मिट्टी और घास से बनता है राजस्थान का ये देसी फ्रिज, बिना बिजली के खाने को रखता है ठंडा और फ्रेश
गर्मी के मौसम में खाने को ठंडा और ताजा रखने के लिए राजस्थान के कई गांवों में मिट्टी के फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं। ...और पढ़ें

बिना बिजली के काम करता है ये फ्रिज (AI Generated Image)
HighLights
मिट्टी का फ्रिज बिना बिजली के खाने को रखता है ताजा
यह इवेपोरेटिव कूलिंग के सिद्धांत पर करता है काम
राजस्थान की सूखी हवा में सबसे बेहतर काम करता है
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। खाने को फ्रेश रखने के लिए हम फ्रिज का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन क्या आपने कभी सोचा है पुराने समय में जब फ्रिज नहीं हुआ करते थे या बिजली हमेशा नहीं रहती थी, तब लोग कैसे खाने को फ्रेश रखते थे?
राजस्थान में आपको फ्रिज का एक देसी वर्जन देखने को मिल सकता है, जो बिना बिजली के काम करता है। हम बात कर रहे हैं मिट्टी के फ्रिज की। जी हां, आज भी राजस्थान के कुछ गांवों में आपको मिट्टी के फ्रिज देखने को मिल सकते हैं। आइए जानें ये कैसे बनते हैं और कैसे काम करते हैं।
कैसे बनता है मिट्टी का फ्रिज?
इस फ्रिज को क्ले, गोबर और खिपरा खास से बनाया जाता है। मिट्टी से एक मटके के आकार की संरचना बनाई जाती है और इसके अंदर गीली रेत भरी जाती है। इसके ऊपर गाय की गोबर की परत लगाई जाती है और ऊपर से खिपरा खास की लेयरिंग की जाती है। ये इंसुलेशन का काम करते हैं और बाहर की गर्म हवा को अंदर जाने से रोकते हैं।
कैसे काम करता है मिट्टी का फ्रिज?
मिट्टी के फ्रिज के काम करने के पीछे बहुत बेसिक साइंस छिपी हुई है। यह इवेपोरेटिव कूलिंग के नियम पर काम करता है और खाने को ठंडा और फ्रेश रखता है। मटके का आकार देने के बाद इस मिट्टी को पकाया जाता है। जिसके बाद इसमें बेहद बारीक पोर्स रह जाते हैं। जब मटके के फ्रिज में पानी भरा जाता है, तो इन पोर्स के जरिए बहुत थोड़ी मात्रा में पानी रिसकर बाहरी सतह पर आ जाता है।
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जब बाहर की सूखी और गर्म हवा इस गीली सतह को छूती है, तो इवापोरेशन होता है यानी पानी भाप बनकर उड़ने लगता है और मटके के अंदर का तापमान कम होने लगता है। जैसे-जैसे अंदर की गर्मी बाहर खींच ली जाती है, मटके या मिट्टी के फ्रिज के भीतर का तापमान बाहर के वातावरण के मुकाबले कई डिग्री तक गिर जाता है। इसके अंदर रखा सामान या पानी एकदम ठंडा और ताजा बना रहता है।
गर्म हवा करती है ठंडा रखने में मदद
इवापोरेशन का यह नियम तभी सबसे बेहतरीन तरीके से काम करता है जब हवा में नमी कम हो और सूखापन ज्यादा हो। राजस्थान की जलवायु की सबसे बड़ी खासियत यही है कि यहां गर्मियों में हवा बेहद सूखी और गर्म होती है। जितनी सूखी हवा होगी, इवापोरेशन उतनी ही तेजी से होगा और मिट्टी का यह फ्रिज उतनी ही ज्यादा ठंडक पैदा करेगा।
सिर्फ पानी नहीं, सब्जियां भी रहती हैं ताजा
अब केवल गोल मटके नहीं, बल्कि अलमारियों के आकार में भी ये फ्रिज बनाए जाते हैं। इसमें ऊपर एक पानी का टैंक होता है, जिससे पानी धीरे-धीरे रिसकर अलमारी की दीवारों को गीला रखता है। इसके अंदर वाले चेंबर में आप हरी सब्जियां, फल, दूध और छाछ जैसी चीजें को बिना बिजली के बिल्कुल ताजी रख सकते हैं।