किल हो जाता है। इसलिए डॉक्टर के अनुसार, समय रहते बचाव करना ही सबसे बेहतर उपाय है। आप इन आसान कदमों से अपने लिवर को सुरक्षित रख सकते हैं:
- शराब का सेवन या तो पूरी तरह बंद कर दें या इसे बेहद सीमित कर दें।
- पौष्टिक और बैलेंस डाइट को रूटीन में शामिल करें।
- रोजाना नियमित रूप से व्यायाम करें।
- हेपेटाइटिस B का टीकाकरण जरूर करवाएं।
- समय-समय पर अपना हेल्थ चेकअप कराएं और लिवर फंक्शन टेस्ट करवाते रहें।
लिवर सिरोसिस को केवल शराबियों की बीमारी समझना अब गलत साबित हो रहा है। आज की बदलती लाइफस्टाइल, बढ़ता मोटापा और वायरल इन्फेक्शन इसे हर किसी के लिए खतरा बना रहे हैं।