सूख गया है शमी का पौधा? फेंकने के बजाय अपनाएं ये आसान टिप्स, फिर से हो जाएगा हरा-भरा
सनातन धर्म में महत्वपूर्ण शमी के पौधे को सूखने पर फेंकने के बजाय कुछ आसान तरीकों से फिर से हरा-भरा किया जा सकता है। मिट्टी की जांच, पर्याप्त धूप, गर्म ...और पढ़ें

शमी के पौधे को फिर से हरा-भरा करने के टिप्स (Image Source: AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सनातन धर्म में शमी के पौधे का खास महत्व है, कहा जाता है कि इस पौधे को घर में लगाने से नकरतमक ऊर्जा दूर रहती है। ऐसे में ज्यादातर घरों में यह पौधा लगाया जाता है, लेकिन अगर इसकी सही देखभाल न की जाए तो पौधा बढ़ता नहीं है। अगर अपके घर में शमी का पौधा सूख गया है तो कुछ बातों का ध्यान रखकर इसे फिर से हरा किया जा सकता है।
मिट्टी की जांच करें
पौधे की हेल्थ के लिए सबसे जरूरी है मिट्टी, अगर यही ठीक न तो कोई भी प्लांट जल्दी सूख जाता है। इसी वजह से जब पौधा लगाएं तो उसमें चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल न करें। ध्यान रहे कि उसमें थोड़ी मात्रा में बालू भी होना चाहिए। मिट्टी को लंबे समय तक सूखने न दें, याद से पानी देते रहें।
धूप दिखाएं
शमी के पौधे को पर्याप्त धूप की जरूरत होती है, उसे ऐसी जगह रखें जहां सूरज की रोशनी अच्छी खासी पड़ती हो। ध्यान रहे कि तेज दोपहरी से भी पौधे को बचाना है।
गर्मी में खास देखभाल करें
जैसा कि हमने बताया कि तेज धूप से पौधा मुरझा सकता है, इससे बचने के लिए गर्मी के मौसम में पौधे को थोड़ी देर धूप में रखें और उसके बाद छांव में रख दें। साथ ही, मिट्टी भी चेक करते रहें कि कहीं वह सूख तो नहीं रही।
केले का छिलका डालें
केले में पोटेशियम की अच्छी मात्रा होती है, ऐसे में यह पौधे के लिए किसी संजीवनी बूटी से कम नहीं। केले के छिलके पौधे में डालने से पहले उसे तैयार करने की पूरी प्रक्रिया है। सबसे पहले छिलकों को धोकर इसे छोटे-छोटे टुकड़ों में काट लें। फिर इन्हें बर्तन में कम से कम 10 मिनट तक उबालने के साथ इसका पानी छान लें। इस लिक्विड को हफ्ते में दो बार शमी के पौधे में डाला जा सकता है।
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खाद डालें
शमी के प्लांट को जल्दी से हरा-भरा करने के लिए वर्मीकंपोस्ट और गोबर की सड़ी हुई खाद डालें। वहीं, इस बात की भी गांठ बांध लें कि पौधों में खाद कम से कम 40-45 दिनों के गैप पर डालनी चाहिए।
एक टाइम पर बाद गमला बदलें
इस पौधों को फैलने के लिए ज्यादा जगह की जरूरत होती है। अगर पौधा बड़ा हो गया है तो अब समय है उसके गमले को बदलने का और उससे थोड़े बड़े आकार का गमला गमला लाने का।