आपके चेहरे से खुशी, डर और गुस्सा पहचान सकता है आपका डॉग, Brain Scan में वैज्ञानिकों को मिला सबूत
नई रिसर्च में वैज्ञानिकों ने पाया कि पालतू कुत्ते इंसानों के चेहरे से खुशी, उदासी, डर और गुस्से जैसे भावों में फर्क कर सकते हैं।

वैज्ञानिकों ने की कुत्तों के दिमाग पर नई स्टडी (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। अगर आप भी एक डॉग पैरेंट हैं, तो शायद आपने कभी न कभी यह जरूर महसूस किया होगा कि बिना कुछ कहे भी आपका पालतू कुत्ता समझ जाता है कि आपका मूड ठीक नहीं है। आप उदास हैं तो वह आपके पास आकर बैठ जाता है, खुश हैं तो खुद भी उछल कूद करने लगता है और कई बार डर या बेचैनी के समय आपका साथ नहीं छोड़ता। अब वैज्ञानिकों को भी कुछ ऐसे संकेत मिले हैं, जो बताते हैं कि यह सिर्फ डॉग पैरेंट्स का वहम नहीं हो सकता।
एक नई रिसर्च में सामने आई है जिसमें पता चलता है कि कुत्ते इंसानों के चेहरे पर दिखाई देने वाले अलग-अलग भावों के बीच फर्क कर सकते हैं। दिलचस्प बात यह है कि वे सिर्फ इतना नहीं समझते कि सामने वाला खुश है या परेशान, बल्कि उनके दिमाग की गतिविधि से यह भी संकेत मिला कि वे खुशी, डर, गुस्सा और उदासी जैसे भावों को अलग-अलग पहचान सकते हैं।
कुत्तों के दिमाग को समझने के लिए की गई जांच
इंसानों के चेहरे के अलग-अलग भावों को देखकर कुत्ते क्या समझते हैं, इसका पता लगाने के लिए वैज्ञानिकों ने प्रशिक्षित पालतू कुत्तों के दिमाग की जांच की। सेल प्रेस जर्नल की डॉग पर हुए इस अध्ययन के शुरुआती चरण में आठ कुत्तों को ऐसे लोगों की तस्वीरें दिखाई गईं, जिन्हें उन्होंने पहले कभी नहीं देखा था। इन तस्वीरों में लोगों के चेहरे पर या तो खुशी के भाव थे या उनका चेहरा सामान्य था।
जब कुत्तों को मुस्कुराते हुए चेहरे दिखाए गए, तो उनके दिमाग के कुछ खास हिस्सों में गतिविधि बढ़ी। इनमें टेम्पोरल कॉर्टेक्स और कॉडेट न्यूक्लियस शामिल थे। आसान भाषा में कहें, तो ये हिस्से सोचने-समझने और खुशी महसूस करने की प्रक्रिया से जुड़े माने जाते हैं। यानी इंसान का मुस्कुराता हुआ चेहरा किसी कुत्ते के लिए सिर्फ एक भाव नहीं हो सकता, बल्कि उसके दिमाग में उसका एक अलग और पॉजीटिव असर भी हो सकता है।
आपकी मुस्कान पर खास प्रतिक्रिया दे सकता है आपका डॉग
शोध में खुशी से जुड़े नतीजे वैज्ञानिकों के लिए खासतौर पर दिलचस्प रहे। मुस्कुराते चेहरे देखने पर कुत्तों के दिमाग में जिस तरह की गतिविधि दिखाई दी, उससे शोधकर्ताओं का मानना है कि इंसानों की मुस्कान उनके लिए खास मायने रख सकती है। डॉग पेरेंट्स के लिए यह बात शायद बहुत हैरान करने वाली न हो।
आखिर घर लौटते समय आपका मुस्कुराता चेहरा देखकर आपके डॉग का पूंछ हिलाना या आपका मूड अच्छा होते ही उसका ज्यादा चंचल हो जाना आपने भी कई बार देखा होगा। हालांकि, वैज्ञानिक इन रोजमर्रा के व्यवहारों से आगे जाकर यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि कुत्तों का दिमाग इंसानी भावों को आखिर किस तरह पहचानता और समझता है।
खुशी ही नहीं, डर, गुस्सा और उदासी में भी फर्क
