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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 06, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    नमी के कारण दीवारों पर लग सकती है फफूंद, इन्फेक्शन से बचने के लिए इस तरीके से लगाएं पता

    Updated: Wed, 06 Aug 2025 12:32 PM (IST)

    बारिश के मौसम में नमी बढ़ने के कारण घरों में फफूंद (Mold in House) लगने का रिस्क काफी बढ़ जाता है। फफूंद न सिर्फ आपकी दीवारों और फर्नीचर को नुकसान पहु ...और पढ़ें

    फफूंद का कैसे पता लगाएं? (Picture Courtesy: Freepik)
    फफूंद का कैसे पता लगाएं? (Picture Courtesy: Freepik)

    HighLights

    1. बारिश में नमी के कारण फफूंद लग सकती है
    2. फफूंद के कारण सेहत को नुकसान पहुंच सकता है
    3. कुछ तरीकों से फफूंद का पता लगाया जा सकता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। बारिश का मौसम अपने साथ ठंडक और ताजगी लाता है, लेकिन अगर घर में नमी बढ़ जाए, तो यह फफूंद (Mold) के लिए एक परफेक्ट वातावरण बना सकता है।

    सीलन की वजह से गीली जगहों पर फंगस पनपने लगते हैं, जो धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं और सांस के जरिए हमारे अंदर भी जा सकते हैं। आइए जानें कैसे पता लगा सकते हैं (Mold Check at Home) कि आपके घर में फफूंद तो नहीं लग गई है। 

    फफूंद क्या है और यह क्यों खतरनाक है?

    फफूंद एक प्रकार का फंगस होता है, जो नमी वाली जगहों पर तेजी से फैलता है। यह अलग-अलग रंगों और प्रजातियों में पाया जाता है, जैसे काला, हरा या नारंगी रंग का फफूंद। इनके कारण घर की दीवारें और फर्नीचर को नुकसान तो पहुंचता ही है, लेकिन अगर लंबे समय तक इनके संपर्क में रहा जाए, तो अस्थमा, एलर्जी, सांस की तकलीफ और त्वचा संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। यह बच्चों और बुजुर्गों के लिए ज्यादा हानिकारक हो सकता है।

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    घर में फफूंद लगने के संकेत कैसे पहचानें?

    • रंग से पहचानें- फफूंद अक्सर दीवारों, छतों, बाथरूम या खिड़कियों के आसपास दिखाई देता है। यह धब्बों के रूप में उभरता है, जो रोएंदार या पाउडर जैसे दिख सकते हैं। रंग काला, हरा, सफेद या भूरा भी हो सकता है।
    • गंध से पहचान- अगर आपके घर से सड़ी हुई पत्तियों या गीले कपड़ों जैसी दुर्गंध आ रही है, तो यह फफूंद का संकेत हो सकता है। आपकी नाक एक अच्छा इंडिकेटर है- अगर आपको लगातार दुर्गंध महसूस हो रही है, तो हो सकता है कि आपके घर में फफूंद मौजूद है।
    • स्वास्थ्य समस्याएं- अगर घर में रहने वाले लोगों को अचानक से खांसी, आंखों में जलन, स्किन रैशेज या सांस लेने में तकलीफ हो रही है, तो यह फफूंद के कारण हो सकता है।
    • नमी वाली जगहों की जांच- बाथरूम, किचन, बेसमेंट या दीवारों के कोनों में नमी जमा होने से फफूंद पनप सकता है। अगर पेंट उखड़ रहा है या दीवारें गीली हैं, तो तुरंत इन्हें ठीक कराएं।

    फफूंद से बचाव के उपाय

    • सही वेंटिलेशन- घर में ताजी हवा आने-जाने की जगह बनाए रखें। खिड़कियां खोलें और एक्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें।
    • नमी को कंट्रोल करें- डिह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें।
    • लीक की मरम्मत- पाइप लीक या छत से पानी टपकने की समस्या को तुरंत ठीक कराएं।
    • सफाई- नियमित रूप से बाथरूम, किचन और अन्य नम जगहों को साफ करें।
    • एसी की जांच- एसी के फिल्टर में धूल जम जाती है, जिसमें नमी के कारण फफूंद पनप सकती है। इसलिए अपने एसी की भी समय-समय पर सफाई करवानी जरूरी है।

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