कहीं आप ही तो नहीं है वो 'Toxic Co-Worker' जिससे चिढ़ते हैं सभी? इन 5 संकेतों से करें पहचान
कई बार हम दूसरों को टॉक्सिक समझ रहे होते हैं, लेकिन कई बार हम में ही कमी होती है, जिन्हें पहचानना जरूरी है। ...और पढ़ें

आप भी तो नहीं बन गए हैं अपने सहकर्मियों के लिए टॉक्सिक? (Picture Courtesy: Freepik)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। वर्कप्लेस पर हम अक्सर अपने बॉस या सहकर्मियों की बुराई करते हैं कि वे कितने टॉक्सिक हैं, लेकिन क्या आपने कभी आईने में देखकर खुद से यह सवाल किया है कि कहीं वह समस्या आप ही तो नहीं?
कई बार अनजाने में हमारा व्यवहार टीम के माहौल को खराब कर देता है। इसलिए खुद से यह पूछना जरूरी है कि कहीं हम ही तो टॉक्सिक को-वर्कर नहीं है। आइए जानें कुछ ऐसे संकेतों के बारे में, जो बताते हैं कि आप एक टॉक्सिक को-वर्कर हो सकते हैं और इन आदतों में कैसे सुधार कर सकते हैं।
आप गॉसिप का सेंटर हैं
क्या आप ऑफिस में होने वाली हर छोटी-बड़ी बात को नमक-मिर्च लगाकर दूसरों को बताते हैं? अगर आप सहकर्मियों की पर्सनल लाइफ या उनकी गलतियों पर चर्चा करने में आनंद लेते हैं, तो आप वर्कप्लेस पर नेगेटिविटी फैला रहे हैं।
आप कभी अपनी गलती नहीं मानते
जब भी कोई प्रोजेक्ट फेल होता है या कोई डेडलाइन छूटती है, तो क्या आपका पहला रिएक्शन दूसरों पर दोष मढ़ना होता है? जवाबदेही की कमी टॉक्सिक व्यवहार का सबसे बड़ा लक्षण है।
आप हर समय शिकायत करते हैं
एसी की ठंडक से लेकर मीटिंग के समय तक, अगर आपको हर चीज में समस्या नजर आती है और आप समाधान देने के बजाय सिर्फ शिकायत करते हैं, तो आपकी एनर्जी पूरी टीम का मनोबल गिरा सकती है।
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आप दूसरों को बीच में टोकते हैं
मीटिंग्स में दूसरों की बात काटकर अपनी बात ऊपर रखना या किसी के सुझाव को बेकार बताकर खारिज कर देना यह दिखाता है कि आप दूसरों के विचारों का सम्मान नहीं करते।
आप गेटकीपिंग करते हैं
क्या आप सभी जरूरी जानकारियां या फाइल्स अपने पास ही रखते हैं, ताकि दूसरे आपके बिना काम न कर सकें? इसे पावर प्ले कहते हैं, जो टीम वर्क के लिए अच्छा नहीं है।

(AI Generated Image)
खुद में सुधार कैसे लाएं?
अगर आपको लगता है कि इनमें से कुछ लक्षण आपमें हैं, तो घबराएं नहीं। इस व्यवहार को बदला जा सकता है।
- एक्टिव लिस्निंग अपनाएं- अगली बार मीटिंग में बोलने से पहले दूसरों को पूरा सुनें। समझने की कोशिश करें कि वे क्या कह रहे हैं, न कि सिर्फ जवाब देने के लिए सुनें।
- जवाबदेही स्वीकार करें- अपनी गलतियों के लिए सॉरी कहना सीखें। जब आप अपनी जिम्मेदारी लेते हैं, तो को-वर्क्स का आप पर भरोसा बढ़ता है।
- पॉजिटिव फीडबैक दें- अगर आपको किसी का काम पसंद नहीं आया, तो उन्हें क्रिटिसाइज करने के बजाय उसे सुधारने के तरीके बताएं। कंस्ट्रक्टिव फीडबैक टीम को आगे बढ़ाता है।
- गॉसिप से दूरी बनाएं- जब भी आपके पास कोई ऑफिस की गॉसिप लेकर आए, तो बात बदल दें या काम में बिजी होने का बहाना बना लें।
- सहानुभूति रखें- याद रखें कि आपके सहकर्मी भी इंसान हैं और उनके जीवन में भी चुनौतियां हो सकती हैं। थोड़ा फ्लेक्सिबल होना आपके प्रोफेशनल रिश्तों में सुधार ला सकता है।