इसके बाद शोधकर्ताओं ने यह जानना चाहा कि क्या कुत्ते केवल खुश चेहरे को पहचानते हैं या दूसरे भावों के बीच भी फर्क कर सकते हैं। इस चरण में 12 कुत्तों को ऐसे चेहरों की तस्वीरें दिखाई गईं, जिन पर खुशी, गुस्सा, डर और उदासी जैसे अलग-अलग भाव थे। उनके दिमाग की गतिविधि का विश्लेषण करने के लिए आधुनिक तकनीक की मदद ली गई। नतीजे भी काफी दिलचस्प रहे। कुत्तों के दिमाग ने सभी नकारात्मक भावों पर एक जैसी प्रतिक्रिया नहीं दी। डर, गुस्सा और उदासी देखते समय उनके मस्तिष्क में गतिविधि के अलग-अलग पैटर्न दिखाई दिए।
यानी बात केवल 'अच्छा मूड' और 'बुरा मूड' पहचानने तक सीमित नहीं है। इस अध्ययन से पहली बार ऐसे संकेत मिले हैं कि कुत्ते अलग-अलग नकारात्मक चेहरे के भावों के बीच भी फर्क कर सकते हैं।
इसलिए शायद आपका डॉग समझ जाता है कि आप परेशान हैं
कई डॉग पेरेंट्स यह महसूस करते हैं कि रोते समय उनका पालतू कुत्ता उनके पास आकर बैठ जाता है या घबराहट के दौरान उन्हें अकेला नहीं छोड़ता। नई रिसर्च इस व्यवहार की पूरी वजह तो नहीं बताती, लेकिन यह जरूर संकेत देती है कि कुत्ते हमारे चेहरे पर बदलते भावों को हमारी सोच से कहीं ज्यादा बारीकी से महसूस कर सकते हैं।
असल जिंदगी में मामला सिर्फ चेहरे तक सीमित नहीं रहता। कुत्ते हमारी शारीरिक भाषा देखते हैं, आवाज के उतार-चढ़ाव को सुनते हैं और गंध के जरिए भी कई तरह की जानकारी लेते हैं। ऐसे में संभव है कि वे हमारे मन की स्थिति समझने के लिए एक साथ कई संकेतों का इस्तेमाल करते हों।
भाव पहचानना और उन्हें इंसानों की तरह महसूस करना अलग है
यहां एक जरूरी बात समझना भी जरूरी है। अगर कोई कुत्ता आपके चेहरे पर उदासी या डर पहचान सकता है, तो इसका यह मतलब नहीं कि वह उस भावना को ठीक उसी तरह समझता या महसूस करता है जैसे कोई इंसान करता है। शोधकर्ता भी इस फर्क पर जोर देते हैं।
दिमाग की जांच से यह पता चल सकता है कि अलग-अलग भावों पर कुत्तों के दिमाग की प्रतिक्रिया बदलती है, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि वे हमारी भावनाओं के पीछे की पूरी वजह भी जानते हैं। इसलिए यह कहना कि आपका डॉग ठीक-ठीक जानता है कि आप किस बात से दुखी हैं, शायद सही नहीं होगा। हां, इतना जरूर कहा जा सकता है कि वह आपके चेहरे और व्यवहार में आए बदलाव को वह भांप लेता है।
हर कुत्ते पर लागू नहीं किए जा सकते ये नतीजे
इस स्टडी की एक सीमा भी है। इसमें शामिल सभी कुत्ते पालतू थे और ऐसे परिवारों में रहते थे, जहां उनका इंसानों के साथ लगातार मेल-जोल होता था। सड़क पर रहने वाले या खुले वातावरण में पलने वाले कुत्तों का सामाजिक माहौल अलग होता है। इंसानों के साथ उनके अनुभव भी अलग हो सकते हैं। इसलिए जरूरी नहीं कि इंसानी चेहरे के भावों पर उनके दिमाग की प्रतिक्रिया भी पालतू कुत्तों जैसी ही हो।
फिर भी, यह रिसर्च इंसान और कुत्ते के रिश्ते को समझने के लिए एक दिलचस्प कदम है। अगली बार जब आपका डॉग आपको ध्यान से देखे, तो हो सकता है वह सिर्फ आपकी तरफ न देख रहा हो, बल्कि आपके चेहरे पर बदलते भावों को भी पढ़ने की कोशिश कर रहा हो।
