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    इमोशनल हीलिंग के लिए क्यों जरूरी है घर का मेकओवर... आखिर कैसे दे रहा लोगों को आगे बढ़ने की ताकत?

    Updated: Sat, 14 Feb 2026 10:27 AM (IST)

    जब रिश्ता टूटता है, तो घर की पुरानी दीवारें और कोनों में बसी यादें बोझ लगने लगती हैं। इसी बोझ को हल्का करने के लिए लोग अब 'होम मेकओवर' को थेरेपी की तर ...और पढ़ें

    क्या 'होम मेकओवर' से टूटे दिल में भर सकती हैं नई उम्मीदें? (Image Source: AI-Generated)

    क्या 'होम मेकओवर' से टूटे दिल में भर सकती हैं नई उम्मीदें? (Image Source: AI-Generated)

    HighLights

    1. रिश्ता टूटने पर घर का मेकओवर मानसिक शांति देता है

    2. पुराना सामान हटाना और रंग बदलना पॉजिटिविटी लाता है

    3. यह बदलाव तनाव कम कर जीवन में नई उम्मीदें जगाता है

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। जब कोई रिश्ता टूटता है, तो सिर्फ दिल नहीं टूटता, बल्कि जिस घर में वह रिश्ता पनपा था, उसकी हर दीवार और हर कोना पुरानी यादों का बोझ बन जाता है। दुनिया भर में अब एक अनोखा और दिलचस्प बदलाव देखने को मिल रहा है। रिसर्च और मौजूदा ट्रेंड्स बताते हैं कि तलाक या ब्रेकअप के बाद लोग अब कानूनी सलाह के लिए वकील के पास जाने से पहले, अपने घर को बदलने के लिए इंटीरियर डिजाइनर के पास जा रहे हैं।

    Interior psychology

    (Image Source: AI-Generated)

    'हम' से 'मैं' की ओर बढ़ने का सफर

    घर की सजावट में बदलाव करना केवल सुंदरता बढ़ाना नहीं है, बल्कि यह मानसिक शांति पाने का एक जरिया है। जब दो लोग अलग होते हैं, तो सबसे बड़ी चुनौती खुद को दोबारा खोजने की होती है। घर को नए सिरे से सजाना अपनी जिंदगी पर दोबारा कंट्रोल पाने जैसा है। यह एक ऐसा कदम है जो किसी व्यक्ति को 'हम' की भावना से बाहर निकालकर 'मैं' की ओर ले जाता है। उदाहरण के लिए, कई लोग अब अपनी पसंद के रंगों का चुनाव कर रहे हैं- जैसे गहरा नीला या पीला रंग, जो उन्हें खुद को फिर से महसूस करने में मदद करता है।

    पुरानी यादों को हटाकर ऐसे पाएं सुकून

    घर में रखा पुराना सोफा, बेड या हनीमून के दौरान खरीदी गई कोई भी चीज भावनाओं की सुनामी ला सकती है। इसलिए, 'होम मेकओवर' अब एक थेरेपी बन गया है। जानकार बताते हैं कि जो चीजें पुरानी यादें ताजा करके आपको उदास करती हैं, उन्हें तुरंत बेच देना या दान कर देना ही बेहतर है। दीवारों के रंग बदलना और पुराने फर्नीचर को हटाना शुरुआत में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यही बदलाव आगे बढ़ने की ताकत देता है।

    घर के रंग बदलें, जिंदगी में भरें नई उम्मीदें

    घर के रंग केवल दीवारों की शोभा नहीं बढ़ाते, बल्कि तनाव को कम करने में भी इनका जादुई योगदान होता है। फीकी या सफेद दीवारों की जगह नीले, हरे और चमकीले रंगों का इस्तेमाल घर को पॉजिटिव एनर्जी से भर देता है। इस नई शुरुआत के लिए आप एक 'विजन बोर्ड' तैयार कर सकते हैं, यानी आप भविष्य में खुद को जैसा देखना चाहते हैं, उसी थीम पर घर को सजाएं।

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    अकेलेपन से बचने के लिए दीवारों को खुद पेंट करने के बजाय दोस्तों के साथ मिलकर 'पेंटिंग पार्टी' करें, जिससे यह काम बोझ लगने के बजाय मजेदार बन जाए। नए पैटर्न और ब्राइट कलर्स के साथ किए गए ये प्रयोग मानसिक तनाव को कम करने में बेहद मददगार साबित होते हैं। कुल मिलाकर, रिश्ता टूटने के बाद घर का यह बदलाव सिर्फ सजावट तक सीमित नहीं है, बल्कि यह टूटे हुए दिल को जोड़ने और जीवन को नई उम्मीदों के साथ फिर से शुरू करने का एक बेहद असरदार तरीका बन चुका है।

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