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प्यार में रूठी प्रेमिका की शिकायत बयां करता है ये पंजाबी लोकगीत, जगजीत सिंह की आवाज से मिली थी पहचान

Updated: Thu, 13 Aug 2026 12:21 PM (IST)

कोठे ते आ माहिया... ढोलक की थाप पर इस सदाबहार नगमे को गाते हुए पैर तो अपने आप थिरकने लगते हैं, लेकिन क्या कभी नाचते-झूमते आपने गौर किया है कि हर जुबां पर चढ़े इन मशहूर बोलों का असली अर्थ क्या है?

'कोठे ते आ माहिया' के बिना आखिर क्यों अधूरा है पंजाबी गिद्दा? (Image Source: AI-Generated)

'कोठे ते आ माहिया' के बिना आखिर क्यों अधूरा है पंजाबी गिद्दा? (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब शादी वाले घर में ढोलक की थाप गुंजायमान होती है और चूड़ियों की खनक के साथ पंजाबी मुटियारों के गिद्धे की ताल जमती है, तो एक जुबां ऐसी नहीं होती जिस पर यह नटखट सुर न तैरने लगे- 'कोठे ते आ माहिया'।

क्या आपने कभी सोचा है कि हर किसी को थिरकने पर मजबूर कर देने वाले इस टप्पे के पीछे दरअसल वो पुराना, भोला-भाला इश्क छिपा है? वो दौर... जब न मैसेज थे, न वीडियो कॉल, जब मोहब्बत का सबसे हसीन ठिकाना 'घर की छत' हुआ करती थी और मुलाकातों के ताने-बाने छिप-छिपकर बुने जाते थे। यह गीत सिर्फ एक लोकगीत नहीं, बल्कि एक रूठी हुई प्रेमिका के खट्टे-मीठे नखरों और एक आशिक की मासूम मिन्नतों की खूबसूरत दास्तान है। आइए, डिटेल में जानते हैं।

Kothe Te Aa Mahiya Punjabi folk song

(Image Source: AI-Generated)

क्या है 'कोठे ते आ माहिया' का मलतब?

यह गीत मूल रूप से एक पंजाबी 'टप्पा' है। पुराने समय में जब मोबाइल फोन नहीं होते थे तब गांव के घरों की छतें, जिन्हें पंजाबी में 'कोठा' कहा जाता है, ही वह जगह हुआ करती थीं जहां से प्रेमी छिप-छिपकर एक-दूसरे का दीदार करते थे।

जी हां, इस गाने में 'कोठे' का मतलब होता है 'घर की छत', और 'माहिया' का अर्थ है 'प्रेमी या महबूब'। कुल मिलाकर यह लाइन उस प्रेमिका की तरफ से है, जो अपने प्रेमी को दीदार के लिए छत पर बुला रही है।

इन चुलबुले बोलों में छिपी है मीठी-सी झिड़की

इस लोकगीत के बोल भले ही बहुत छोटे और आसान लगते हों, लेकिन इनके पीछे छिपी शरारत और भावनाएं बहुत दिलचस्प हैं। इस गाने की सबसे मशहूर लाइन है:

"कोठे ते आ माहिया, मिलना तां मिल आके, नहीं तां खसमां नूं खा माहिया।"

इन लाइनों का सीधा मतलब है, "मेरे महबूब छत पर आ जाओ। अगर मुझसे मिलना है तो सामने आकर मिलो, नहीं तो जाओ भाड़ में।" यहां यह सिर्फ एक ताना नहीं है, बल्कि उस प्रेमिका की हल्की-सी नाराजगी और प्यार भरा नखरा है जो अपने प्रेमी के इंतजार में बेकरार है और उसे चिढ़ा रही है।

Punjabi Tappe Kothe Te Aa Mahiya Meaning

(Image Source: AI-Generated)

खुशियों और लेडीज संगीत का अहम हिस्सा

इस गाने की धुन इतनी साधारण और शब्द इतने चुलबुले हैं कि यह तुरंत जुबान पर चढ़ जाता है। इसी खासियत ने इसे पंजाब के आंगन और चौपालों से निकालकर बड़े-बड़े उत्सवों और शादियों की रस्मों तक पहुंचा दिया।

जब भी महिलाओं का संगीत या गिद्दा होता है, तो यह गाना उसमें एक अलग ही रंग जमा देता है। यह गीत सिर्फ गाने के लिए नहीं गाया जाता, बल्कि यह हंसी-मजाक करने, एक-दूसरे को छेड़ने और मिलकर खुशियां बांटने का भी एक बेहतरीन जरिया बन चुका है।

कैसे मॉडर्न हुआ पंजाब का यह पारंपरिक गीत

एक वक्त था जब यह गीत सिर्फ पंजाब के गांवों की महिलाओं तक ही सीमित था, लेकिन आज के दौर में यह बड़े शहरों की शादियों और डांस फ्लोर पर भी जमकर बजता है।

इसे नई पीढ़ी और पूरी दुनिया के बीच लोकप्रिय बनाने में कई बड़े कलाकारों का हाथ रहा है। जगजीत सिंह और चित्रा सिंह जैसी गजल गायकों की महान जोड़ी ने भी इसे अपनी मखमली आवाज दी थी, जिससे यह घर-घर में मशहूर हो गया।

इसके अलावा, 2024 में रिलीज हुई फिल्म '2 बैंड रेडियो' के मोशन पिक्चर साउंडट्रैक में भी इस गाने को एक नया रूप दिया गया है, जिसे सम्राट सरकार और पिंकी मैदासानी ने गाया है। इसका मतलब यह है कि यह गीत चाहे ब्लैक एंड व्हाइट का दौर हो या आज का डिजिटल युग, हर जगह अपनी अहमियत बनाए हुए है।

Kothe Te Aa Mahiya Lyrics

(Image Source: AI-Generated)

इजहार का तरीका बदला, पर जज्बात वही

आज भले ही दुनिया बहुत मॉडर्न हो गई है, प्यार का इजहार अब छतों पर नहीं बल्कि वॉट्सऐप और वीडियो कॉल पर होता है, लेकिन 'कोठे ते आ माहिया' जैसी लोक धुनें हमें हमेशा अपनी जड़ों से जोड़कर रखती हैं। यह गीत हमें बताता है कि प्यार में नखरे और मीठी तकरार की अहमियत कभी कम नहीं होती। चाहे किसी गांव का आंगन हो या किसी शानदार बैंक्वेट हॉल का संगीत फंक्शन, यह धुन हमेशा ऐसे ही लोगों को थिरकाती रहेगी।

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