Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    हर टॉपर अपनाता है स्क्रीन-टाइम के ये 6 नियम, पढ़ाई में रहना है हरदम आगे; तो आप भी करें नोट

    Updated: Wed, 28 Jan 2026 06:00 AM (IST)

    क्या आप जानते हैं कि स्क्रीन टाइम आपका भविष्य बना भी सकता है और बिगाड़ भी सकता है? जी हां, अगर आप भी उस 'गिल्ट' वाले चक्रव्यूह से निकलकर टॉपर वाली लिस ...और पढ़ें

    अपनाएं स्क्रीन टाइम के 6 नियम, पढ़ाई में लगने लगेगा मन (Image Source: Freepik)

    अपनाएं स्क्रीन टाइम के 6 नियम, पढ़ाई में लगने लगेगा मन (Image Source: Freepik) 

    HighLights

    1. पढ़ाई करते समय फोन को कमरे से बाहर रखें

    2. हर 20 मिनट बाद 20-20-20 नियम का पालन करें

    3. सोने से एक घंटा पहले डिजिटल डिटॉक्स अपनाएं

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। क्या आपको भी ऐसा लगता है कि जैसे ही आप किताब खोलते हैं, मोबाइल की नोटिफिकेशन आपको अपनी ओर खींचने लगती है? हम अक्सर सोचते हैं कि क्लास के टॉपर्स शायद स्मार्टफोन इस्तेमाल ही नहीं करते होंगे, लेकिन यह सच नहीं है। टॉपर्स फोन का इस्तेमाल तो करते हैं, लेकिन एक खास तरीके से (Screen time rules for students)।

    फर्क सिर्फ इतना है कि टॉपर फोन को कंट्रोल करते हैं, और बाकी छात्रों को उनका फोन कंट्रोल करता है। अगर आप भी अपनी पढ़ाई और फोकस को नेक्स्ट लेवल पर ले जाना चाहते हैं, तो स्क्रीन-टाइम के इन 6 गोल्डन रूल्स को आज ही अपने रूटीन में शामिल करके खुद फायदा देख सकते हैं।

    Student rules

    (Image Source: Freepik) 

    पढ़ाई की टेबल 'नो फोन जोन'

    सबसे पहला और कड़ा नियम है कि जब आप पढ़ने बैठें, तो फोन आपके कमरे में नहीं होना चाहिए। अगर फोन टेबल पर उल्टा भी रखा हो, तब भी हमारा दिमाग बार-बार उसे चेक करने के लिए ललचाता है। टॉपर्स अपना फोन दूसरे कमरे में रखकर आते हैं। याद रखें, "आंखों से दूर, तो दिमाग से दूर।"

    20-20-20 का नियम अपनाएं

    लगातार स्क्रीन पर पढ़ाई करने से आंखें थक जाती हैं और सिर भारी होने लगता है। इससे बचने के लिए टॉपर्स 20-20-20 फॉर्मूला अपनाते हैं- हर 20 मिनट की पढ़ाई के बाद, 20 फीट दूर किसी चीज को देखें, कम से कम 20 सेकंड के लिए। इससे आंखों को आराम मिलता है और आप लंबे समय तक बिना थके पढ़ पाते हैं।

    खबरें और भी

    नोटिफिकेशन का शोर बंद करें

    क्या आप जानते हैं कि पढ़ाई के दौरान एक छोटी सी 'टिंग' या 'बीप' की आवाज आपका ध्यान अगले 20 मिनट के लिए भटका सकती है? जब भी पढ़ने बैठें, फोन को 'Do Not Disturb' मोड पर डालें या इंटरनेट बंद कर दें। जो मैसेज जरूरी होंगे, वे पढ़ाई के बाद भी वही रहेंगे।

    Topper secrets

    (Image Source: Freepik) 

    'टूल' की तरह करें स्क्रीन का इस्तेमाल

    स्मार्ट स्टूडेंट्स जानते हैं कि यूट्यूब या गूगल का इस्तेमाल मुश्किल कॉन्सेप्ट समझने के लिए करना है, न कि रैंडम वीडियो या रील्स देखने के लिए। जब आप स्क्रीन का इस्तेमाल करें, तो एक मकसद के साथ करें- जैसे "मुझे सिर्फ ये टॉपिक समझना है"। जैसे ही टॉपिक खत्म, स्क्रीन बंद।

    सोशल मीडिया के लिए 'फिक्स टाइम'

    सोशल मीडिया बुरा नहीं है, लेकिन उसका बेहिसाब इस्तेमाल बुरा है। इसे खुद को 'इनाम' देने के लिए यूज करें। नियम बनाएं- "अगर मैं अपने दिन के 3 टारगेट पूरे कर लूं, तो शाम को 30 मिनट इंस्टाग्राम चलाऊंगा।" इससे हैप्पी हॉर्मोन पढ़ाई से जुड़ पाएगा, न कि सिर्फ स्क्रॉलिंग से।

    सोने से 1 घंटा पहले डिजिटल डिटॉक्स

    यह सबसे जरूरी नियम है। रात को सोने से ठीक पहले फोन की ब्लू लाइट हमारे दिमाग को जगाए रखती है, जिससे गहरी नींद नहीं आती। और याद रखें, जो आप पढ़ते हैं, वह नींद में ही पक्की याददाश्त में बदलता है। इसलिए, सोने से एक घंटा पहले फोन को खुद से दूर कर दें।

    टेक्नोलॉजी आपकी दुश्मन नहीं है, बस आपको इसका स्मार्ट यूजर बनना होगा। आज ही इन 6 नियमों में से कम से कम 3 को लागू करने का वादा खुद से करें और देखें कि कैसे आपके ग्रेड्स और कॉन्फिडेंस दोनों बढ़ते हैं।

    यह भी पढ़ें- अब पढ़ाई के लिए कमर कसने की बारी, बोर्ड एग्जाम के लिए बच्चों को ऐसे करें तैयार

    यह भी पढ़ें- पढ़ाई में नहीं लगता बच्चों का मन? ध्यान भटकने से रोकने के लिए करें बस 10 छोटे से बदलाव