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    Job Hopping से कितना अलग है 'Lily Padding'? Gen Z की इस नई तरकीब ने उड़ा रखी है कंपनियों की नींद

    Updated: Sun, 08 Mar 2026 11:08 AM (IST)

    'लिली पैडिंग' का मतलब है अपने करियर के शुरुआती दौर में एक सोची-समझी रणनीति के तहत जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलना। ...और पढ़ें

    क्या करियर में लंबी छलांग लगाने का नया सीक्रेट है Lily Padding? (Image Source: AI-Generated)

    क्या करियर में लंबी छलांग लगाने का नया सीक्रेट है Lily Padding? (Image Source: AI-Generated) 

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    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। एक समय था जब लोगों का करियर एक सीधी और शांत राह पर चलता था। वे एक कंपनी में नौकरी शुरू करते थे, सालों तक वहीं रहते थे और धीरे-धीरे तरक्की करते हुए कंपनी के साथ एक लंबा रिश्ता बनाते थे, लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह से बदल रही है। आज के समय में, खासकर Gen Z के बीच एक नया पैटर्न देखने को मिल रहा है।

    वे बहुत ही कम समय में अपने रोल्स, कंपनियां और यहां तक कि इंडस्ट्री भी बदल रहे हैं। इसी नए ट्रेंड को 'लिली पैडिंग' (Lily Padding) कहा जाता है। इसका मकसद किसी एक जगह लंबे समय तक टिकने से पहले नई स्किल्स और फ्लेक्सिबिलिटी हासिल करना है। यह ट्रेंड काम, स्टैबिलिटी और करियर ग्रोथ को लेकर नई पीढ़ी की बदलती सोच का एक बड़ा सबूत है।

    जल्दी-जल्दी नौकरियां बदलती नई पीढ़ी

    Lily Padding trend

    (Image Source: AI-Generated) 

    रैंडस्टैड की एक रिसर्च के मुताबिक, अपने करियर के पहले पांच सालों में एक जेन-जी कर्मचारी औसतन सिर्फ 1.1 साल ही एक कंपनी में टिकता है। अगर इसकी तुलना पुरानी पीढ़ियों से करें, तो मिलेनियल्स करीब 1.8 साल और उनसे पहले की पीढ़ी के लोग शुरुआती दौर में लगभग 3 साल तक एक ही जगह काम करते थे। इसी रिसर्च में यह भी सामने आया है कि हर 3 में से 1 जेन-जी कर्मचारी अगले एक साल में अपनी नौकरी बदलने का प्लान बना रहा है।

    ग्लासडोर के आंकड़े भी इस बदलते वर्क पैटर्न की गवाही देते हैं:

    • लगभग 60% जेन-जी कर्मचारी अपनी मुख्य नौकरी के साथ-साथ 'साइड हसल' भी करते हैं।
    • 68% युवाओं का कहना है कि वे मैनेजमेंट रोल तब तक नहीं अपनाएंगे, जब तक कि इसके लिए उन्हें बहुत ज्यादा सैलरी न मिले।

    इन बातों से यह साफ होता है कि आज के युवा किसी एक संगठन के प्रति वफादार रहने की पुरानी विचारधारा से खुद को कम जुड़ा हुआ महसूस करते हैं।

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    Gen Z career strategy

    (Image Source: AI-Generated) 

    यह बदलाव अभी क्यों हो रहा है?

    वर्कप्लेस पर हो रहे कई बड़े बदलावों ने 'लिली पैडिंग' को जन्म दिया है:

    • फाइनेंशियल स्टैबिलिटी की कमी: आज के समय में दशकों तक एक ही नौकरी करने से नौकरी की सुरक्षा की गारंटी नहीं मिलती। इसलिए, युवा अब 'वफादारी' से ज्यादा खुद को 'रोजगार योग्य' बनाए रखने पर फोकस करते हैं।
    • तेजी से बदलती तकनीक: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल टूल्स और ऑटोमेशन के दौर में चीजें बहुत तेजी से बदल रही हैं। जो स्किल्स आज काम की हैं, हो सकता है कुछ सालों में पुरानी हो जाएं। खुद को अपडेट रखने और नई स्किल्स सीखने के लिए युवा अलग-अलग रोल और इंडस्ट्री का रुख कर रहे हैं।

    कंपनियां क्यों बरत रही हैं सावधानी?

    भले ही यह ट्रेंड युवाओं में आम हो गया है, लेकिन कई इंडस्ट्रीज इसे लेकर आशंकित हैं। आज भी कई सेक्टर्स में किसी कर्मचारी का लंबे समय तक एक ही जगह टिकना उसकी विश्वसनीयता और काम के प्रति लगन को दर्शाता है।

    जब कंपनियां किसी उम्मीदवार के रेज्यूमे में बहुत सारी छोटी नौकरियां देखती हैं, तो उन्हें उसके टिकने पर शक होता है। साथ ही, नए कर्मचारियों को काम पर रखने, उन्हें ट्रेनिंग देने और कंपनी के माहौल में ढालने में बहुत समय और पैसा खर्च होता है। इसलिए, लीडर्स अक्सर ऐसे उम्मीदवारों पर निवेश करने से हिचकिचाते हैं जो जल्दी कंपनी छोड़ सकते हैं।

    Lily padding

    (Image Source: AI-Generated) 

    'लिली पैडिंग' के फायदे और नुकसान

    फायदे:

    • जो कर्मचारी अलग-अलग जगह काम करते हैं, उन्हें नए सिस्टम, टीमों और समस्याओं को सुलझाने के अलग-अलग तरीकों का अनुभव मिलता है।
    • वे अपनी पहचान अपने 'पद' के बजाय अपनी 'काबलियत' और स्किल्स से बनाते हैं।
    • कंपनियों को भी ऐसे कर्मचारियों से नए विचार और दूसरे सेक्टर्स की जानकारी मिलती है, जिससे टीम में इनोवेशन को बढ़ावा मिलता है।

    नुकसान:

    • जल्दी-जल्दी नौकरी छोड़ने से कर्मचारी किसी भी कंपनी का गहरा ज्ञान हासिल नहीं कर पाते।
    • उन्हें बार-बार नई जगह खुद को साबित करना पड़ता है, जिससे मानसिक थकान का खतरा बढ़ जाता है।
    • कंपनियों के नजरिए से देखा जाए, तो लगातार कर्मचारियों के जाने से टीम की स्थिरता बिगड़ती है और भविष्य के लीडर तैयार करना मुश्किल हो जाता है।

    Reference:

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