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    बालकनी छोटी है तो क्या? 12 इंच के गमले में भी लदकर आएगी भिंडी, फॉलो करें 10 आसान टिप्स

    By Meenakshi NaiduEdited By: Nikhil Pawar
    Updated: Tue, 24 Feb 2026 07:07 AM (IST)

    इस आर्टिकल में आप 10 सिंपल टिप्स के बारे में जानेंगे, जिनसे छोटे गमलों में भी ऑर्गेनिक भिंडी उगाई जा सकती है। ...और पढ़ें

    बालकनी में भिंडी उगाने का सबसे आसान तरीका (Image Source: AI-Generated)

    बालकनी में भिंडी उगाने का सबसे आसान तरीका (Image Source: AI-Generated) 

    HighLights

    1. सही किस्म और 12-14 इंच का गहरा गमला चुनें

    2. पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी, 5-6 घंटे धूप जरूरी

    3. नियमित सिंचाई, जैविक खाद, कीट नियंत्रण अपनाएं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। शहरी जीवन में जगह की कमी के चलते लोग अक्सर सोचते हैं कि वेजिटेबल गार्डनिंग संभव नहीं है, लेकिन अगर आपके पास एक छोटी-सी बालकनी है, तो आप वहां भी आसानी से हरी-भरी सब्जियां उगा सकते हैं।

    जी हां, भिंडी ऐसी ही एक पौष्टिक सब्जी है जिसे उगाना बेहद आसान है और इसके लिए बहुत ज्यादा जगह की भी जरूरत नहीं होती। आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कुछ आसान टिप्स के बारे में, जिनकी मदद से आप अपनी बालकनी में फ्रेश ऑर्गेनिक भिंडी उगा सकते हैं।

    how to grow okra in pots

    (Image Source: AI-Generated) 

    गमले में ऐसे उगाएं ढेर सारी भिंडी

    • सही किस्म का चयन करें: छोटी जगह के लिए ऐसी किस्में चुनें जो कम जगह में अच्छे रिजल्ट दें। जी हां, हम ऐसी किस्मों की बात कर रहे हैं, जो कंटेनर गार्डनिंग के लिए उपयुक्त मानी जाती हैं।
    • सही गमले का चयन करें: भिंडी की जड़ें गहरी होती हैं, इसलिए 12 से 14 इंच गहरा गमला या ग्रो बैग लें। गमले के नीचे जल निकासी के लिए छेद जरूर होना चाहिए।
    • मिट्टी की तैयारी: भिंडी को अच्छी जलनिकासी वाली, पोषक तत्वों से भरपूर मिट्टी पसंद है। इसलिए आप 40% गार्डन सॉइल, 30% गोबर खाद और 30% कोकोपीट मिलाकर भिंडी के लिए परफेक्ट मिट्टी तैयार कर सकते हैं।
    • बुवाई का तरीका: बीजों को रातभर पानी में भिगोएं, इससे अंकुरण बेहतर होता है। फिर 1 इंच गहराई में 2-3 बीज प्रति गमला बोएं। अंकुर निकलने के बाद कमजोर पौधों को निकाल दें।
    • पर्याप्त धूप का इंतजाम करें: भिंडी को दिन में कम से कम 5–6 घंटे की सीधी धूप चाहिए होती है। बालकनी में अच्छी धूप वाली जगह का चुनाव करें।
    • नियमित सिंचाई करें: भिंडी को डेली पानी देना जरूरी है, लेकिन मिट्टी में पानी रुकना नहीं चाहिए। गर्मियों में रोज और सर्दियों में 2-3 दिन छोड़कर पानी दें।
    • ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर का यूज करें: हर 15-20 दिन में वर्मीकम्पोस्ट या गोबर खाद डालें। इससे पौधे को आवश्यक पोषक तत्व मिलते रहेंगे।
    • कीट नियंत्रण करें: भिंडी के पौधों पर कीट लग सकते हैं, जैसे एफिड्स या सफेद मक्खी। इनके लिए नीम का तेल छिड़कें या घरेलू कीटनाशक का प्रयोग करें।
    • सहारा दें: जब पौधे 1 फुट से ऊंचे हो जाएं, तो लकड़ी की छड़ी या पतली बांस की स्टिक से सहारा दें जिससे पौधा गिर न जाए।
    • समय पर तोड़ें: भिंडी बोने के 50-60 दिन के अंदर फली आने लगती है। सॉफ्ट और हरी भिंडी को ही तोड़ें, क्योंकि ज्यादा पकी भिंडी सख्त हो जाती है।

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