लोकलाज के बीच जब औरतों ने गढ़ा बिहार का ये लोकगीत, मजेदार है गैंग्स ऑफ वासेपुर के गाने के इस हिट गाने की कहानी
गैंग्स ऑफ वासेपुर का गाना ओ वुमनिया लोगों को काफी पसंद आया था। ये गाना बिहार के एक लोकगीत से जुड़ा है।

बिहार के एक लोकगीत से बना बॉलीवुड का सुपरहिट गाना (AI Generated Image)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। गैंग्स ऑफ वासेपुर का गाना ओ वुमनिया गाना आपने जरूर सुना होगा। ये गाना अपने खास लिरिक्स और म्यूजिक की वजह से काफी हिट हुआ था, लेकिन क्या आप जानते हैं असल में ये गाना बॉलीवुड नहीं, बिहार के एक लोकगीत से जुड़ा है?
जी हां, ये गाना बिहार के एक पुराने लोकगीत से बनाया गया है। इस गाने को बनाने के पीछे की कहानी जितनी दिलचस्प है, उतना ही मजेदार ये लोकगीत भी है। आइए जानें इस गाने के पीछे छिपे लोकगीत की कहानी।
शरारत और तंज भरे संवाद से बना गीत
इस लोकगीत की सबसे बड़ी खासियत इसकी पंक्तियों में छिपा मजाक, ताना और शरारत है। दरअसल, पुराने समाज में ऐसी कई बातें होती थीं, जिनके बारे में महिलाएं लोकलाज के कारण खुलकर बात नहीं कर पाती थीं। खासकर अपनी इच्छाओं और शिकायतों के बारे में। ऐसे में लोकगीत उनका हथियार बने और उन्होंने इनके जरिए अपनी बात कहनी शुरू की। इन गीतों के बहाने वे अपने पति, सुसरालवाले और समाज पर तंज कसतीं और मजाक करतीं। इस लोकगीत की लाइन मांगे रुपइया, तो देना चवनिया में इसी शरारत को दर्शाया गया है।
ठेठ भाषा में रचा लोकगीत
ये लोकगीत बिल्कुल ठेठ भाषा में रचा गया है। इसमें किसी भारी-भरकम शब्द का इस्तेमाल नहीं है। ठोडी, कनिया और चवनिया जैसे शब्दों के जरिए महिलाएं अपने दिल की इच्छाएं बहुत आसानी से गाकर बता देती हैं। इस लोकगीत की भाषा इतनी साधारण है कि हर उम्र की महिला इससे कनेक्ट कर जाती है।
शरारतों में छिपा लोकगीत
ये लोकगीत महिलाएं एक साथ मिलकर गाती हैं, खासतौर से शादी-ब्याह के मौके पर। ढोलक की थाप और मंजीरे की झंकार पर महिलाएं एक-दूसरे को छेड़ते हुए ये गीत गाती हैं। इन गानों के जरिए महिलाएं अपने पति के साथ शरारत करने की सलाह देती हैं, जैसे अगर वो कहे पटना चलो, तो तुम मना कर देना, क्योंकि ये पूरे दिन का सफर है। तुम सिवान भले चली जाना, क्योंकि वहां तुम्हें साथ में वक्त बिताने का समय मिल जाएगा। ऐसे ही छोटी-छोटी शरारत भरी बातों से ये लोकगीत बना है।
बॉलीवुड का गाना बन मचाई धूम
ओ वुमनिया गाना बनाने के लिए म्यूजिक डायरेक्टर स्नेहा खानवलकर ने कई महीने बिहार के गांवों में बिताए और उन्हें वहां ये लोकगीत सुनने को मिला और इससे इंस्पायर होकर ओ वुमनिया गाना बना। ओ वुमनिया गाने को इस लोकगीत की आत्मा को जिंदा रखते हुए लिखा गया और ये लोगों को काफी पसंद भी आया।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।